भारत एक ऐसा देश है जिसका संस्कृति और परंपराओं का समृद्ध इतिहास रहा है, और मध्य प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है जो इस तथ्य को पूरी तरह से प्रामाणित करता है। भारत के केंद्र में अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण इसे प्यार से ’भारत का दिल’ भी कहा जाता है। यहां पर ऐसा बहुत कुछ है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों और पौधों की दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलती हैं। इतना ही नहीं, इस राज्य की सांस्कृतिक विरासत महलों, किलों, मंदिरों, स्तूपों में संरक्षित है। हो सकता है कि आपने भी कभी इस राज्य का दौरा किया हो या फिर आप यहां जाने का मन बना रही हों। अगर ऐसा है तो आज हम इस लेख में आपको मध्यप्रदेश से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जो यकीनन आपको भी बेहद रोमांचित करेंगे-

मध्य प्रदेश की पहली राजधानी शहर नागपुर था

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स्वतंत्रता के बाद मध्य प्रदेश का गठन केवल आज के मध्य प्रदेश के दक्षिणी भागों और आज के महाराष्ट्र के उत्तर-पूर्वी भागों से हुआ। उस समय नागपुर इसकी राजधानी थी। लेकिन 1956 में, मध्य भारत, विंध्य प्रदेश और भोपाल राज्यों को मिलाकर और मराठी भाषी विदर्भ क्षेत्र को हटाकर नया मध्य प्रदेश बनाया गया था। तब, भोपाल को इस राज्य की राजधानी बनाया गया। 

भारत में सबसे पुराने गुफा संग्रहों में से एक

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मध्य प्रदेश में भीमबेटका की गुफाएं 600 गुफाओं का संग्रह है और इसे भारत के सबसे पुराने गुफा संग्रहों में से एक माना जाता है। यह अपनी कुछ अद्भुत रॉक नक्काशियों और चित्रों के लिए पर्यटकों के लिए एक और आकर्षण का केंद्र है। यहां की दिलचस्प बात यह है कि कुछ रॉक शेल्टर 100,000 साल से भी पहले बसे हुए थे। भीमबेटका साइट भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे पुरानी ज्ञात रॉक कला है, जो 30,000 से अधिक वर्षों से अधिक पुरानी है। ये गुफाएं भारत में एक विश्व धरोहर स्थल भी हैं।

महान लोगों का जन्मस्थान 

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आपको यह बात जानकर जरूर हैरत होगी कि मध्य प्रदेश भारत के कई दिग्गजों का जन्मस्थान रहा है, जैसे चंद्रशेखर आज़ाद, अटल बिहारी वाजपेयी, लता मंगेशकर, किशोर कुमार, कैलाश सत्यार्थी, जया बच्चन, मंसूर अली खान पटौदी और कई अन्य महान व्यक्तियों का जन्म इस राज्य में हुआ।

भारतीय शास्त्रीय संगीत का समृद्ध इतिहास

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मध्यप्रदेश का अपना एक समृद्ध इतिहास रहा है। खासतौर से, सदियों से मध्य प्रदेश अपने शास्त्रीय और लोक संगीत के लिए प्रसिद्ध रहा है। वास्तव में, भारत के दो मध्यकालीन महान गायक, तानसेन और बैजू बावरा का जन्म ग्वालियर के पास हुआ था।

भगवान कृष्ण की पाठशाला संदीपनी आश्रम हैं यहां

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भागवत पुराण के अनुसार, उज्जैन में सांदीपनि आश्रम में भगवान कृष्ण, उनके भाई बलराम और उनके मित्र सुदामा ने अपनी शिक्षा पूरी की और गुरु संदीपनी द्वारा सिखाए गए हर एक पाठ में महारत हासिल की, जो उज्जैन में एक ऋषि थे।

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जंगल बुक से है कनेक्शन

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जंगल बुक को तो आपने जरूर पढ़ा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका कनेक्शन भी मध्यप्रदेश से हैं। दरअसल, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है और रुडयार्ड किपलिंग का प्रसिद्ध उपन्यास ’जंगल बुक’, पेंच टाइगर रिजर्व और कान्हा नेशनल पार्क के जंगलों से प्रेरित है।

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भारत के सबसे बड़े वाटर कार्निवल को करता है होस्ट

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मध्य प्रदेश में खंडवा जिले के करीब, और नर्मदा नदी पर इंदिरा सागर बांध के बैकवाटर में, हनुवंतिया नामक एक द्वीप स्थित है। हर साल, हनुवंतिया भारत का एकमात्र और सबसे बड़ा वाटर कार्निवल, जल महोत्सव आयोजित करता है, जो भारत का अपनी तरह का एक वाटर फेस्टिवल है।

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