किचन में कुकिंग के दौरान बेकिंग, टोस्टिंग व ग्रिलिंग आदि कई तरह के प्रोसेस किए जाते हैं और इसके लिए जरूरत पड़ती है ओवन या माइक्रोवेव की। खाना गर्म करने से लेकर कई तरह की डिशेज बनाने में इनका इस्तेमाल किया जाता है। अब हर घर में यह किचन की जरूरत बन चुका है। हालांकि, कई बार जब महिलाएं मार्केट में इन्हें खरीदने जाती हैं तो उन्हें माइक्रोवेव ओवन व ओटीजी ओवन के बीच का अंतर पता ही नहीं चलता और वह किसी भी एक को खरीद लेती हैं।

अंत में, जब वह उनकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता, तो उन्हें निराशा होती है। हो सकता है कि आप भी अपने घर के लिए एक नए अप्लाइंस को लेने का प्लॉन कर रहीं हों, लेकिन आपको ओटीजी ओवन व माइक्रोवेव ओवन में अंतर पता ही नहीं हो। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं, जिससे आपके लिए अपने लिए एक सही अप्लाइंस खरीदना काफी आसान हो जाएगा-

क्या है ओटीजी ओवन

know difference between microwave and otg oven

ओटीजी ओवन वास्तव में ट्रेडिशनल ओवन का एक स्मॉल वर्जन है। ओटीजी का अर्थ है- ओवन, टोस्टर व ग्रिल। इसमें खाने को कुक करने के लिए हीटेड कॉयल का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें थर्मास्टाट होता है, जो तापमान को नियंत्रित करने और खाने को सही तरह से कुक करने में मदद करता है।

इसे भी पढ़ें: होममेड अदरक और लहसुन के पेस्ट को लंबे समय तक कर सकते हैं स्टोर, जानें तरीका

क्या है माइक्रोवेव ओवन

about difference between microwave and otg oven

अगर इसकी परफार्मेंस की बात की जाए तो यह ओटीजी ओवन से कहीं अधिक बेहतर है। माइक्रोवेव ओवन में कुकिंग करते समय आपको अपेक्षाकृत कम समय लगता है। इतना ही नहीं, इसमें आप कुकिंग, ग्रिलिंग व फूड को रिहीट करने के अलावा, बेकिंग व डिफ्रॉस्टिंग आदि भी किया जा सकता है। इतना ही नहीं, इसमें ऑटो कुक फंक्शन इसे इस्तेमाल करने में अधिक आसान बनाता है।

Recommended Video

माइक्रोवेव ओवन व ओटीजी ओवन में अंतर

  • अब अगर आप यह जानना चाहती हैं कि आपको इन दोनों में से किसे चुनें तो आपको इन दोनों के बीच के अंतर के बारे में भी जान लेना चाहिए। यह दोनों अलग-अलग तरह से काम करते हैं। जैसे-,
  • जहां ओटीजी ओवन में खाना इलेक्ट्रिक कॉयल्स की मदद से कुक किया जाता है, वहीं माइक्रोवेव ओवन में खाना कु करने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स का इस्तेमाल किया जाता है।
  • वहीं अगर बेकिंग, टोस्टिंग व ग्रिलिंग की बात हो तो उसके लिए ओटीजी ओवन बेस्ट होते हैं, वहीं बेकिंग, टोस्टिंग व ग्रिलिंग के अलावा खाने को रिहीट व डीफ्रीज करने के लिए माइक्रोवेव ओवन का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि ओटीजी में फूड को रिहीट करने व डीफ्रीज करने का ऑप्शन नहीं होता। 
  • वहीं अगर आपको अधिक मात्रा में खाना कुक करना हो तो इसके लिए ओटीजी ओवन का इस्तेमाल करना अच्छा आईडिया है, क्योंकि इसकी कैपिसिटी माइक्रोवेव ओवन की अपेक्षा कहीं अधिक होती है। इसके अलावा, माइक्रोवेव का रोटेटिंग सरफेस भी छोटा होता है, जिसके कारण आपको माइक्रोवेव में बड़ी डिशेज रखने में समस्या हो सकती है।
  • इसी तरह, अगर प्रीहीटिंग की बात हो तो उसमें भी दोनों का समय अलग-अलग होता है। जहां ओटीजी ओवन को कम से कम 15-20 मिनट के लिए प्रीहीट करना पड़ता है, वहीं माइक्रोवेव ओवन की प्रीहीटिंग में महज 5 मिनट का ही समय लगता है।
  • आप माइक्रोवेव को बतौर ओटीजी ओवन इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि माइक्रोवेव में ग्रिलिंग, बेकिंग का ऑप्शन होता है। जबकि ओटीजी ओवन में रिहीट व डिफ्रॉस्टिंग का ऑप्शन नहीं होता, जिसके कारण ओटीजी ओवन माइक्रोवेव के स्थान पर इस्तेमाल नहीं किए जा सकते हैं।
  • अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।