जब किसी लड़की की शादी होती है तो वो वेकेशन प्लान करती है, अपना मेकअप, ड्रेसअप आदि देखती है, लेकिन आजकल एक नया ट्रेंड दिख रहा है वो है फाइनेंशियल प्लानिंग सीखने का। लड़कियां फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए अब ज्यादा सजग हो गई हैं और ऐसे में उन्हें और उनके पार्टनर को नए-नए तरीके ढूंढने पड़ रहे हैं जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। भविष्य को लेकर चिंता सभी को होती है और अगर ऐसे में शादी के वक्त से ही हमारी फ्यूचर प्लानिंग हो जाए तो इससे बेहतर और क्या होगा।  

Wealth Aware कंपनी की संस्थापक और एमडी तन्वी केजरीवाल गोयल इसी बारे में बात कर रही हैं। तन्वी ने अपनी फाइनेंशियल नुस्खों की किताब से कुछ कारण और फाइनेंशियल प्लानिंग के कुछ तरीके हमसे साझा किए हैं। तो शादियों के इस सीजन में बात करते हैं नई दुल्हनों की वित्तीय प्लानिंग की और साथ ही साथ बता रही हैं कुछ टिप्स जो नई दुल्हन के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।  

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क्यों नई दुल्हन जुड़ रही है फाइनेंशियल प्लानिंग से? 

इस समय शादी का लहंगा खरीदने और गहनों की शॉपिंग या हनीमून प्लानिंग की तरह ही हो गया है शादी के बाद फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत महसूस होना। लोग बाकायदा शादी से पहले फाइनेंशियल एक्सपर्ट से भी मिल रहे हैं। पर ऐसा क्यों? तन्वी के अनुसार इसके तीन कारण हैं।  

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1. शादी की उम्र बढ़ गई है- 

शादी से पहले लड़कियां काम कर रही हैं और साथ ही साथ अब उनकी शादी की उम्र भी बढ़ गई है। शुरुआत से ही फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस के कारण लड़कियां अपने पैसे और खर्च के मामले में ज्यादा बेहतर हो गई हैं। ऐसे में अगर शादी के बाद पति और पत्नी दोनों को फाइनेंशियल प्लानिंग सही से नहीं आएगी तो ये भविष्य के लिए सही नहीं होगा।  

2. माता-पिता हो रहे जागरुक- 

ऐसी कई शादियों के उदाहरण आपको मिल जाएंगे जहां माता-पिता ने शादी में ज्यादा खर्च न करके बेटियों के लिए सेविंग्स कर दीं। ऐसे में लड़कियों के पास शादी के वक्त से ही कुछ सेविंग्स होती हैं जिसका फायदा उन्हें फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए मिलता है।  

3. लाइफस्टाइल का हो रहा असर- 

लाइफस्टाइल का भी इसमें असर हो रहा है। पहले जहां लड़का-लड़की ज्वाइंट फैमिली में रहते थे तो उन्हें पैसों से जुड़े फैसले नहीं लेने होते थे। अब जहां सभी बड़े शहरों में अलग-अलग रहते हैं वहां उन्हें फाइनेंशियल प्लानिंग की जरूरत ज्यादा होती है।  

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नए जोड़ों को फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए करना चाहिए ये काम-  

1. आय और खर्च का लेखा-जोखा- 

नए जोड़ों को अपनी आय और अपने खर्च दोनों का लेखा-जोखा रखना चाहिए। इसको ट्रैक करने के लिए बहुत सी एप्स मार्केट में मौजूद हैं। जैसे की Moneycontrol, mTrakr और भी बहुत सारी। इससे होगा ये कि उन्हें अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग का लेखा-जोखा मिल जाएगा। शुरुआत में कितना खर्च, कितनी कमाई और कितनी बचत करनी है इसकी जानकारी मिलना बहुत जरूरी है।  

2. किसी एक के लिए निवेश नहीं है- 

अक्सर ये बात नए जोड़े गलत करते हैं कि कोई एक जना सारी इन्वेस्टमेंट करता है और कोई एक पूरे खर्च उठाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। निवेश और खर्च दोनों ही बराबर से करें तभी अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग हो सकती है। किसी एक व्यक्ति को हो सकता है कोई स्कीन ज्यादा अच्छी मिले। या किसी एक व्यक्ति पर टैक्स आदि का बोझ ज्यादा बढ़ जाए और दूसरे की सैलरी पूरी तरह से निवेश में चली जाए। ये सही फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं होगी।

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3. सारे निवेश में नॉमिनी अच्छे से मार्क होने चाहिए-

तीसरी बात जो जोड़ों को ध्यान में रखनी चाहिए वो ये कि उन्हें अपने निवेश में नॉमिनी सही से मार्क करने चाहिए। इससे होगा ये कि भविष्य में अगर आपको अपने बच्चों के लिए अपनी संपत्ती छोड़कर जाती है तो वो भी आसानी से हो जाएगा। 

4. इकट्ठे बैठकर अपने लक्ष्य तय करें-

जोड़ों की फाइनेंशियल प्लानिंग अलग से नहीं हो सकते हैं। दोनों को एक साथ बैठकर ये सोचना चाहिए कि उन्हें क्या-क्या करना है फ्यूचर में। जैसे घर खरीदना है तो उसके लिए कैसे निवेश करें, कार खरीदनी है तो उसके लिए कैसे निवेश करें, EMI ज्वाइंट होगी या फिर सिंगल ये सारी प्लानिंग एक साथ बैठकर करनी चाहिए।