जब भी स्किन केयर बेसिक्स की बात होती है तो उसमें सबसे पहले सीटीएम का नाम लिया जाता है। यहां सी का तात्पर्य क्लींजर से है। इस तरह अगर देखा जाए तो स्किन केयर रूटीन की शुरूआत ही क्लींजर से होती है। क्लींजर के इस्तेमाल के बाद ही आप स्किन की टोनिंग या फिर उसे मॉइश्चराइज करने पर विचार करती हैं। यह जरूरी भी है, क्योंकि क्लींजर सिर्फ चेहरे को साफ करके उस पर मौजूद गंदगी को ही दूर नहीं करता, बल्कि यह अतिरिक्त सीबम उत्पादन को नियंत्रित करने, स्किनकेयर बैरियर को मजबूत करने आदि में भी मदद करता है। हालांकि क्लींजर से मिलने वाले यह फायदे आपको केवल तभी मिल पाते हैं, जब आप सही क्लींजर का चुनाव करें।

ऐसा भी हो सकता है कि आप जिस क्लींजर का इस्तेमाल कर रही हों, वह सही तरह से काम ना कर रहा हो या फिर वास्तव में आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा रहा हो। ऐसे में आप कुछ संकेतों के जरिए इसे पहचान सकती हैं। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में बता रहे हैं-

स्किन में रूखापन व टाइटनेस महसूस होना

skin dry

यह सबसे पहला संकेत है, जिसे देखने के बाद आपको सचेत हो जाना चाहिए। आपका क्लीन्ज़र आपकी त्वचा को नरम और साफ़ महसूस कराता है, ना कि रूखा और टाइट। लेकिन अगर आपको ऐसा अहसास हो रहा है तो इसका अर्थ है कि आपका क्लींजर आपके चेहरे के नेचुरल ऑयल्स को छीन रहा है और उसके पीएच बैलेंस को डिस्टर्ब कर रहा है। ऐसे में आपको अपनी स्किन की जरूरतों व स्किन टाइप को ध्यान में रखकर अपने क्लींजर या फेस वॉश को तुरंत बदल देना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: ब्यूटी रूटीन में करना है बदलाव तो इन चार टिप्स का लें सहारा

रेडनेस और सेंसेटिविटी

sensitive skin

अगर आपको क्लींजिंग के बाद अपनी स्किन में रेडनेस नजर आने लगती है और उसमें वह अधिक सेंसेटिव महसूस होती है। तो यह भी एक संकेत है कि आप गलत क्लीन्ज़र का उपयोग कर रही हैं। त्वचा की सेंसेटिविटी का बढ़ना और उसमें रेडनेस यह संकेत है कि आपका क्लींजर स्किन बैरियर में समस्या उत्पन्न कर रहा है। जिसके कारण आपको कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स जैसे डलनेस, स्पॉट्स और पिगमेंटेंशन आदि समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए स्किन की बढ़ती रेडनेस और सेंसेटिविटी को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें और अपने फेस वॉश को बदल दें।

Recommended Video

ब्रेकआउट का बढ़ना

breakout skin

अगर आप सही क्लींजर का इस्तेमाल करती हैं तो यह अशुद्धियों को खत्म करता है, खोए हुए हाइड्रेशन को पुनः बनाता है और आपकी त्वचा को कोमल बनाता है। लेकिन अगर आप गलत क्लींजर को इस्तेमाल कर रही हैं तो यह आपकी त्वचा को ड्राई बना सकता है और स्किन बैरियर को डिस्टर्ब कर सकता है। ऐसे में आपकी त्वचा खोई हुई नमी की भरपाई के लिए अतिरिक्त तेल का उत्पादन करना शुरू कर देती है। जिससे यह अधिक अशुद्धियों को आकर्षित करता है, पोर्स को क्लॉग कर सकता है और अंततः ब्रेकआउट की ओर ले जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: बालों की हर समस्‍या का इलाज है किचन में मौजूद ये मसाला

समय से पहले ही एजिंग के साइन नजर आना

aging problem

आपकी स्किन के लिए सही क्लींजर का चयन करने से आपकी स्किन लंबे समय तक जवां-जवां नजर आती हैं, लेकिन अगर आप गलत क्लींजर का इस्तेमाल करती हैं तो इससे आपकी स्किन पर विपरीत प्रभाव देखने को मिलता है। गलत क्लींजर आपकी स्किन को एंजिंग की तरफ धकेलता है और आपको समय से पहले उम्र बढ़ने के लक्षण, जैसे कि फाइन लाइन्स और झुर्रियाँ आदि नजर आने लग जाती हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि गलत क्लींजर आपकी स्किन में अत्यधिक सूखापन और स्किन बैरियर के डिस्टर्ब होने का कारण बनता है, जिससे आपकी स्किन एनवायरमेंटल डैमेज के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसलिए अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है तो एक बार अपने क्लींजर या फेस वॉश को स्विच जरूर करके देखें।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।