बाली का पंडावा बीच। ये बीच घूमते समय मुझे बस यही लग रहा था कि कई लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं है। साउथ कुटा डिस्ट्रिक्ट, बादुंग में ये बीच मौजूद है। ये बीच उलुवातू मंदिर और नौसा दुआ बीच के इतने करीब है, लेकिन लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं। ये फेमस टूरिस्ट स्पॉट बाली उलुवातू मंदिर से 3 किलोमीटर दूर ही है। इसे कुछ समय पहले तक बाली का सीक्रेट बीच कहा जाता था। क्योंकि यहां की लोकेशन थोड़ी अलग है इसलिए यहां ज्यादा टूरिस्ट नहीं आते और कई गाइड भी इसके बारे में नहीं जानते थे।  

बाली ट्रिप पर अगर आप गए हैं तो इस बीच के बारे में जरूर जान लीजिए क्योंकि ये बीच सबसे खूबसूरत बीच में से एक है। इसे सर्फिंग के लिए भी जाना जाता है। नीले रंग के अलग-अलग शेड्स में यहां पानी है। यहां पर टूरिस्ट बस नहीं आएगी न ही पब्लिक गाड़ी मिलेगी। यहां के लिए खुद की गाड़ी बेहतर होगी जो टूर गाइड के साथ होटल वाले दे देते हैं। 1.5 किलोमीटर लंबी रोड से बीच का नजारा साफ दिखता है और यहां ये रोड चट्टानों को काटकर बनाई गई है।  

Bali pandawa beach

इसे जरूर पढ़ें- सस्ते में करनी है बाली ट्रिप तो ये 6 टिप्स कभी न भूलें 

पांडवों के नाम पर रखा गया इस बीच का नाम-  

पंडावा बीच का नाम महाभारत के पांडवों के नाम पर रखा गया है और यहां भीम, युधिष्ठिर, अर्जुन, सहदेव और नकुल की मूर्तियां भी हैं। बाली में हिंदुओं की संख्या कम नहीं है और वहां चौराहों पर भी महाभारत का चित्रण मूर्तियों के तौर पर मिल जाएगा। बाली हिंदुओं में भी महाभारत को माना जाता है। पांडवों के नाम भी इसी बीच में हैं। 

Pandawa beach beauty 

क्या खास है यहां? 

यहां सफेद रेत है। जो भारत के समुद्री किनारे पर देखने को नहीं मिलती है। साथ ही, नीले रंग के कई शेड्स में यहां पानी है। यहां लहरें बहुत ज्यादा तेज़ नहीं होती तो यहां कई तरह की एक्टिविटी भी हो सकती है। बाली की लोकेशन को देखा जाए तो इस बीच से सूर्योदय बेहतरीन दिखता है। ऐसा लगेगा जैसे पानी में सोना घोल दिया गया हो।  

Pandawa Beach

यहां पैराग्लाइडिंग और पैरा सेलिंग भी हो सकती है। इसे बाली सरकार ने अभी शुरू किया है। पहले ऐसा नहीं होता था। इसकी लोकेशन हालांकि, बीच से थोड़ी दूर टिम्बिस हिल पर है। वहां से ग्लाइड करते हुए बीच का खूबसूरत नजारा देखा जा सकता है।  

Pandawa beach inside

क्यों कहा जाता था सीक्रेट बीच-

ये बाली के लोगों के लिए भी सीक्रेट बीच था। क्योंकि ये बीच बहुत ऊंची खड़ी चट्टानों के नीचे था। स्थानीय मछुआरे और समुद्री वीड के किसान यहां जाते थे। अब बाली सरकार ने यहां रोड भी बना दी है और यहां कुछ लोगों ने रहना भी शुरू कर दिया है। यहां रोज़ कई विदेशी पर्यटक आते हैं, लेकिन फिर भी बाकी जगहों पर टूरिस्ट की भीड़ से यहां बचा जा सकता है। 

इसे जरूर पढ़ें- केवल 40,000 रुपये में इन 4 देशों में एक हफ्ते मनाए छुट्टियां 

कैसा रहा मेरा एक्सपीरियंस-

इस बीच को लेकर मेरा एक्सपीरियंस बहुत अच्छा रहा है। यहां शांति भी मिलेगी और लोगों को काफी आराम भी मिलेगा। यहां आएं तो दो-तीन घंटे का समय लेकर आएं। यहां आपको खराब नहीं महसूस होगा। इसी के साथ, यहां आपको कई सारी दुकानें मिलेंगी क्योंकि धीरे-धीरे कमर्शियलाइज हो रहा है ये बीच, लेकिन लोग कम ही होंगे। दुकानों पर सामान बहुत ही महंगा होता है और इसलिए बाकी जगह पर ज्यादा बेहतर शॉपिंग हो जाएगी।

खास तौर पर कुटा बीच के पास जहां अधिकतर होटल रहते हैं। यहां दिन में जल्दी जाने में भलाई है क्योंकि 3-4 बजे (स्थानीय समय) के बाद पहाड़ के पीछे सूरज छुपने लगता है और बीच पर ज्यादा लाइटिंग का इंतज़ाम नहीं है। तो अपना समय इसी के हिसाब से तय करें। आप नॉसा दुआ बीच, उलुवातू मंदिर और पंडावा बीच पर पूरा दिन निकाल सकते हैं। कुल मिलाकर ये ट्रैवल डेस्टिनेशन ट्राई और टेस्ट की हुई है। बाली की ट्रिप करें तो इसे न भूलें।