पहाड़ों का रुख करना मेरे लिए हर बार एक नए अनुभव जैसा होता है। हर बार लगता है कि उनके बारे में आपने कुछ नया खोजा है, जो पहले कभी न देखा हो। पहाड़ों की यात्रा करने पर कभी भी दोहराव या ऊब का क्षण नहीं आता है। पहाड़ों की यात्रा करना एक सुखद स्पर्श की तरह है। इसी तरह हमारा देश बहुत खूबसूरत माउंटेन रेंजेज से समृद्ध है, जिन्हें देखना वाकई एक शानदार अनुभव हो सकता है।

हिमालय पर्वत से लेकर हरे-भरे पश्चिमी घाट और अरावली पर्वतमाला से लेकर पूर्वी घाट तक, भारत चारों ओर से राजसी पर्वत शृंखलाओं से घिरा हुआ है। इनकी अपनी एक अलग प्राकृतिक सुंदरता, जलवायु और वातावरण है। प्रत्येक पर्वत शृंखला का आनंद लेने के लिए इसकी विशेषता और वहां की अद्भुत चीजों को जानना बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए हम आपको आज 7 पर्वत शृंखलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं ये शृंखलाएं हैं-

  • हिमालयन माउंटेन रेंज
  • अरावली रेंज
  • वेस्टर्न घाट
  • ईस्टर्न घाट
  • सतपुड़ा और विंध्य
  • पूर्वांचल
  • काराकोरम और पीर पंजाली

हिमालयन माउंटेन रेंज

himalayan mountain range in india

यब भारत की सबसे यंगेस्ट माउंटेन रेंज है और अधिकांश उत्तर को कवर करती है और कुल्लू, मनाली, देहरादून जैसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन को कवर करता है। हिमालय पर्वत शृंखला में दुनिया की लगभग हर सबसे ऊंची चोटी है। माउंट कंचनजंगा का भव्य दृश्य, भारत में हिमालय की सबसे ऊंची चोटी, एक प्रमुख आकर्षण है क्योंकि यह ट्रैकिंग, राफ्टिंग और माउंटेनियरिंग के ढेर सारे अवसर प्रदान करता है।

अरावली रेंज

यह भारत का सबसे पुराना माउंटेन रेंज है, जो राजस्थान को कवर करता है और एक सुंदर और अद्भुत लैंडस्केप का दृश्य प्रदान करता है। अरावली रेंज भारतीय जलवायु में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 1722 मीटर की कुल ऊंचाई के साथ गुरु शिखर अरावली रेंज का उच्चतम बिंदु है। यह पर्वतमाला कई पर्यटक आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध है और इस पर्वतमाला पर माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है।

ईस्टर्न घाट

भारत के सबसे बड़े बाघ रिजर्वों में से एक, नागार्जुन सागर-श्रीसैलम बाघ रिजर्व, पूर्वी घाट की नल्लामला पहाड़ियों में ही स्थित है। पालिकोंडा, नल्लामला, वेलिकोंडा, पालनी, शेवरोय, जावादी आदि पूर्वी घाट की प्रमुख पहाड़ियां हैं। इसके अलावा यहां से चार नदिया गोदावरी, महानदी, कृष्णा और कावेरी भी होकर गुजरती हैं।

वेस्टर्न घाट्स

western ghats in india

हरे-भरे खेत, कॉफी के बागान, ऊंची चोटियां, गुफाएं और झरने पूर्वी घाट में फैले हुए एक सुंदर दृश्य बनाते हैं। पश्चिमी घाट 1600 मीटर लंबी पर्वत श्रृंखला है जो दक्षिण भारत में गुजरात से कन्याकुमारी तक चलती है। यह कावेरी, महानदी, गोदावरी और कृष्णा नदियों से होकर गुजरती है। विशाखापत्तनम में प्रसिद्ध अराकू घाटी इस पर्वत शृंखला का एक हिस्सा है। पश्चिमी घाट यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक है और इसमें बड़ी जैव-विविधता है।

इसे भी पढ़ें : भारत की समृद्ध विरासत को जानना हो, तो इन 6 म्यूजियम की सैर करना न भूलें

सतपुड़ा और विंध्या

सतपुड़ा और विंध्य श्रेणी मध्य भारत में स्थित है और ये दोनों पर्वतमाला एक-दूसरे के समानांतर चलती हैं। इन दोनों में से, सतपुड़ा श्रेणी लंबाई में अधिक है और नर्मदा और ताप्ती जैसी नदियों का स्रोत है। सतपुड़ा और विंध्य दोनों मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के साथ-साथ गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में स्थित है। पंचमढ़ी, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और अमरकंटक जैसे कुछ लोकप्रिय स्थान यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।

इसे भी पढ़ें : एस्ट्रोनॉमी को समझना हो तो भारत के इन बेस्ट Planetariums की करें सैर

पूर्वांचल

पूर्वांचल रेंज या पूर्वी पर्वत शृंखला में तीन भाग शामिल हैं: पटकाई-बम हिल, गारो-खासी-जयंतिया हिल्स और लुशाई हिल (मिजो हिल)। मेघालय में मौसिनराम इन पहाड़ियों के कारण पृथ्वी पर सबसे गीला स्थान है और यह खासी हिल में स्थित है। यह रेंज जंगलों, घाटियों और आकर्षक चाय बागानों से घिरा है, जो एक शानदार नजारा बनाता है।

काराकोरम और पीर पंजाल

pir panjal and karakoram range in india

काराकोरम रेंज, जिसकी लंबाई 500 किमी है, पृथ्वी की कई सबसे बड़ी चोटियों को समेटे हुए है। K2, दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी, 8,611 मीटर पर काराकोरम रेंज में स्थित है। बियाफो और सियाचिन ग्लेशियर इन पर्वत शृंखलाओं का हिस्सा हैं, जबकि झेलम, रावी और चिनाब जैसी नदियां इनसे होकर बहती हैं। हिंदू-कुश, काराकोरम रेंज का एक विस्तार अफगानिस्तान में चलता है। पीर पंजाल रेंज भारत में हिमाचल प्रदेश से शुरू होकर हिमालय की दक्षिणी दिशा में स्थित है और उत्तर-पश्चिम में जम्मू और कश्मीर के विवादित क्षेत्र की ओर चल रही है।

Recommended Video

सरकार और स्थानीय अधिकारियों द्वारा किए गए कई प्रयासों के कारण, इनमें से अधिकांश जगहों पर आप आसानी से पहुंच सकते हैं, हालांकि कुछ जगहों के लिए आपको कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। मगर इन शृंखलाओं के मनोरम दृश्य आपके मन को खुश कर देंगे। अक्टूबर से अप्रैल के महीनों में इन पर्वतमालाओं की यात्रा करना अच्छा है, क्योंकि मौसम अच्छा और सुहाना रहता है और खुले आसमान में इनकी प्राकृतिक सुंदर मन मोह लेती है। यह लेख आपको कैसा लगा हमारे फेसबुक पेज पर कमेंट कर बताएं। यह लेख पसंद आया तो इसे लाइक और शेयर करें और इस तरह के लेख पढ़ने के लिए विजिट करते रहें हरजिंदगी।

Image Credit: wikipedia, wanderlust, tripoto & ipinimg