पिछले कुछ समय में माइक्रोवेव हर किचन की जरूरत बन चुका है। यह खाना पकाने से लेकर बेकिंग, ग्रिलिंग और रीहीटिंग फूड जैसे कई कामों को बेहद आसान बनाता है। इतना ही नहीं, इसमें कुकिंग आदि काफी क्विक और आसान होती है। इसलिए महिलाएं इसका इस्तेमाल करना काफी पसंद करती हैं। लेकिन आपकी किचन में सिर्फ माइक्रोवेव ही नहीं आता, बल्कि उसके साथ आते हैं कई मिथ्स भी। माइक्रोवेव इस्तेमाल करने में भले ही बेहद हैंडी हैं, पर फिर भी उससे जुड़े कुछ मिथ्स के कारण महिलाएं उसका इस्तेमाल करने में हिचकती हैं। हो सकता है कि माइक्रोवेव से जुड़े मिथ्स के कारण आप भी एक अजीब सी कशमकश में हों। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ माइक्रोवेव मिथ्स और उसकी वास्तविकता के बारे में बता रहे हैं। इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मन की सारी उलझनें खुद ब खुद खत्म हो जाएंगी-

मिथ 1- माइक्रोवेव से खाने के पोषण मूल्य कम हो जाते हैं-

 microwave myths inside

सच्चाई- अधिकतर महिलाओं का यह मानना है कि अगर खाने को माइक्रोवेव में पकाया जाए तो इससे उसके पोषक मूल्य कम हो जाते हैं। जबकि वास्तविक सच्चाई यह है कि जब भी भोजन गर्मी के संपर्क में होता है तो विटामिन सी, ओमेगा फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व और कुछ एंटीऑक्सिडेंट खो सकते हैं। लेकिन यह सामान्य रूप से खाना पकाने पर भी लागू होता है, न कि केवल तब जब आप माइक्रोवेव का उपयोग करती हैं।  डब्ल्यूएचओ के अनुसार, माइक्रोवेव में खाना पकाना सुरक्षित है और यह उसी स्तर के पोषक तत्वों के बारे में बनाए रखता है जब आप स्टोवटॉप या ओवन में पकाते हैं।

इसे जरूर पढ़ें: Valentine Day Love Horoscope : जानें वर्ष 2021 का वैलेंटाइन डे आपके लिए रहेगा कैसा

मिथ 2- माइक्रोवेव से होता है कैंसर-

 microwave myths inside

सच्चाई- यह भी एक पॉपुलर मिथ है, जिस पर महिलाएं भरोसा करती हैं और इसलिए वह माइक्रोवेव का इस्तेमाल करने से बचती हैं। हालांकि यह सच नहीं है। आमतौर पर जब हम माइक्रोवेव में लो ग्रेड प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल करते हैं तो उसके केमिकल्स फूड के साथ मिक्स होकर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसलिए आप किस कंटेनर में फूड गर्म कर रही हैं या कुक कर रही हैं, इसका खास ख्याल रखें। वैसे माइक्रोवेव किसी स्वास्थ्य समस्या का कारण नहीं बनते।

इसे जरूर पढ़ें: यूनिक तरीके से सजाना है घर तो Tree Branch का करें कुछ ऐसा इस्तेमाल

मिथ 3- माइक्रोवेव स्टोव से अधिक महंगे होते हैं-

 microwave myths inside

सच्चाई- कुछ महिलाएं सिर्फ इसलिए भी माइक्रोवेव का इस्तेमाल करने से बचती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इनका इस्तेमाल करने से उनका बिजली का खर्च काफी अधिक आएगा। उन्हें लगता है कि यह गैस स्टोव की तुलना में उनकी जेब पर काफी भारी पड़ेंगे। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। माइक्रोवेव वास्तव में पारंपरिक इलेक्ट्रिक या गैस ओवन की तुलना में कम बिजली का उपयोग करते हैं। लसग्ना को स्टोव में पकाने में 50 मिनट लगते हैं लेकिन माइक्रोवेव ओवन में सिर्फ 14 मिनट। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के अनुसार, अपेक्षाकृत कम मात्रा में भोजन गर्म करने पर माइक्रोवेव 80% कम ऊर्जा का उपयोग करता है। माइक्रोवेव का उपयोग करने से बिजली के बिलों में काफी बचत हो सकती है।

Recommended Video

मिथ 4- सभी माइक्रोवेव बेक और ग्रिल कर सकते हैं-

 microwave myths inside

सच्चाई- आज के समय में महिलाएं माइक्रोवेव को सिर्फ खाने को दोबारा गर्म करने के लिए ही नहीं खरीदती हैं, बल्कि वह इससे बेकिंग और ग्रिलिंग आदि करना भी पसंद करती हैं। लेकिन आपको यह जानना चाहिए कि एक बेसिक माइक्रोवेव आपकी इन जरूरतों को पूरा नहीं करता है। इसलिए अगर आप ऐसा माइक्रोवेव चाहती हैं जो कुकिंग टाइम को कम करने के साथ-साथ बेकिंग व ग्रिलिंग आदि भी करे तो ऐसे में आपको माइक्रोवेव ओवन में इनवेस्ट करना चाहिए। बेहतर होगा कि जब आप इसे खरीदने जाएं तो अलग-अलग मॉडल के डिफरेंट फीचर्स पर फोकस करें।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik