भारत के कई मशहूर और पुराने मक़बरे हैं, जो पर्यटकों के लिए पसंदीदा स्थल बन गये हैं। हज़ारों लोग इन मक़बरों की ख़ूबसूरती को निहारने आते रहते हैं। मुग़लों द्वारा बनवाए गए ये मक़बरे बहुत ख़ास हैं। मुग़ल साम्राज्य के शासन के दौरान, भारत के मुस्लिम लोगों के लिए क़ब्रों की निर्माण शैली से परिचित कराया गया था। यह देखने में न सिर्फ़ बड़े थे बल्कि ख़ूबसूरती ऐसी कि इनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है। 

इन मक़बरों को देखकर मुग़ल काल के कारीगरों की प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं ख़ास बात है कि इन शानदार मक़बरों को मृतक के सम्मान में बनवाया जाता था। भारत का सबसे मशहूर मक़बरा है ताजमहल जिसे न केवल देशभर में बल्कि विदेशों भी ख़ूब पसंद किया जाता है। दुनिया के सात अजूबों में से एक रह चुके ताजमहल के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे मक़बरे हैं जो अपनी ख़ूबसूरती के लिए काफ़ी मशहूर हैं। सालों पुराने यह मक़बरे लोगों के पसंदीदा पर्यटक स्थलों में से एक हैं।

हुमायूं का मक़बरा

humayu tomb

भारत का सबसे बड़ा मक़बरा है हुमायूं का मक़बरा। हुमायूं के मक़बरे का निर्माण उनकी पत्नी हमीदा बानो बेगम ने करवाया था। दिल्ली में स्थित यह मक़बरा लाल बलुआ पत्थरों के इस्तेमाल से बनाया गया है। मिराक मिर्ज़ा घियास द्वारा डिज़ाइन इस मक़बरे को 1993 में यूनेस्को की विश्व धरोहर के रूप में घोषित किया गया था। इस्लामिक स्टाइल से बनी यह स्मारक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। आसपास हरे-भरे पौधे होने की वजह से यह लोगों के लिए पसंदीदा पिकनिक स्पॉट भी बन गया है। 

हजीरा मक़बरा

Hazira maqbara

गुजरात के वडोदरा में स्थित हजीरा मक़बरा कुतुबुद्दीन मुहम्मद खान को समर्पित है। अकबर के बच्चे सलीम और नौरंग खान के ट्यूटर कहे जाने वाले कुतुबुद्दीन मुहम्मद खान गुजरात के आख़िरी सुल्तान, मुज़फ़्फ़र III द्वारा पराजित हुए थे। अकबर के शासन काल में हजीरा मक़बरे का निर्माण किया गया था। माना जाता है कि उनका मक़बरा हुमायूं के मक़बरे से काफ़ी मिलता-जुलता है। यह स्मारक मुग़ल शैली की कलात्मकता को दर्शाती है। 

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शेर शाह सूरी का मक़बरा

sher shah suri tomb

शेर शाह सूरी पठान योद्धा था, उन्होंने मुग़ल काल में पांच साल 1540 से लेकर 1545 तक शासन किया था। साल 1545 में एक आकस्मिक विस्फोट से उनकी मृत्यु हो गई थी। बिहार में स्थित शेर शाह का मक़बरा वास्तुकार अलीवाल खान द्वारा निर्मित किया गया है। अलीवाल खान ने अपनी शानदार प्रतिभा से लाल बलुआ पत्थर का इस्तेमाल कर इस मक़बरे का निर्माण किया था। भारतीय-इस्लामिक शैली में निर्मित यह मक़बरा झील के बीचों-बीच स्थित है, जो लोगों को काफ़ी आकर्षित करती है। दूर-दूर से लोग इस मक़बरे की ख़ूबसूरती को निहारने आते हैं। (झांसी! भारतीय इतिहास के सबसे समृद्ध शहर)

अकबर का मक़बरा

akbar ka maqbara

अकबर एक सैनिक होने के साथ-साथ बुद्धिमान मुग़ल शासक भी था। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने अपने शासन काल में हिंदू और मुस्लमानों को बराबर का दर्जा दिया था। महान शासक अकबर का मक़बरा उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में है। ख़ास बात है कि इसका निर्माण कार्य ख़ुद अकबर ने साल 1605 में शुरू करवाया था, और उनके बेटे जहांगीर ने इसके निर्माण को साल 1613 में पूरा करवाया था। मक़बरे का निर्माण संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर से किया गया है। यह मक़बरा हिंदू, ईसाई, इस्लामिक और अन्य धर्मों के काल का सर्वोत्तम मिश्रण है। लोग जब भी आगरा जाते हैं तो अकबर का मक़बरा देखना नहीं भूलते

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गुम्बज, श्रीरंगपट्टनम

Gumbaz At Srirangapatna

भारत में कई ऐसे मक़बरे हैं जिनका मुग़लों से कहीं न कहीं संबंध बताया जाता रहा है, लेकिन गुम्बज के मामले में ऐसा नहीं है। गुम्बज का मुग़लों से कोई संबंध नहीं है। यह साल 1782 में टीपू सुल्तान और उनके माता-पिता के सम्मान में बनवाया गया था। कर्नाटक के श्रीरंगपट्टनम में स्थित गुम्बज मक़बरे में टीपू सुल्तान के कई रिश्तेदारों को भी दफ़नाया गया था। इसकी ख़ूबसूरती की बात करें तो मक़बरे की छत पर ग्रेनाइट लगा है और दीवारों पर शानदार नक़्क़ाशी की गई है। इसमें टीपू सुल्तान के शासनकाल को दर्शाते 36 ग्रेनाइट के स्तंभ हैं।

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