भारत में ना जाने कितनी ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जहां पर टूरिस्ट्स जा सकते हैं और क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। देश-विदेश से लोग भारत की खूबसूरती देखने आते हैं और यहां के मनोरम दृश्यों के बीच खो जाते हैं। कई लोगों को लगता है कि भारत जैसे खूबसूरत और संस्कृति से समृद्ध देश में कहीं भी जाने की इजाजत है और हम अपनी मर्जी से घूम सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां भी कई सारी जगहें ऐसी हैं जहां जाना मुमकिन नहीं। 

आज हम आपको ऐसे 5 खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो बेहद अच्छी हैं, लेकिन वहां टूरिज्म की मनाही है और कोई भी इंसान बिना परमिट के वहां नहीं जा सकता है। ये जगहें बहुत खास भी हैं और भारत का हिस्सा भी हैं, लेकिन जिस तरह की समस्याएं वहां हैं वहां ना जाना ही बेहतर होगा। 

1. पैंगोंग लेक का ऊपरी हिस्सा

क्यों जाने की मनाही है- बॉर्डर विवाद

लद्दाख में स्थित पैंगोंग लेक बहुत ही खूबसूरत है और इसे तो मैं खुद भी देखकर आई हूं। अलौकिक सुंदरता से भरपूर इस खूबसूरत जगह में थोड़ी देर में ही आपको लगेगा कि आप इसे पूरा एक्सप्लोर करें, लेकिन आप उसे कर नहीं पाएंगे। पैंगोंग लेक का बहुत थोड़ा सा हिस्सा ही टूरिस्ट्स के लिए खुला हुआ है। ये लेक 134 km लंबा है और भारत से लेकर तिब्बत तक फैला हुआ है। वैसे तो इसका आधा हिस्सा विवादित बॉर्डर के अंतर्गत आता है। 

यहां LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) भारत और चीन द्वारा कब्जा की गई भारतीय सीमा के अंतर्गत आता है। वैसे तो हर जगह LAC जमीन पर होती है, लेकिन यहां पर ये पानी के बीच से होकर गुजरती है और वहां सिर्फ मिलिट्री वाले ही जा सकते हैं और वो भी रूटीन विजिट पर। भारत में जहां पर ये लेक स्थित है वहां पर टूरिस्ट कुछ दूरी तक जा सकते हैं, लेकिन उन्हें आगे जाने की सख्त मनाही है और यहां जाने के लिए आपको इनर लाइन परमिट भी लेना होगा। 

वैसे लद्दाख में ही अक्साई चिन (भारत और चीन के बॉर्डर विवाद के चलते) और स्टॉक कांगड़ी (बहुत ज्यादा टूरिज्म के चलते) टूरिस्ट्स के लिए बंद कर दिए गए हैं। स्टॉक कांगड़ी को 2023 तक टूरिस्ट्स से दूर रखने को कहा गया है। बॉर्डर विवाद के चलते ही सिक्किम का चोलामू लेक भी खूबसूरत होने के बाद भी टूरिस्ट्स से दूर रहता है। इन जगहों पर सिर्फ आर्मी और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के लोग जाते हैं। 

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2. माउंट कंचनजंगा, सिक्किम

क्यों जाने की मनाही है- धार्मिक कारण

खूबसूरत कंचनजंगा दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है जहां पर कई पर्वतारोही घूमने की इच्छा रखते हैं, लेकिन हिस्से से इस चोटी पर नहीं चढ़ा जा सकता है। यहां अगर जाना है तो नेपाल की तरफ से मौजूद हिस्से से ही एक तय सीमा तक जाया जा सकता है। सिक्किम सरकार ने 2001 में यहां जाने पर मनाही लगा दी थी जब बौद्ध धर्म के लोगों ने इस पहाड़ पर चढ़ने को लेकर विरोध किया था। 

इसे  Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 के अंतर्गत बंद किया गया है। 

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3. बैरेन आइलैंड, अंडमान और निकोबार

