क्या आपको चांद-सितारों में दिलचस्पी है? क्या आप अक्सर आसमान में देखकर इनके बारे में सोचते रहते हैं? तारामंडल किसी भी समाज का एक अभिन्न अंग है जो अंतरिक्ष अन्वेषण को महत्व देता है और एस्ट्रोनॉमी की ओर एक अंतर्निहित झुकाव रखता है। क्या आप जानते हैं कि भारत में  लगभग 30 तारामंडल, देश के बड़े-बड़े शहरों में स्थित हैं। इनमें से कुछ एशिया की सबसे बड़ी और नवीनतम तकनीकों में से एक हैं। अगर आप भी इसमें दिलचस्पी रखते हैं तो हम आपको भारत के कुछ चुनिंदा तारामंडल के बारे में बताने जा रहे हैं। 

बिड़ला तारामंडल, हैदराबाद

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विज्ञान के प्रति उत्साही लोगों को बिड़ला तारामंडल अवश्य जाना चाहिए। बच्चों को बाहर ले जाने के लिए यह एक अच्छी जगह है क्योंकि यह ब्रह्मांड और आकाशगंगा में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। एक सूचनात्मक जगह होने के अलावा, यह एक मजेदार जगह भी है। तारामंडल के अंदर की स्क्रीन तीन अलग-अलग भाषाओं जैसे हिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु में ग्रह के बारे में जानकारी प्रदान करती है।बिड़ला तारामंडल का समय सुबह 11:30 से रात 8 बजे के बीच है। स्काई शो की अवधि लगभग 35 मिनट है।

गुवाहाटी तारामंडल

गुवाहाटी तारामंडल असम और भारत के पूरे उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में खगोलीय अनुसंधान का अपनी तरह का एक केंद्र है। तारामंडल जापानी गोटो जीएक्स उपकरण का उपयोग करता है। हार्डवेयर में जीएक्स स्टारफील्ड प्रोजेक्टर, साठ विशेष प्रभाव प्रोजेक्टर, और स्काई थियेटर की साउंड सिस्टम इसमें शामिल है।यह बाह्य अंतरिक्ष के कम जानकारी वाले रहस्य पर रोशनी डालता है। दैनिक नियमित शो दोपहर 12 बजे और दोपहर 3 बजे का है। बच्चों के लिए स्पेशल स्लॉट्स बुक किए जाते हैं।

इंदिरा गांधी तारामंडल, पटना

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इंदिरा गांधी तारामंडल, जिसे तारामंडल और पटना तारामंडल भी कहा जाता है, देश के सबसे बड़े तारामंडल में से एक है। यहां पूरे दिन खगोल विज्ञान पर फिल्म शो के साथ.साथ खगोल विज्ञान और आकाशगंगाओं से संबंधित कई प्रदर्शनी लगाई जाती है।  इस तारामंडल की नींव वर्ष 1989 रखी गई थी और इसका उद्घाटन वर्ष 1993 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा किया गया था। दैनिक नियमित शो दोपहर 10 बजे और दोपहर 3 बजे का है।

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नेहरू तारामंडल, दिल्ली

नेहरू तारामंडल का उद्देश्य खगोल विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देना है। दिल्ली में नेहरू तारामंडल जवाहरलाल नेहरू की स्मृति में बनाया गया है और यह उनके पहले के आधिकारिक निवास पर स्थित है। कई शो आयोजित किए जाते हैं, जिनमें से प्रत्येक 30 से 40 मिनट की अवधि तक चलता है। स्कूल समूहों के लिए विशेष शो आयोजित किए जाते हैं। रवरी और अगस्त के महीनों में खगोल विज्ञान प्रश्नोत्तरी और कला प्रतियोगिताएं भी होती हैं। यदि आप खगोल विज्ञान के प्रशंसक हैं या ब्रह्मांड के रहस्यों के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं, तो यह वह जगह है जहां आपको आना चाहिए।

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पठानी सामंत तारामंडल, भुवनेश्वर

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अंतरिक्ष, खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए स्थापित, पठानी सामंत तारामंडल भुवनेश्वर शहर के सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक है। इसका नाम खगोलशास्त्री पठानी सामंत के नाम पर रखा गया है। यह विभिन्न खगोलीय उपकरणों को भी प्रदर्शित करता है। आप चाहें तो यहां रात्रिकालीन आकाश दर्शन, पोस्टर प्रदर्शनी और ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रमों जैसी विभिन्न गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। यहां जाने का समय सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक है।

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ये तो कुछ चुनिंदा लोकप्रिय तारामंडल हैं, लेकिन जैसा हम आपको बता चुके हैं कि भारत में कई अन्य तारामंडल भी मौजूद हैं। उनके बारे में फिर कभी, हमें उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। इसे लाइक और शेयर करें और ऐसे ही रोचक लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।

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