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बेहद खास है गिरि नदी, उद्गम स्थान और इतिहास के बारे में जानें

अगर आप भी हिमाचल प्रदेश बहने वाली गिरि नदी का उद्गम स्थान, महत्व और उसके इतिहास के बारे में जानना चाहते हैं तो फिर इस लेख को ज़रूर पढ़ें।  
Updated:- 2023-03-18, 11:00 IST
about giri river origin and history

भारत का प्राचीन इतिहास जब भी पढ़ा जाता है तो उसके नदी का जिक्र ज़रूर होता है, क्योंकि प्राचीन काल में अधिकतर लोग नदी के किनारे से बसते थे। इसलिए आज भी भारत की बहुत सी नदियां बहुत मायने रखती हैं।

गंगा, यमुना, कावेरी, सतलुज ऐसी दर्जन से अधिक नदियों को भारत में बेहद ही खास माना जाता है। ये नदियां कई गांव, शहर और राज्य के लिए जीवनदायक का भी काम करती हैं। कई राज्यों में ये नदियां पूजनीय भी हैं।

वैसे हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों से कई नदियां निकलती हैं, लेकिन गिरि नदी एक ऐसी नदी है जो राज्य के लिए बेहद ही खास है। इस लेख में हम आपको गिरी नदी का उद्गम स्थल, महत्व और इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

गिरि नदी का उद्गम स्थल

giri river origin

वैसे तो हिमाचल प्रदेश से कई नदियां निकलती हैं, लेकिन गिरि नदी बेहद ही खास मानी जाती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्य में मुख्य रूप से बहने वाली गिरि नदी हिमालय से निकलती है।

जी हां, हिमाचल के शिमला में मौजूद जुब्बल तहसील में हिमालय की कोटखाई की पहाड़ियों में स्थित गिरीगंगा मंदिर के समीप से निकलती है। गिरीगंगा मंदिर के समीप से निकलने की वजह से इसे गिरीगंगा नदी के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि शिमला से होते हुए यह नदी सोलन जिले प्रवाहित होती है और सोलन के करीब रामपुर घाटी में यमुना नदी में समाहित हो जाती है।

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हिमाचल के लिए क्यों है गिरि नदी?

giri river for himachal

गिरि नदी शिमला के लिए बेहद खास मानी जाती है। जी हां, मुख्य रूप से शिमला में बहने वाली इस नदी का पानी स्थानीय लोगों के लिए जीवनदायी का काम करती है। कई जगहों पर इस नदी का पानी पीने योग्य बनाया गया है।

नदी का पानी हिमाचल प्रदेश में मौजूद वन क्षेत्रों के लिए काफी अहम् मानी जाती है। इसके अलावा नदी के तट पर अनेक तीर्थ स्थल व मंदिर भी स्थित है जहां हजारों सैलानी घूमने के लिए पहुंचते हैं। नदी के किनारे मौजूद गिरि गंगा मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।(काली नदी का उद्गम स्थल और इतिहास)

गिरि नदी की पौराणिक कथा

giri river mythology

गिरि नदी की पौराणिक कथा बेहद दिलचस्प है। जी हां, इस नदी को लेकर लोक मान्यता है कि प्राचीन समय में यहां एक मुनि तपस्या कर रहे थे। मुनि के पास एक कमंडल था जो अचानक गिर गया। उसके बाद मुनि ने कहा हे गंगे अगर तुम आपने मेरे पात्र से गिरना ही कबूल किया है तो आप यहां से गिरीगंगा के रूप में हमेशा बहती रहें। तब से यह नदी इसी स्थान से बहने लगी।(भारत की श्रापित नदियां)

एक अन्य मान्यता है कि वनवास काल के दौरान पांडवों ने इसी नदी के किनारे कुछ समय बिताया था। कुछ लोगों का मानना है कि भगवान परशुराम अपनी मां के साथ यहां झील के किनारे रहते थे।

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गिरि नदी के आसपास घूमने की जगहें

best places around giri river

गिरि नदी के आसपास घूमने के लिए एक से एक बेहतरीन जगहें मौजूद हैं। उद्गम स्थल पर मौजूद गिरीगंगा मंदिर, नदी के किनारे स्थित शिमला रिज़र्व फ़ॉरेस्ट जैसी बेहतरीन जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं। इसके अलावा नदी के किनारे सुखद नेचर का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं।

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