भारत की बात करें तो यहां देवी-देवताओं के अंसख्य मंदिर हैं। किसी भी मंदिर में बारे में मालूम कर लीजिए हर मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना ही मालूम चलता है। आप दक्षिण-भारत से लेकर पश्चिम भारत या फिर बिहार तक चले जाएं आपको ऐसे कई मंदिर मिल जायेंगे जिनका इतिहास इतना पुराना है कि उनका उल्लेख वेद और पुराणों में भी मिलता है। आज इस लेख के माध्यम से मैं आपको साउथ-इंडिया से लेकर बिहार तक के ऐसे 4 प्राचीन मंदिरों के बारे में बताने जा रहा हूं जिनका इतिहास हजारों साल पुराना है।

1-मीनाक्षी मंदिर 

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सबसे पहले चलते हैं दक्षिण भारत के शहर तमिलनाडु की तरफ। ऐसा माना जाता है कि ये मंदिर लगभग 6 वीं शताब्दी से भी पहले का है। भारत के साथ साउथ-इंडिया के ऐतिहासिक मंदिरों में से इसे एक माना जाता है। यह मंदिर मदुरई में वैगई नदी के किनारे स्थित है। यह मंदिर धार्मिक स्थल के साथ-साथ खूबसूरत कलाकृति और प्रकृतिक नजारों के लिए भी जाना जाता है।

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2-शरावू महागणपति मंदिर

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कर्नाटक के मैंगलोर शहर के मध्य में स्थित यह मंदिर किसी मिसाल से कम नहीं है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 800 साल से भी अधिक प्राचीन है। गणेश पूजा के दिन इस मंदिर में भक्तों की काफी भीड़ रहती है। मंदिर परिसर में भगवान गणेश के अलावा श्री श्रबेश्वर और नाग ब्रह्मा की मूर्तियां भी प्रमुख हैं।

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3-श्री जगन्नाथ मंदिर

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कर्नाटक के बाद चलते हैं उड़ीसा में और जानते हैं भगवन श्री जगन्नाथ मंदिर के बारे में। इस मंदिर को हिंदू चार धाम स्थल में से एक मानी जाती है। यह मंदिर लगभग 1 हज़ार साल से भी ज्यादा पुरानी मानी जाती है। श्री कृष्ण भक्तों के लिए यह मंदिर बहुत ही खास है। यह मंदिर वास्तुकला की अद्भुत मिसाल के लिए भी जाना जाता है। उड़ीसा में हर साल भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाती है।

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4- मुंडेश्वरी मंदिर

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यह मंदिर बिहार के कैमूर जिले में स्थित है। इस मंदिर को बिहार के सबसे प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर के बारे में यह कहा जाता है कि यह लगभग 1700 साल पुराना है। इस मंदिर में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी मूर्ति है। इस मंदिर के चार प्रवेश द्वार थे, बाद में तीन प्रवेश द्वार को बंद कर दिया। इस मंदिर के आसपास पुरातत्वविदों ने कई बार खुदाई भी की है। मंदिर में भगवान शिव के पंचमुखी शिवलिंग स्थापित है। (विदेशों के भी हर कोने में बसते हैं भगवान शिव)

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