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    तस्वीरों में देखिए दुनिया के 10 सबसे भव्य मंदिरों की एक झलक, भारत नहीं इस देश में है सबसे बड़ा मंदिर

    क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर कौन से देश में स्थित है? आज हम बात करते हैं दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों की। 
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    Published - 09 Mar 2021, 13:11 ISTUpdated - 09 Mar 2021, 13:44 IST
     temples in the world

    क्या आपको पता है कि दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर कहां है? अक्सर लोगों को लगता है कि भारत में ही सबसे बड़े मंदिर हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। कंबोडिया, बाली, श्रीलंका और यहां तक कि अमेरिका में भी बड़े मंदिर हैं और आपको जानकर शायद आश्चर्य होगा कि दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर कंबोडिया में है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। आज हम आपको दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं। तो चलिए करते हैं विश्व की सैर-

    नोट: इस लिस्ट में सिर्फ हिंदू मंदिर शामिल हैं, बौद्ध, जैन, मायन, ग्रीस आदि मंदिरों के बारे में हम आगे की सीरीज में बताएंगे। 

    1अंगकोर वाट

    . angkor wat

    एरिया- 1,626,000 मीटर स्क्वेयर

    शहर- अंगकोर

    देश- कंबोडिया

    कंबोडिया का अंगकोर वाट मंदिर 162.6 हेक्टेयर में फैला हुआ है और ये दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल है अगर सिर्फ साइज को देखा जाए तो। इसे 12वीं सदी के राजा सूर्यवरमान द्वितीय ने बनाया था। उस समय से लेकर अभी तक ये सबसे बेस्ट प्रिजर्व्ड साइट है। पहले इसे हिंदू धर्म में विष्णु की पूजा के लिए बनाया गया था फिर यहां बौद्ध धर्म के लोगों का भी आना जाना होने लगा और अब ये दोनों ही धर्मों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। 

    2स्वामीनारायण अक्षरधाम

    . new jersy akshardham

    एरिया- 660,000 मीटर स्क्वेयर

    शहर- न्यू जर्सी

    देश- अमेरिका 

    श्री स्वामीनारायण मंदिर अमेरिका के सेंट्रल न्यूजर्सी के रॉबिन्सविल इलाके में स्थित है। इसे BAPS स्वामीनारायण संस्था ने बनवाया है और इस मंदिर की भव्यता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यहां इटैलियन करारा मार्बल लगाया गया है और इसकी नक्काशी हाथों से की गई है। इसके अलावा, यहां पर टर्किश लाइमस्टोन पत्थर और भारतीय गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के 2000 कारीगरों ने मिलकर इस मंदिर के हिस्सों को बनाया है और उसके बाद मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों को न्यूजर्सी ले जाकर भव्य आकार दिया गया है। 

    3श्री रंगनाथस्वामी मंदिर

    . rangnathswami temple

    एरिया- 631,000 मीटर स्क्वेयर

    शहर- तिरुचिरापल्ली

    देश- भारत

    इस मंदिर को दुनिया के सबसे बड़े कामकाजी हिंदू मंदिर के रूप में जाना जाता है जहां पूजा अर्चना से लेकर आरती तर सभी कुछ होता है। ये भारत का सबसे बड़ा मंदिर है और दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों में शुमार है। ये मंदिर 7 दीवारों से घिरा हुआ है जो 9.6 किलोमीटर तक फैली हुई हैं। इस मंदिर परिसर के अंदर 49 धार्मिक स्थलों को बनाया गया है जो सभी भगवान विष्णु को समर्पित हैं। इस मंदिर परिसर के अंदर ही आपको होटल, रेसिडेंशियल प्लेस, फूल बाज़ार, रेस्ट्रॉं आदि सब कुछ मिल जाएगा। 

    4छतरपुर मंदिर

    . chatarpur temple

    एरिया- 280,000 मीटर स्क्वेयर

    शहर- दिल्ली

    देश- भारत

    1974 में बाबा संत नागपाल जी द्वारा स्थापित किया गया ये मंदिर भारत के सबसे बड़े मंदिरों में गिना जाता है। ये पूरी तरह से मार्बल से बना मंदिर है और यहां जाली नुमा आकार दिए गए हैं। इस मंदिर का आर्किटेक्चर बहुत ही अनोखा है। संत नागपाल जी का देहांत 1998 में हो गया था और इसी मंदिर में उनकी समाधी भी मौजूद है। इस मंदिर की भव्यता का अंदाज़ा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि ये दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से भी बड़ा है। 

