Tue Oct 6, 2026 | Updated 12:36 PM IST

40 के बाद रोज करें ये 3 एक्सरसाइज, पेल्विक फ्लोर और कोर दोनों होंगे मजबूत

40 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले बदलाव के लिए पेल्विक फ्लोर और कोर को मजबूत बनाना जरूरी है। ये 3 एक्सरसाइज बढ़ती उम्र में शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती हैं।
Updated:- 2026-08-24, 12:04 IST
3 exercises after 40 to strengthen pelvic floor and core

40 की उम्र के बाद महिलाओं का शरीर कई तरह के बदलावों से गुजरता है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव का असर मसल्‍स, हड्डियों और शरीर के टिश्‍यू पर भी पड़ता है। कुछ महिलाओं को कमर में अकड़न, कोर मसल्‍स में कमजोरी या यूरिन लीकेज जैसी परेशानियों महसूस होने लगती हैं। इसलिए, बढ़ती उम्र के साथ इन बदलावों को समझना और शरीर की देखभाल करना जरूरी है।

पेल्विक फ्लोर और डीप कोर मसल्स शरीर को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाती हैं। पेल्विक फ्लोर मसल्‍स ब्लैडर, आंतों और पेल्विक ऑर्गन्स को सपोर्ट करने के साथ ब्लैडर को कंट्रोल करती हैं। वहीं, मजबूत कोर सही पोश्चर, बैलेंस और डेली एक्टिविटीज को आसान बनाता है।

exercises for 40 plus women

पेल्विक फ्लोर और कोर को मजबूत बनाने वाली 3 एक्‍सरसाइज

40 की उम्र के बाद फिटनेस रूटीन में हल्की स्ट्रेंथ एक्सरसाइज को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इन एक्‍सरसाइज को सही तरीके और रेगुलर करके आप पेल्विक फ्लोर, कोर और शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बना सकती हैं। आइए बैंडेड ग्लूट ब्रिज, साइड क्लैमशेल्स और सीटेड नी ओपनर्स जैसी 3 आसान एक्सरसाइज के बारे में जानते हैं, जिन्हें आप क्षमता और सुविधानुसार रूटीन में शामिल कर सकती हैं। इन एक्‍सरसाइज के बारे में हमें योग एक्‍सपर्ट, लेखक, कॉलमिस्ट और अक्षर योग केंद्र के संस्थापक हिमालयन सिद्ध अक्षर बता रहे हैं।

1. बैंडेड ग्लूट ब्रिज

बैंडेड ग्लूट ब्रिज स्ट्रेंथ एक्सरसाइज है, जो ग्लूट्स, हिप्स और कोर की मसल्‍स पर काम करती है। घुटनों के ऊपर लगाया गया रेजिस्टेंस बैंड हल्का खिंचाव देता है और हिप्स को सही पोजीशन में रखता है।

Banded Glute Bridges

बैंडेड ग्लूट ब्रिज कैसे करें?

घुटनों के ठीक ऊपर मिनी रेजिस्टेंस बैंड लगाएं। पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर रखें। पैरों के बीच हिप्स जितनी दूरी रखें। अब बैंड के खिंचाव के साथ धीरे-धीरे घुटनों को बाहर की ओर करें। एड़ियों पर जोर देते हुए हिप्‍स को ऊपर की ओर उठाएं। ऊपर पहुंचकर हिप्‍स की मसल्‍स को टाइट करें और कमर पर ज्‍यादा जोर न दें। फिर धीरे-धीरे हिप्‍स को नीचे लाएं और इस प्रोसेस को दोहराएं।

बैंडेड ग्लूट ब्रिज के फायदे

  • यह एक्सरसाइज ग्लूट्स और बाहरी हिप मसल्स को मजबूत करने में मदद करती है और कोर की स्थिरता को भी बेहतर कर सकती है।
  • मजबूत ग्लूट्स अच्‍छे पोश्चर, हिप अलाइनमेंट और कमर को सपोर्ट देते हैं।
  • यह चलने, सीढ़ियां चढ़ने और सामान उठाने जैसी डेली के कामों के लिए हिप्स को तैयार करता है।

2. साइड क्लैमशेल्स एक्‍सरसाइज

साइड क्लैमशेल्स एक्‍सरसाइज हिप्स, ग्लूट्स और कोर को मजबूत करने के साथ पेल्विक की स्थिरता बनाए रखती है। इसमें पैरों की स्‍पीड क्लैमशेल के खुलने और बंद होने जैसी होती है।

Side Clamshells

साइड क्लैमशेल्स कैसे करें?

