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इन 5 भारतीय आलू के किस्मों के बारे में कितना जानते हैं आप

घरों में आलू की सब्जी तो होती ही है, जिससे कई सारे डिशेज बनाई जाती है। भारतीय सब्जियों का राजा आलू, इसके कई सारे किस्में होती हैं, ऐसे में आज हम आपको आलू के कुछ प्रमुख किस्मों के बारे में बताएंगे। <div>&nbsp;</div>
Updated:- 2023-07-31, 13:30 IST
best potato variety in india

रसोई में सब्जियों का राजा आलू जिसके बिना सब्जी का स्वाद अधूरा होता है, इसकी खूब सारी किस्में भारत में प्रसिद्ध हैं। पहाड़ी से लेकर पठारी, लाल से लेकर सफेद तक, कई सारे किस्में किचन में डिशेज और रेसिपी के लिए यूज की जाती है। आलू में 80-90 परसेंट तक स्टार्च होता और यह एक ऐसी सब्जी है जिसे बिना फ्रिज के महीनों तक स्टोर कर सकते हैं। ऐसे में आज के इस लेख में हम आपको आलू के 5 प्रमुख किस्मों के बारे में बताएंगे।

कुफरी अलंकार

यह आलू भारत के उत्तरी क्षेत्र में उगाई जाती है और यहां इसकी अच्छी पैदावार होती है। यह आलू की उन्नत किस्म में से एक है जो कि पर हेक्टेयर 200-250 क्विंटल तक अच्छी उपज होती है। इसकी अच्छी पैदावार होती है साथ ही जल्दी तैयार भी हो जाती है। यह 65-70 दिनों में बाजार में आ जाती है।

कुफरी गंगा

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कम समय में अधिक फसल देने वाली आलू की प्रमुख किस्म में से एक। यह आलू पर हेक्टेयर 250-300 क्विंटल तक फसल देती है। कुफरी आलू 70-80 दिनों में अच्छे से तैयार हो जाती है। इस किस्म की फसल के लिए उत्तर भारतीय मैदानी क्षेत्र बढ़िया है।

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कुफरी बहार

उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र के लिए बहार आलू की यह किस्म बेस्ट है। यह 90-100  दिनों में तैयार हो जाती है। इसकी दूसरी किस्मों को तैयार होने में 120-135 दिनों तक में भी होती है। बाकी आलूकी किस्मों से थोड़ा कम यह प्रति हेक्टेयर करीब 200-250 क्विंटल तक फसल देता है। 

कुफरी देवा

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आलू की यह किस्म भारत के मैदानी और पहाड़ी दोनों इलाकों के लिए बढ़िया है। यह दोनों ही क्षेत्रों में अच्छी पैदावार देती है। कुफरी देवा के बीज को लगाने के बाद या 120-130 दिनों में तैयार होती है और 300-400 क्विंटल तक पर हेक्टेयर में उगती है।

कुफरी स्वर्ण

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दक्षिण भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में इस स्वर्ण आलू की खेती की जाती है। दक्षिण भारतके पहाड़ी इलाके में इसकी उत्पादन अच्छी होती है और 105-110 दिनों में यह आलू तैयार हो जाती है। इसके उपज की बात करें, तो यह 300 क्विंटल तक प्रति हैक्टेयर में होती है। इस आलू में एक कमी यह है कि यह बाकियों से जल्दी खराब होती है। इसे ज्यादा दिनों तक स्टोर नहीं कर सकते हैं।

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ये रही भारत में मिलने वाली उन 5 किस्मों के आलू के बारे में कुछ जानकारी। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Freepik

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