जब भी बात हिमाचल की आती है तो अक्सर लोग कुल्लू और मनाली के बारे में सोचते हैं। टूर एंड ट्रैवल एजेंट्स भी कुल्लू, मनाली, शिमला, रोहतांग जैसे पैकेज आपको देते हैं, लेकिन हिमाचल में इन शहरों के अलावा भी बहुत कुछ है। वैसे तो पूरा का पूरा हिमाचल प्रदेश बहुत ही खूबसूरत है और इनमें से पांच गांव की लिस्ट बनाना बहुत मुश्किल, लेकिन फिर भी हमने कोशिश की है कि आपको सबसे अनोखे गांवों के बारे में बताएं जहां जाकर आप निराश नहीं होंगी।

इससे पहले भी हमने आपको हिमाचल के पुल्गा गांव के बारे में बताया है जहां कोई गाड़ी नहीं जा सकती है और यहां पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करने की जरूरत होती है। अब हम आपको ऐसे ही अन्य गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जिनमें कुछ न कुछ खास जरूर है।

1. चिटकुल-

हिमाचल प्रदेश की किन्नौर डिस्ट्रिक्ट में मौजूद चिटकुल गांव बहुत खास है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां का मुख्य आकर्षण है भारत-चीन का बॉर्डर। यहां पर हमेशा ठंडक रहती है इसलिए बेहतर होगा कि यहां जाने से पहले आप गर्म कपड़े रख लें। बर्फ से ढंके हुए पहाड़ और खूबसूरत वादियां ये सब कुछ यहां मिलेगा। चिटकुल में बहुत से बौद्ध मंदिर मिलेंगे, लेकिन एकलौता देवी का मंदिर यहां के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यहां के घर बहुत ही खूबसूरत हैं और यहां होटल, लॉज से लेकर होम स्टे तक सारी सुविधाएं आपको मिल जाएंगी। यहां 'हिंदुस्तान का आखिरी ढाबा' भी है। दरअसल, ये उस ढाबे का नाम है जो चिटकुल में मौजूद है। ये भी एक तरह का स्थानीय आकर्षण है।

himachal chitkul village

यहां बहुत ज्यादा सर्दियों में जाना अवॉइड करें क्योंकि उस वक्त ये पूरी तरह से बर्फ से ढंका रहता है और यहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी हो सकती है।

कैसे पहुंचें चिटकुल-

दिल्ली से चिटकुल की दूरी करीब 569 किलोमीटर है। हिमाचल के सांग्ला से ये 28 किलोमीटर दूर है। सांग्ला से चिटकुल के लिए हिमाचल टूरिज्म की बस उपलब्ध रहती है। यही चिटकुल पहुंचने का सबसे आसान तरीका है।

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2. लांगजा गांव-

जब भी प्राकृतिक सौंदर्य का जिक्र होता है आप लाहौल स्पीति का जिक्र जरूर करते हैं। स्पीति वैली का एक छोटा सा गांव है लांगजा। इस गांव की खासियत ये है कि यहां पर बौद्ध की 1000 साल पुरानी प्रतिमा है जो सोने की है। इस गांव में दूर-दूर से लोग इसे देखने आते हैं। यहां पर कई मॉनेस्ट्री है और साथ ही साथ अगर आप जियोलॉजी में इंट्रेस्ट रखती हैं तो इस गांव में बहुत कुछ मिलेगा। साथ ही साथ अगर आपको वाइल्ड लाइफ में दिलचस्पी है तो स्नो लेपर्ड, तिब्बतियन भेड़िया और कई तरह की विलुप्ती की कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियां यहीं मिलेंगी।

himachal lagza

कैसे पहुंचें लांगजा-

आप दिल्ली से सीधे मनाली या काज़ा के लिए बस ले सकती हैं। इसके बाद यहां से प्राइवेट कैब के जरिए लांग्जा पहुंच सकती हैं। ये गांव दिल्ली से 745 किलोमीटर दूर है।