इस एक्‍सरसाइज को करने के लिए एक करवट लेटें और घुटनों को मोड़ें। घुटनों के ऊपर हल्का रेजिस्टेंस बैंड लगाएं। हिप्स को एक-दूसरे के ऊपर रखें और दोनों पैरों को साथ रखें। शरीर के ऊपरी हिस्से को निचले हाथ से सहारा दें। अब पैरों को साथ रखते हुए ऊपर वाले घुटने को धीरे-धीरे उठाएं और फिर नीचे लाएं। अगर आप साइड प्लैंक कर रही हैं, तो हिप्स को धीरे से ऊपर उठाएं।

साइड क्लैमशेल्स के फायदे

  • साइड क्लैमशेल्स ग्लूट्स और हिप्‍स की मसल्स को मजबूत कर सकती है।
  • यह हिप्स और शरीर के निचले हिस्‍से की मसल्‍स के लिए बेस्‍ट एक्‍सरसाइज है।
  • चलने, सीढ़ियां चढ़ने और एक पैर से की जाने वाली एक्‍सरसाइज के लिए भी मजबूत बेस तैयार करती है।

3. सीटेड नी ओपनर्स एक्‍सरसाइज

सीटेड नी ओपनर्स आसानी से की जाने वाली एक्सरसाइज है, जिसे कुर्सी पर बैठकर किया जाता है। यह घुटनों की फ्लेक्सिबिलिटी, पैरों की ताकत और शरीर के निचले हिस्‍से की आरामदायक मूवमेंट को बेहतर बना सकती है। यह लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज पसंद करने वाली महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकती है।

Seated Knee Openers

सीटेड नी ओपनर्स कैसे करें?

इसे करने के लिए एक कुर्सी पर सीधी बैठें और दोनों पैर जमीन पर रखें। जरूरत पड़ने पर कुर्सी के किनारों का सहारा लें। अब एक पैर को थोड़ा ऊपर उठाएं और नीचे वाले पैर को धीरे-धीरे सीधा करें। कुछ सेकेंड इस पोजीशन में रहें और थाइज की मसल्‍स को एक्टिव रखें। फिर पैर को वापस जमीन पर रखें। दोनों पैरों से 10-15 बार दोहराएं।

सीटेड नी ओपनर्स के फायदे

  • यह एक्सरसाइज घुटनों की मूवमेंट को अच्‍छा और क्वाड्रिसेप्स सहित आस-पास की मसल्‍स को मजबूत बना सकती है।
  • यह पैरों की फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ा सकती है।
  • इस एक्‍सरसाइज को आप डेली फिटनेस रूटीन में आसानी से शामिल कर सकती हैं।

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40 की उम्र के बाद ऐसे बनाएं शरीर को मजबूत

इन एक्‍सरसाइज को वॉकिंग, स्‍ट्रेचिंग और ब्रीदिंग और अन्‍य एक्‍सरसाइज के साथ बैलेंस्ड फिटनेस रूटीन में शामिल किया जा सकता है। एक्‍सरसाइज के दौरान कंट्रोल मूवमेंट और सही तरीके से सांस लेना शरीर के प्रति जागरूकता बढ़ाता है। बैंडेड ग्लूट ब्रिज, साइड क्लैमशेल्स और सीटेड नी ओपनर्स हिप्स, पैरों, कोर और पेल्विक एरिया को मजबूत बनाने वाली बेस्‍ट एक्सरसाइज हैं। इन्हें सही फॉर्म और अपनी सुविधा का ध्यान रखते हुए वर्कआउट रूटीन में शामिल किया जा सकता है, ताकि आने वाले सालों में शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखने में मदद मिले।

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Image Credit: AI & Shutterstock

FAQ
क्या सीटेड नी ओपनर्स एक्सरसाइज कमर को भी मजबूत बनाने में मदद करती है?
यह एक्सरसाइज ग्लूट्स, हिप्स और कोर की मसल्‍स को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं, जिससे पोश्चर को भी सपोर्ट मिलता है।
क्या पेल्विक फ्लोर की कमजोरी से यूरिन लीकेज हो सकता है?
पेल्विक फ्लोर की कमजोरी यूरिन लीकेज के कारणों में से एक हो सकती है। अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर या पेल्विक-फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।
क्या 40 की उम्र के बाद एक्सरसाइज शुरू करना सुरक्षित है?
ज्‍यादातर महिलाएं अपनी क्षमतानुसार हल्की एक्सरसाइज से शुरुआत कर सकती हैं। अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या, चोट या लगातार दर्द है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले एक्‍सपर्ट की सलाह लें।
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