फाइन लाइन्स और झुर्रियां एक कॉमन समस्या है जिसका सामना उम्र ढलने के साथ सभी को करना पड़ता है। आजकल की अस्वस्थ लाइफस्टाइल जैसे लैपटॉप और मोबाइल फोन का लगातार उपयोग करना भी इस समस्या का प्रमुख कारण है। 

उम्र के साथ हमारे स्किन की नेचुरल इलास्टिसिटी और कोलेजन का उत्पादन कम करने लगता है। जिसके कारण आंखों के नीचे और साइड में रिंकल्स होने लगते हैं। साथ ही स्‍माइल लाइन्‍स भी दिखाई देने लगती हैं। सूरज की हानिकारक किरणों में लगातर रहने से भी सूरज की हानिकारक किरणें भी झुर्रियों की समस्या को और बढ़ा देती हैं। 

लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि आप आंखों के नीचे और साइड में होने वाली झुर्रियों और साथ ही स्‍माइल लाइन्‍स को कम करने के लिए आप कई तरह के सिंपल टिप्स अपना सकती है। इन टिप्‍स के बारे में हमें प्रसिद्ध डर्मेटोलॉजिस्ट और संस्थापक और अध्यक्ष, डॉ. निवेदिता दादू के डर्मेटोलॉजी क्लिनिक की डॉक्‍टर निवेदिता दादू जी बता रही हैं।

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सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल

सूरज की हानिकारक यूवी किरणें झुर्रियों और प्रीमैच्योर एजिंग के होने का प्रमुख कारण है। इसलिए इसे कम करने के लिए हमेशा सनस्‍क्रीन का इस्‍तेमाल करें। आप आंखों के नीचे होने वाले रिंकल्स को कम करने के लिए फेस मास्क का भी इस्‍तेमाल कर सकती हैं।

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डर्मा फिलर्स स्किन ट्रीटमेंट

आप आंखों के नीचे होने वाली झुर्रियां और स्‍माइल लाइन्‍स को कम करने के लिए डर्मा फिलर्स स्किन ट्रीटमेंट का इस्‍तेमाल करना चाहिए। इसमें एक टेंपरेरी फीलर को आंख के नीचे के स्किन में इंजेक्ट किया जाता है, यह स्किन को यंग और ग्लोइंग बनाता है। 

आई क्रीम का इस्‍तेमाल

eye cream

आंखों के नीचे और आस पास की स्किन और अन्‍य हिस्सों की स्किन की तुलना में ज्यादा पतली होती है। जिसके कारण यह आसानी से और जल्दी ड्राई हो जाती है। जिसके कारण फाइन लाइन्स और रिंकल्स होने लगते हैं। इसके लिए आप दिन में कम से कम दो बार आई क्रीम लगाएं। यह आंखों के नीचे के हिस्से को हाइड्रेट करती है और प्री मैच्योर एजिंग को रोकती है।

बोटॉक्स ट्रीटमेंट

आप आंखों के नीचे होने वाले रिंकल्स को कम करने के लिए बोटॉक्स ट्रीटमेंट का भी इस्‍तेमाल कर सकती हैं। लेकिन हमेशा ऐसे स्किन ट्रीटमेंट का प्रयोग अपने डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के बाद ही करें। बोटॉक्स ट्रीटमेंट आंखों के नीचे के स्किन को रिलैक्स करता है और एजिंग के अनेक तरह के साइन्‍स को कम करता है।

विटामिन-सी सीरम का इस्‍तेमाल

vitamin c serum

आप आंखों के नीचे होने वाली झुर्रियों और स्‍माइल लाइन्‍स को कम करने के लिए विटामिन-सी सीरम का इस्‍तेमाल कर सकती हैं। विटामिन-सी एक एंटी ऑक्सीडेंट है जो स्किन में कोलेजन को बढ़ाता है। यह स्किन को हाइड्रेट करता है और स्किन इंफ्लेमेशन को कम करता है। साथ ही साथ यह स्किन रिंकल्स और फाइन लाइन्स को कम करता है।

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अच्‍छी डाइट लें

आप आंखों के नीचे होने रिंकल्स को कम करने के लिए अच्छी डाइट लें। इस डाइट में विटामिन-के, विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-ई, विटामिन- बी 3 और विटामिन-बी 12 की भरपूर मात्रा हो। आप ऐसी डाइट लेने से परहेज़ करें जिसमें शुगर की ज्यादा मात्रा हो क्योंकि यह एंटी ऑक्सीडेंट्स की कम मात्रा होती है, यह एजिंग के प्रोसेस को बढ़ा सकता है जिसके कारण रिंकल्स होने के चांसेस ज्यादा होते हैं।

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गलत आदतों में बदलाव

इसके लिए आपको अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करने होंगे, स्मोकिंग और अन्य तरह के हानिकारक क्रिया को तुरंत बंद कर दें। यह कोलेजन और इलास्टिन को तोड़ता है और ब्लड सर्कुलेशन को स्किन तक पहुंचने से रोकता है जिसके कारण झुर्रियों की समस्या पैदा होती है।

इन टिप्‍स को अपनाकर आप भी आंखों के नीचे और साइड में होने वाली झुर्रियों और स्‍माइल लाइन्‍स को कुछ हद कम कर सकती हैं। इनमें से कोई भी ट्रीटमेंट लेने से पहले एक बार एक्‍सपर्ट से सलाह जरूर कर लें। ब्‍यूटी से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।  

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