सुंदरता के लिहाज से देखा जाए तो पूरा उत्तराखंड ही बेहद खूबसूत है। चारों तरफ हरियाली और ऊंचे-ऊंचे बर्फ से ढके पहाड़ इस राज्य की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। इसके साथ ही यहां आपको कई भव्य मंदिर भी देखने को मिलेंगे। लेकिन अक्सर लोगों को आपने यह कहते हुए जरूर सुना होगा कि उत्तराखंड देवभूमि है। यानि उत्तराखंड में भगवान का निवास है। ऐसा क्यों कहा जाता है क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है। शायद नहीं, तो आज हम आपको उत्तराखंड को देवभूमि कहे जाने की पीछे का कारण बताएंगे। चलिए जानते हैं इसके बारे में। 

 

महान नदियों की उत्पत्ति

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भारत विविधताओं का देश हैं। यहां आपको रीति-रिवाजों से लेकर खान-पान तक हर चीज अलग-अलग देखने को मिलेगी। साथ ही भारत देश प्राकृति संसाधनों का भी भंडार है। क्योंकि हम भारतवासी नदियों को मां का दर्जा देते हैं, इसलिए नदियां हमारे लिए बेहद मायने रखती है। यहां आपको गंगा से लेकर सरस्वती नदी का संगम देखने को मिलेगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड देवभूमि से होकर कई नदियां गुजरती हैं। इसके साथ ही गंगा जमुना और सरस्वती नदी का उद्धम भी उत्तराखंड से ही होता है। इसके अलावा यहां आकर कई नदियां एक-दूसरे से मिलती भी हैं।

तप के लिए है खास स्थान

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उत्तराखंड को शुरुआत से ही तप करने के लिए सबसे खास स्थान माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पाण्डवों से लेकर कई महान राजाओं ने तप करने के लिए इस भूमि को ही चुना था। सिर्फ यही नहीं ध्यान लगाने के लिए कई ज्ञानी माहत्मा और माहर्षि भी इस जगह पर आते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं कई साधुओं ने इस भूमि पर तप कर सीधा भगवान की प्राप्ति की है। 

ऐसा कहा जाता है कि महाभारत के निशान भारत के अतिंम गांव माणा में दिखाई देते हैं। भारत के लोगों में यह बात बेहद प्रचलित है कि पांडवों ने अपनी स्वर्ग यात्रा के दौरान माणा गांव को पार किया था। यह गांव चमोली जिले में स्थि है। साथ ही भगवान शिव का ससुराल भी उत्तराखंड के दक्ष प्रजापति नगर में है।

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चार धाम हैं उत्तराखंड में

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ऐसा कहा जाता कि मरने से पहले अगर चार धाम की यात्रा कर ली तो जिंदगी सफल हो जाती है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री मंदिर और  गंगोत्री मंदिर चार पवित्र धाम है। साथ ही यह सभी धाम उत्तराखंड में स्थित है। बता दें कि केदारनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जो  उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी नदी के पास गढ़वाल हिमालय श्रृंखला पर स्थित है।

हर साल लाखों की संख्या में लोग इस भव्य मंदिर के दर्शन करते जाते हैं। वहीं बद्रीनाथ मंदिर विष्णु को समर्पित है, जो बद्रीनाथ शहर में स्थित है और यह उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत आता है। यमुनोत्री मंदिर उत्तरकाशी जिले में स्थित है और यह मंदिर देवी यमुना को समर्पित है। इसके अलावा गंगोत्री मंदिर देवी गंगा को समर्पित है जो उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री शहर में स्थित है।

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पर्यटन के लिहाज से

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पर्यटन के लिहाज से भी पूरा उत्तराखंड खास माना जाता है। ऋषिकेश से लेकर औली तक यहां घूमने के लिए कई बेहतरीन जगहें हैं। आपको अपनी जिंदगी मेंएक बार जरूर उत्तराखंड की खूबसूरती से रूबरू होना चाहिए। यहां चारो ओर हरियाली और बर्फ से ढके पहाड़ आपका मन मोह लेंगे। साथ ही भव्य मंदिर से लेकर नदियों तक सारी विविधताओं को समेटे यह राज्य हर किसी के घूमने की लिस्ट में पहले नंबर पर आता है। 

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