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भक्तों के लिए खुला भारत का सबसे भव्य मंदिर, जानें इसकी खासियत

1200 करोड़ की लागत से तेलंगाना राज्य में बना यदाद्री मंदिर 28 मार्च 2022 से भक्तों के लिए खुल चुका है। इस भव्य मंदिर का दर्शन करने जरूर जाएं।
Published -31 Mar 2022, 16:47 ISTUpdated -31 Mar 2022, 19:23 IST
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  • Published -31 Mar 2022, 16:47 ISTUpdated -31 Mar 2022, 19:23 IST
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yadadri temple telangana

साल 2014 में आंध्र प्रदेश से तेलंगाना अलग होने के बाद यहां पर एक भव्य मंदिर की कमी थी, जैसे आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर है, वैसे ही एक मंदिर के लिए तेलंगाना सरकार ने पौराणिक महत्व को नजर में रखते हुए यदाद्री लक्ष्मी-नृसिंह मंदिर बनाने का एलान किया था और 2016 में इस योजना को मंजूरी मिली थी। भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार को समर्पित  इस मंदिर की चर्चा हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक स्कंद पुराण में मिलती है। इसकी विशालता और समृद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हजारों साल पुराना यह मंदिर पहले 9 एकड़ में था और अब इसे 1900 एकड़ भूमि पर भव्य रूप दिया गया है।

हैदराबाद से करीब 60 किमी की दूरी पर स्थित यह मंदिर भारत के सारे मंदिर की भव्यता को चैलेंज करता हुआ नजर आता है। इसके लिए आर्किटेक्चरों ने करीब 1500 नक्शों और योजनाओं पर काम किया है। इस मंदिर में 39 किलो सोने और करीब 1753 टन चांदी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी योजना पर अभी काम चल रहा है, लेकिन फिलहाल भक्तों के लिए यह भव्य मंदिर 28 मार्च 2022 से खुल गया है। करीब 1200 करोड़ की लागत से बने इस मंदिर का तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को उद्घाटन किया। अब यह मंदिर भक्तों के लिए खुल चुका है। अगर हैदराबाद जाने का प्लान कर रहे हैं तो इस मंदिर का दर्शन जरूर करें।

 

मंदिर का निर्माण

temple in telangana

अयोध्या में बन रहे भारत के ऐतिहासिक राम मंदिर का अनुमानित खर्च लगभग 1100 करोड़ बताया गया है, वहीं यदाद्री मंदिर प्रोजेक्ट पर तेलंगाना सरकार 1200 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। बताया जा रहा है अब तक लगभग 1000 करोड़ रूपये खर्च भी हो चुके हैं। ब्लैक ग्रेनाइट स्टोन से बनने वाला यह मंदिर बीते 100 साल में दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर है। इसका निर्माण पूरी तरह शास्त्रों के मुताबिक किया गया है। काफी मजबूती से इस मंदिर का निर्माण किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि लगभग 1 हजार साल तक इसे कुछ नहीं होगा। इसकी सुंदरता ऐसी कि पुराने महलों को भी पीछे छोड़ दे। इस मंदिर की परिकल्पना हैदराबाद के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट 'आनंद साईं' ने की है।

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मंदिर के रक्षक हनुमान 

इस मंदिर के मुख्य द्वार पर भगवान हनुमान की खड़ी प्रतिमा बनाई गई है। इस कारण से इन्हें मंदिर का मुख्य रक्षक देवता माना गया है। मंदिर की भव्यता का अंदाजा आप यहां स्थापित प्रतिमा से भी लगा सकते हैं।

 

मंदिर की भव्यता

biggest temple

12 फीट ऊंची और 30 फीट लंबी गुफा में स्थापित यह मंदिर जमीन से 510 फीट की ऊंचाई पर यदाद्रीगुट्टा पहाड़ी पर स्थित है। इस गुफा में ज्वाला नृसिंह, गंधभिरंदा नृसिंह और योगा नंदा नृसिंह की मूर्तियां हैं। वैष्णव पंथ पर आधारित इस मंदिर का निर्माण पंचरथ शास्त्रों के अनुसार किया गया है। इस पुराने मंदिर के गर्भगृह में कोई बदलाव नहीं किया गया और बाकि एरिया को पूरी तरह बदला गया है। इस मंदिर का पहला पिलर 2016 में डाला गया था। आपको बता दें कि इस मंदिर के निर्माण में सीमेंट नहीं बल्कि चूने का इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर की वजह से इस मंदिर में गर्मी में ठंड और ठंड में गर्मी महसूस होगी। इस मंदिर में 6 द्वार बनाए गए हैं और हर द्वार पर सोने के कलश को स्थापित किया गया है। यदाद्री मंदिर की वास्तुकला द्रविड़, पल्लव, चोल, चालुक्य और काकतीय शैली पर आधारित है।

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बाल दान की है सुविधा

यदाद्री मंदिर में तिरुपति बालाजी की तरह ही बाल दान की सुविधा है। इसके लिए जगह इतनी बड़ी है कि 300 लोग एक साथ बाल दान कर सकते हैं। साथ ही स्नान करने के लिए एक पुष्करणी का निर्माण किया गया है, जहां एक साथ 300 लोग स्नान कर सकते हैं।

 

पर्यटकों के लिए सुविधाजनक

telangana temple

पर्यटकों के लिए अलग-अलग तरह के गेस्ट हाउस और वीवीआईपी लोगों के लिए प्रेसीडेंशियल विला का भी निर्माण किया गया है। तिरुपति बालाजी मंदिर की तरह यहां भी प्रसाद में लड्डू मिलेंगे, जो मशीनों से तैयार किए जाएंगे। साथ ही इस मंदिर में गरीबों के लिए मुफ्त भोजन के लिए जगह भी दी जाएगी।

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21 मार्च से 28 तक पुराणों के अनुसार हवन कराने के बाद 28 मार्च को यह मंदिर भक्तों के लिए खोल दिया गया है। आपको भी एक बार इस मंदिर का दर्शन जरूर करना चाहिए। 

 

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