10 अक्टूबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं. नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में विधिवत नौ देवियों की पूजा करने से मनचाही मुराद पूरी होती है। इस अवसर पर HerZindagi.com ने उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित मनीष शर्मा से बातचीत कर जाना कि कौन सी देवी को किस तरह का भोग लगाने से वह खुश हो जाती हैं। 

Navratri nine days nine prasad for devi durga

पहले दिन 

नवरात्र के पहले दिन देवी शैलपुत्री के स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन माता को गाय के दूध से बना घी चढ़ाया जाता है। इसे घर पर ही आप आसानी से बना सकती हैं। इसके लिए आपको एक लीटर गाय के दूध उबालें और फिर उसे ठंडा करें। मलाई जमने पर उसे दूध से अलग करके फ्रिज में रख दें और ऐसा 7 दिन तक करें। 7वें दिन मलाई को कढ़ाई में पकाएं घी अलग हो जाएगा और मावा अलग।

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दूसरे दिन 

नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा की ब्रह्मचारिणी के रूप में पूजा होती है। मातारानी को कोई भी सफेद रंग की मिठाई का आप भोग चढ़ा सकती हैं। हो सके तो आपको काजू की बर्फी का प्रसाद लगाना चाहिए। इसे भी घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। 200 ग्राम काजू लें और उसे पीस कर पाउडर बना लें और फिर उसमें मिल्क पाउडर मिलाए। दूसरी तरफ गैस पर 2 तार की चाशनी तैयार करें। इसके बाद काजू पाउडर को चाशनी में डाल दें और मनचाहे शेप में काट लें। 

तीसरे दिन

आज के दिन देवी चंद्रघंटा को दूध या दूध से बनी चीजें अर्पित करनी चाहिए। गुड़ और लाल सेब भी मैय्या को बहुत पसंद है. ऐसा करने से सभी बुरी शक्तियां दूर भाग जाती हैं।आप इस दिन देवी को दूध से बनी कोई भी मीठी चीज भोग में चढ़ा सकती हैं। वैसे मातारानी को मेवे की खीर बहुत पसंद हैं। इसे बनाने के लिए आपको 5 अलग-अलग मेवों को बारीक काट कर देसी घी में फ्राई करके अलग रखना होगा और बाद में दूध को खौला कर उसमें चीनी और मेवे डालने होंगे। खीर पकने के बाद आप उपर से पिसी हुई इलाइची भी डाल सकती हैं। 

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चौथे दिन 

माता के चौथे स्वरूप यानि इस दिन देवी कुष्मांडा की पूजा होती है।  इनकी उपासना करने से जटिल से जटिल रोगों से मुक्ति मिलती है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस दिन माता को मालपुए का भोग लगाएं। इसे बनाने के लिए मालपुआ बनाने के लिए सबसे पहले दूध में चीनी डालकर एक घंटे के लिए रख दें। तब तक एक बर्तन में आटा छानकर, इसमें सौंफ, इलायची और नारियल का बुरादा डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। जब दूध में चीनी घुल जाए, तो चीनी-दूध के घोल को आटे के मिश्रण में डालकर इसे एक चम्मच से फेंटते हुए मिलाएं। अब एक कड़ाही में घी डालकर, उसे गैस पर गर्म करने रखें। घी गर्म होने के बाद गैस की आंच मध्यम करके, एक बड़े चम्मच में आटे का पेस्ट लेकर, उसे गोल पूरी के आकार में घुमाते हुए घी में डालें और पुआ फ्राई करें। मालपुआ दोनों तरफ से पलट कर लाल होने तक सेकें, इसी तरह सभी पुए बनाएं। 

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पांचवें दिन 

इस दिन देवी स्कंदमाता की की गई पूजा से भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति होती है। नवरात्र के पांचवे दिन देवी को फलों का भोग लगाएं और इसे दान कर दें। इस दिन बुद्धि में वृद्धि के लिए माता को मंत्रों के साथ छह इलायची भी चढ़ाएं।

छठवे दिन 

देवी कात्यायनी की आराधना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है. मीठे पान का भोग लगाकर मां कात्यायनी को प्रसन्न किया जाता है।

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सांतवे दिन 

इस दिन की जाती है कालरात्रि की पूजा। भूत-प्रेतों से मुक्ति दिलवाने वाली देवी कालरात्रि की उपासना करने से सभी दुख दूर होते हैं। माता को लगाएं गुड़ ओर मेवे के लड्डू का भोग।इसे बनाने के लिए 5 तरह के मेवे को बारीक काट लें और देशी घी में फ्राई कर लें। इसके बाद गुड़ को कढ़ाई में डालें और पिघलने पर उसमें कटी हुई मेवा डालें। इसके बाद उसके लड्डू बना लें। 

आंठवे दिन 

नवरात्र के आंठवें दिन महागौरी के स्वरूप का वंदन किया जाता है। इस दिन नारियल का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। घर पर नारियल के लड्डू आसानी से बनाए जा सकते हैं। 1 पैन में कसे हुए गोले को हल्की आंच पर भून लें। इसके बाद इसमें पका हुआ दूध और खोए मिलाएं। फिर इसे तब तक भूने जब तक ये पैन के साइड को न छोड़ दे। थोड़े से घी में बादाम और काजू को फ्राई करें, जिसे बाद में भुने हुए खोए में डालकर अच्छे से मिक्स करें। आखिर में अपनी हथेलियों का इस्तेमाल कर लड्डू बना लें और कसा हुआ गोला लड्डूओं पर रोल कर आपके लड्डू तैयार हो जाएंगे।

नवें दिन 

नवरात्र के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां सिद्धिदात्री को जगत को संचालित करने वाली देवी कहा जाता है। इस दिन माता को तिल के लड्डू का भोग लगाएं। इसे बनाने के लिए एक पैन लें उसमें तेल डालें फिर इसमें तिल डालें। इसे लगातर चलाते रहे जब तक तिल हल्के गोल्डन ब्राउन न हो जाएं। पैन को आंच से हटा लें और भूने हुए तिल को एक प्लेट में निकाल लें। केसर को गर्म दूध में भिगों दें। जिस पैन में तिल भूनें थे उसमें गुड़ को डालकर पिघालें, इसे लगातर तब तक चलाते रहे जब तक वह आधा न रह जाए। इसे आंच से हटा लें। इसके सख्त होने से पहले इसमें केसर वाला दूध डालें और मिलाएं। फिर इसमें मुलायम खोया और तिल डालकर चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिक्स करें। अब अपने हाथ में थोड़ा सा तेल लगाएं और तैयार किए गए मिश्रण से मीडियम आकार के लडूड बनाएं। इसे सर्व करें और घर पर होने वाली पार्टी के दौरान आप इसे स्वीट स्नैक के रूप में भी सर्व कर सकते हैं। आप चाहे तो इसमें ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम हेज़नट्स और अखरोट भी डाल सकते हैं। लेकिन इन्हें हल्का भून लें और क्रश करके मिश्रण में डालें। इसके बाद आप लड्डू बना सकते हैं।

 

  • Anuradha Gupta
  • Her Zindagi Editorial