3. कोमिक गांव-

इस गांव की खासियत ये है कि ये दुनिया का सबसे ऊंचा गांव है जहां मोटरेबल रोड है। यहां पर आराम से 4 व्हीलर, 2 व्हीलर गाड़ियां जा सकती हैं। समुद्र तल से 15,027 फिट की ऊंचाई पर बसा ये गांव अपनी Tsemogumpa Buddhist monastery के लिए प्रसिद्ध है। इस गांव में कई त्योहार मनाए जाते हैं। यहां टूरिस्ट भी आसानी से त्योहारों का मज़ा ले सकते हैं। अगर कोई ट्रेकिंग का शौकीन है तो इस गांव में उसे बहुत अच्छे ट्रेक्स करने की सुविधा मिल सकती है।

himachal komic village

कैसे पहुंचें कोमिक-

कोमिक गांव पहुंचने के लिए आपको काज़ा से प्राइवेट टैक्सी करनी होगी। अगर आप यहां पहली बार जाने का प्लान बना रही हैं तो मैं आपको बता दूं कि इस गांव में मौसम कभी भी खराब हो सकता है इसलिए पूरी तरह से तैयारी करने के बाद ही जाएं। साथ ही साथ, अगर आप पहली बार जा रही हैं और सांस की समस्या है तो पहले डॉक्टर से सलाह ले लें क्योंकि यहां कई बार ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

4. काज़ा गांव-

स्पीति वैली का ही एक छोटा सा गांव है काज़ा। ये इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि यहां से आप स्पीति के किसी भी दूर दराज़ गांव में जाने के लिए बस की सुविधा ले सकते हैं। इसके अलावा, यहां पर शांति बहुत ज्यादा रहती है। अगर आपको स्पीति के खूबसूरत नजारे देखने हैं और शांति का अनुभव करना है तो इस जगह जरूर जाएं। आप यहां घंटों वादियों को निहारते हुए बिता सकते हैं।

himachal kaza gao

कैसे पहुंचे काज़ा-

काज़ा तक पहुंचना आसान है। ये गांव मनाली से 115 किलोमीटर दूर है। इसलिए आप दिल्ली से मनाली तक बस ले सकती हैं और उसके बाद प्राइवेट कैब कर काज़ा पहुंच सकती हैं। दूसरा रूट है शिमला से सीधे बस से काज़ा पहुंचा जाए।

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5. मलाना गांव-

हो सकता है कि इस गांव का नाम आपने पहले सुना हो। अक्सर हिमाचल के कसोल को तो टूरिस्ट लिस्ट में रखा जाता है, लेकिन मलाना को लोग दरकिनार कर देते हैं। मलाना गांव बहुत ही खूबसूरत है और इसकी खासियत है यहां के लोग और यहां के रीति रिवाज। मलाना को हिमाचल का ग्रीस भी कहा जाता है। यहां के लोग अपने रीति-रिवाजों को लेकर बहुत ही स्ट्रिक्ट हैं और यहां बच्चे भी इन्हें फॉलो करते दिख जाएंगे। इस गांव में कई प्राचीन मंदिर हैं। जामलू मंदिर बहुत फेमस है जिसे काठकुनी स्टाइल में लकड़ी पर नक्काशी कर बनाया गया है और यहां हिरण के सिर का इस्तेमाल भी हुआ है। इसके अलावा, यहां पर एक रुकमणी मंदिर भी है।

himachal malana gao

कैसे पहुंचें मलाना-

दिल्ली से भुंटार तक बस या अपनी गाड़ी से जाएं। इसके बाद कसोल के लिए बस या टैक्सी लें। कसोल के रास्ते में जारी नाम की एक जगह आएगी वहीं से मलाना के लिए टैक्सी ली जा सकती है। इसके अलावा आप दिल्ली से मनाली तक बस ले सकती हैं। वहां से प्राइवेट टैक्सी कर सीधे मलाना पहुंच सकती हैं।



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