क्यों जाने की मनाही है- ये भारत का एकलौता एक्टिव ज्वालामुखी है

भारत के सबसे खूबसूरत डेस्टिनेशन्स में से एक है अंडमान जहां जाना अपने आप में किसी एडवेंचर से कम नहीं है। हर साल हज़ारों लोग अंडमान जाते हैं और वहां अच्छे से रहते हैं। पर कई लोगों को ये पता ही नहीं है कि अंडमान में भारत का एकलौता एक्टिव ज्वालामुखी है। ये बहुत ही खूबसूरत लोकेशन पर स्थित है और ये बहुत लंबे समय से स्थित है जो सुमात्रा से म्यांमार के बीच मौजूद कई एक्टिव ज्वालामुखी जितना ही खतरनाक है। 1991 में यहां हुए विस्फोट के कारण कई लोगों की जान गई थी और वहां मौजूद पक्षियों और जानवरों की प्रजातियों पर भी असर पड़ा था।  

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तबसे ही ये जगह भारत में बैन कर दी गई है। हालांकि, अगर आप इस आईलैंड को देखना चाहें तो यहां पर एक फेरी की मदद से जाया जा सकता है, लेकिन इस आईलैंड को दूर से ही देखना होगा। ऐसा माना जाता है कि यहां पर माल्टा रे (एक तरह की मछली), कोरल रीफ और कई प्राकृतिक धरोहरें मौजूद हैं, लेकिन यहां जाना मुमकिन नहीं है।  

4. नॉर्थ सेंटिनल आईलैंड, अंडमान

क्यों जाने की मनाही है- यहां मौजूद लोग बाहरी दुनिया से ताल्लुक नहीं रखना चाहते  

नॉर्थ सेंटिनल आईलैंड कुछ समय पहले चर्चा में आया था जब यहां के आदिवासियों ने तीर मारकर एक अमेरिकी को मार दिया था। जनगणना के मुताबिक यहां पर 40-50 लोग होने चाहिए जिनका अपना समूह है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि यहां 1000 लोग तक हो सकते हैं। ये लोग बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं करना चाहते हैं और दुनिया में ये एकलौती ऐसी जगह है जहां अभी भी गुफाओं में रहने वाले लोग रहते हैं।  

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यहां के लोगों से जुड़ने की कई लोगों ने कोशिश की है, लेकिन कभी भी सफलता हाथ नहीं आई। यहां कई बाहरी लोगों की मौत के बाद 2006 में भारत सरकार ने इस आईलैंड के 4 किलोमीटर तक के रेडियस में किसी के भी जाने पर रोक लगा दी।  

ऐसे ही अंडमान का निकोबार आईलैंड भी उसके निवासियों के संरक्षण के लिए टूरिस्ट्स से दूर रखा गया है। इसी तरह के लक्षद्वीप के भी कुछ आईलैंड को टूरिस्ट्स से दूर रखा गया है।  

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5. चीन द्वारा अधिग्रहित अरुणाचल प्रदेश

क्यों जाने की मनाही है - भारत-चीन बॉर्डर विवाद 

चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 90,000 sq. km इलाके पर कब्जा कर रखा है और यहां पर तो एक गांव भी बना दिया है जहां चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के लोग रहते हैं। ये इलाका 1959 से ही विवादित है और भारत और चीन के इस मामले में अलग-अलग तरह के तर्क हैं।  

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1962 की जंग के बाद भी चीन ने यहां पर कब्जा नहीं छोड़ा और अक्साई चिन जैसा ही एक गांव यहां बना दिया। यहां पर मिलिट्री का काम होता है और इस विवाद के चलते ही टूरिस्ट्स के लिए यहां जाना मना है और यहां पर बिना आधिकारिक इजाजत के कोई भी नहीं जा सकता है। इसे भारत की सबसे खतरनाक जगह कहा जाए तो ये कम नहीं होगा।  

ये सारी जगहें खूबसूरती के मामले में बेजोड़ हैं, लेकिन किसी न किसी वजह से लोगों की पहुंच से दूर हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।