तृप्ति एक प्राइवेट कंपनी में पिछले ढाई साल से जॉब कर रही थी। लेकिन उस कंपनी में पिछले पांच महीनों में उसे जितनी ज्यादा समस्या हुई थी उससे ज्यादा उसे कभी प्रॉब्लम नहीं हुई। वह पिछले पांच महीनों से ऑफिस में बहुत ज्यादा गुस्सा करने लगी थी और उसका काम भी पूरा नहीं होता था। उसने गुस्से को कंट्रोल करने की बहुत कोशिश की थी लेकिन हर चौथे दिन वह अपने गुस्से पर काबू खो बैठती थी। एक दिन उसने इसकी चर्चा अपनी मां से किया तो उसकी मां ने उससे उसके बैठने की दिशा पूछी। तब उसने अपनी मां को बताया कि पांच महीने पहले जब से उसकी सीट चेंज हुई है तब से सारी समस्या शुरू हई है। तब उसकी मां ने उसे उसकी पहली सीट पर या पूर्व दिशा की ओर मुंह कर के बैठने को कहा। 

उसने अगले दिन ही ऑफिस जाकर अपनी सीट चेंज करवाई। पिछले बीस दिन से उसने ऑफिस में गुस्सा नहीं किया है और फिर से उसका काम समय पर होने लगा है। 

ये सब बातें सुनने में लोगों को झूठी और फालतू लगती हैं। लेकिन ये बातें झूठी कभी नहीं होती है। वास्तुशास्त्र का हमारी जिंदगी में काफी महत्व होता है। 

करियर में वास्तुशास्त्र का महत्व

कहा जाता है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है। 

लेकिन उन लोगों का क्या जिनकी सारी मेहनत भी कई बार उनके लिए करियर में तरक्की के रास्ते नहीं खोलती हैं। अक्सर आपको ऐसे कई लोग मिल जाते होंगे जिन्होंने जीवन में सफल होने के लिए काफी कोशिशें की हैं लेकिन उनकी सारी कोशिशें नाकाम हो जाती हैं। ऐसा बहुत से लोगों के साथ होता है। 

अगर आपकी भी सारी कोशिशें नाकाम होते जा रही हैं और मनचाही कामयाबी करियर में नहीं मिल रही है तो एक बार आपको अपने वास्तुशास्त्र पर नजर डालना चाहिए। 

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होती है दो तरह की ऊर्जा 

हममें दो तरह की ऊर्जा होती है- सकारात्मक ऊर्जा और नकारात्मक ऊर्जा।

इस ऊर्जा को हम परिभाषित नहीं कर सकते लेकिन यह हमारे आसपास और हम में भी होती हैं जो हमारे जीवन को काफी हद तक प्रभावित करती है। जब हम सही दिशा में बैठते हैं तो सकरात्मक ऊर्जा हमारे जीवन और करियर को सफल बनाने में मदद करती है। वहीं जब हम गलत दिशा और गलत तरीके से बैठते हैं तो नकारात्मक ऊर्जा, सकरात्मक ऊर्जा पर हावी हो जाती है और हमारे शरीर, मानसिकता और भविष्य पर अपना गलत प्रभाव डालती है। सामान्य व्यक्ति कभी इन ऊर्जाओं में अंतर नहीं कर पाता। वह ये तो समझता है कि उसके साथ कुछ सही नहीं हो रहा। लेकिन जो गलत हो रहा है, उसका कारण क्या है, ये बात उसके समझ में कभी नहीं आती।

वास्तुशास्त्र के सिद्धांत

अगर जब आपकी मुसीबतों का कारण ना समझ आए तो अपने वास्तुशास्त्र पर नजर डालें। वास्तुशास्त्र के अपने कुछ सिद्धांत होते हैं, जिन्हें अपनाकर हम किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। आज हम इन्हीं वास्तुशास्त्र के नियम पर बात करने वाले हैं। 

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पूर्व की ओर सिर 

सोते समय हमेशा पूर्व की तरफ सिर करके सोएं। इससे दिमाग में सकरात्मक ऊर्जा का संचार होता है जो आपको क्रिएटिव और फुर्तीला बनाता है। यह सकरात्मक ऊर्जा आपको करियर में सफलता दिलाने में मदद करती है। 

वहीं ऑफिस में पूर्व की ओर मुंह कर के बैठने से सूरज की रोशनी की ऊर्जा आपमें भी आती है और आप हमेशा खुद को फ्रेश महसूस करती हैं। आपको काम भी जल्दी होता है और आपका दिमाग शांत रहता है। 

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दीवार की तरफ पीठ कर बैठना

घर में पढ़ते समय और ऑफिस में काम करते समय हमेशा दीवार की तरफ पीठ करके बैठना चाहिए। दीवार की तरफ पीठ करके बैठना शुभ माना जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार यह इस बात का सूचक है कि आपके पास एक मजबूत सहारा है। अगर आपको पेंटिग्स का शौक है तो इन दीवार पर पहाड़ों की तस्वीर लगाएं। ये आपके सहारे को और मजबूत बनाएगा।

टिप्स कारगर हैं कि नहीं?

अगर आप वास्तुशास्त्र पर भरोसा नहीं करती हैं तो आज ही ये तो टिप्स आजमाकर देखें और हमें कमेंट में बताएं कि ये कारगर है कि नहीं।  

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