प्राचीन काल से लेकर मध्यकाल तक भारत के अलग-अलग राज्यों में कुछ ऐसे फोर्ट्स, महल, भवन और पैलेस का निर्माण हुआ जिसकी चर्चा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि, विश्व स्तर पर भी होता है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु आदि राज्यों में आज भी मध्यकालीन पैलेस मौजूद है। हरियाणा के हिसार में स्थित फिरोज शाह पैलेस भी इसी क्रम है। इस ऐतिहासिक संरचना को देखने और इसके आसपास मौजूद खूबसूरत जगहों पर घूमने के लिए कई राज्यों से लोग पहुंचते हैं। आज इस लेख में हम आपको फिरोज शाह पैलेस के बारे में करीब से बताने जा रहे हैं, जहां आप भी घूमने जाना चाहेंगे, तो आइए जानते हैं।

फिरोज शाह पैलेस का इतिहास 

firoz shah palace history inside

इस प्रसिद्ध और ऐतिहासिक संरचना के बारे में जिक्र करें तो इसका निर्माण फिरोज शाह की देखरेख में लगभग 1354 ई. में शुरू हुआ था और लगभग 1356 में बनकर तैयार हुआ था। 1356 के बाद इस पैलेस में कई बदलाव किए गए और साथ में दरबारियों के लिए इस पैलेस में कई महलों का भी निर्माण करवाया गया। मध्यकाल में इस पैलेस पर कई बार आक्रमण हुआ जिसके चलते काफी छतिग्रस्त का भी सामना करना पड़ा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस पैलेस को हिसार-ए-फिरोजा के नाम से भी जाना है।

इसे भी पढ़ें: चंडीगढ़ से लगभग 178 किमी की दूरी पर है खूबसूरत हमीरपुर हिल स्टेशन

पैलेस की वास्तुकला 

firoz shah palace history inside

पैलेस की वास्तुकला बेहद ही अद्भुत है। इस पैलेस की कलाकृतियां इलास्मी भी और साथ में भारतीय वास्तुकला का बेजोड़ नमूना भी है। लाल बलुआ पत्थर से निर्मित इस पैलेस में एक मस्जिद भी है, जिसे लात मस्जिद के नाम से जाना जाता है। इस पैलेस में तक़रीबन 20 उंचा एक स्तंभ भी है जो पहले अशोक स्तंभ के रूप में प्रसिद्ध था। इसके अलावा इस पैलेस में अंदर गुर्जरी महल भी है, जिसे फिरोज शाह ने अपनी पत्नी गुर्जरी के लिए बनवाया था। गुर्जरी महल की वास्तुकला देखते ही बनता है।

Recommended Video

पैलेस के अंदर क्या है खास?

firoz shah palace history inside

इस पैलेस के अंदर ऐसी कई चीजें हैं, जो सैलानियों को बेहद ही आकर्षित करती हैं। इस पैलेस के अंदर शाही दरवाजा, तलाकी गेट, मोरी गेट, दिल्ली गेट और नागौरी गेट सबसे फेमस हैं। इसके अलावा एक दीवान-ए-आम, भूमिगत महल, और एक अन्न भंडार स्थल भी है। कई लोगों का यह मानना है कि भूमिगत महल में आज भी करोड़ों की सम्पति मौजूद है, हालांकि, अभी तक इसका को अध्रिकारिक प्रमाण भी नहीं मिला है।

इसे भी पढ़ें: इतिहास प्रेमियों के लिए कर्नाटक का यह शहर है बेहद खास

आसपास घूमने की जगह 

firoz shah palace history inside

सबसे पहले आपको यह बता दें कि फिरोफ़ शाह पैलेस में घूमने के लिए आप सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे के बीच कभी भी जा सकते हैं। आपको यह भी बता दें कि इस पैलेस में घूमने के लिए कई भी प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता है। (हरियाणा की 10 सबसे प्रसिद्ध जगहें) बात करें आसपास घूमने की जगह के बारे में तो आप असीरगढ़ किला,  ऐतिहासिक गांव लोहड़ी ऱाघो और राखीगढ़ी जैसी जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं। घूमने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का माना जाता है।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit:(@wikimedia.org)