    5अक्षरधाम

    . new delhi akshardham

    एरिया- 240,000  मीटर स्क्वेयर

    शहर- दिल्ली

    देश- भारत 

    दिल्ली अक्षरधाम के नाम से जाना जाने वाला ये हिंदू मंदिर स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर भी कहलाता है। इस मंदिर में ट्रेडिशनल हिंदू आर्किटेक्चर के साथ-साथ आपको मॉर्डन चीज़ें भी दिखेंगी। आध्यात्म और आर्किटेक्चर का अनूठा संगम है इस मंदिर में। इस बिल्डिंग में प्रमुख स्वामी महाराज जी से इंस्पायर आध्यात्मिक आर्किटेक्चर दिया गया है। श्री अक्षर पुरुशोत्तम स्वामीनायारण संस्था के 3000 वॉलेंटियर्स ने मिलकर अन्य 7000 कारीगरों के साथ इस मंदिर को बनाया है। 

    6बेसाकिह मंदिर

    . bali temple

    एरिया- 200,000 मीटर स्क्वेयर

    शहर- बाली

    देश- इंडोनेशिया

    बेसाकिह मंदिर बाली के बेसाकिह गांव का एक पुराना मंदिर है जो बाली के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। ये समुद्र तल से करीब 1000 मीटर ऊंचाई पर स्थित है और इस मंदिर कॉम्प्लेक्स के अंदर ही 23 अन्य मंदिर बने हुए हैं। ये मंदिर 6 मालों पर बना हुआ है और इसकी एंट्रेस बाली के हर मंदिर के खूबसूरत गेट जैसी ही है। इस मंदिर को देखकर आपको इसकी खूबसूरती का अंदाज़ा लग जाएगा। 

     

    7बेलुर मठ

    . belur math

    एरिया- 160,000  मीटर स्क्वेयर

    शहर- हावड़ा

    देश- भारत

    बेलर मठ या बेलुर मठ रामकृष्ण मठ का हेडक्वार्टर है। इसे स्वामि विवेकानंद द्वारा स्थापित किया गया है। ये हुगली नदी के किनारे बेलुर पश्चिम बंगाल में बनाया गया है। ये कोलकता के ही नहीं बल्कि पूरे भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। रामकृष्ण आंदोलन की शुरुआत इसी मंदिर से जोड़कर देखी जाती है। इस मंदिर में हिंदू, ईसाई और इस्लामिक धर्म का मिलाजुला आर्किटेक्चर देखने को मिलता है जो धार्मिक एकता का पत्रीक माना जा सकता है। 

     

    8थिल्लाई नटराजा

    . natraj temple

    एरिया- 160,000  मीटर स्क्वेयर

    शहर- चिदंबरम

    देश- भारत

    थिल्लाई नटराज चिदंबरम मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है जो तमिलनाडु के चिदंबरम शहर में स्थित है। ये 40 एकड़ का मंदिर यकीनन बहुत ही विशाल और भव्य है और यहां शिव का नटराज स्वरूप स्थापित है। ये बहुत बड़ा मंदिर है और यहां पर सिर्फ धार्मिक एक्टिविटी ही होती है। यहां पर किसी भी अन्य तरह की एक्टिविटी नहीं होती और यहां पर गणेश, मुरुगन, विष्णु भगवान की पूजा भी की जाती है। 

    9प्रमबनन त्रिमूर्ति मंदिर

    . trimurti temple

    एरिया- 152,000  मीटर स्क्वेयर

    शहर- योग्यकर्ता

    देश- इंडोनेशिया

    ये 9वीं सदी का हिंदू मंदिर है जो जावा इंडोनेशिया में स्थित है। ये मंदिर परिसर UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। इंडोनेशिया का ये मंदिर लंबे आर्किटेक्चर में बना हुआ है जिसकी मुख्य इमारत 47 मीटर ऊंची है। मंदिर के अंदर भगवान शिव की मूर्तियां स्थित हैं और अन्य कई मूर्तियां और अनोखे मंदिर यहां पर मौजूद हैं। यहां पर दुनिया भर से कई सैलानी आते हैं। 

    10ब्रिहदीस्वारा/बृहदीश्वर मंदिर

    . brahamdeshwar temple

    एरिया- 102,400  मीटर स्क्वेयर

    शहर- थंजावुर

    देश- भारत

    बृहदीश्वर मंदिर यानि बड़ा मंदिर। इस मंदिर को राजा चोला प्रथम ने 1010 में बनवाया था और ये भगवान शिव को समर्पित है। ये मंदिर अपने आर्किटेक्चर के कारण बहुप्रसिद्ध है और यहां पर तमिल में बहुत से श्लोक आदि लिखे हुए हैं। इसे भी UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में फेमस किया गया है। इस मंदिर को उस दौर में 6 साल के अंदर बना दिया गया था। उस समय जब इतनी मशीन और कारीगर नहीं हुआ करते थे तब इतने कम समय में ऐसा मंदिर बनवाना अनोखी बात थी। इसका एक टावर 200 फिट ऊंचाई का है। इसमें 16 माले हैं और यहां पर एक नंदी बैल की मूर्ति भी है जो लगभग 25 टन की है। यहां का शिवलिंग 12 फिट ऊंचा है। 

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