हम सभी नेचुरली फ्लॉलेस और ब्यूटीफुल स्किन की चाहत रखती हैं और इसके लिए अपनी स्किन का ख्याल रखने के लिए कई तरह के ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। इन्हीं ब्यूटी प्रॉडक्ट्स में से एक है फेशियल ऑयल। यह एक ऐसा स्किन केयर प्रॉडक्ट है, जो पिछले कुछ समय में काफी पॉपुलर हुआ है। फेशियल ऑयल्स एंटी-ऑक्सीडेंट्स से पैक होते हैं, जिसके कारण यह एक बेहतरीन एंटी-एजिंग प्रॉडक्ट साबित होते हैं। वहीं सन डैमेज से लेकर ड्राईनेस आदि कई समस्याओं को दूर करने में भी फेशियल ऑयल्स मददगार साबित होते हैं। इसलिए इन्हें स्किन केयर रूटीन में शामिल करने की सलाह दी जाती है। लेकिन कुछ महिलाओं को ऐसा लगता है कि फेस पर ऑयल का इस्तेमाल करने से चेहरा ग्रीसी व चिपचिपा नजर आएगा या फिर फेशियल ऑयल्स केवल ड्राई स्किन के लिए ही होते हैं। हालांकि यह पूरी तरह से मिथ्स हैं। हो सकता है कि आप भी फेशियल ऑयल से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथ्स पर अब तक भरोसा करती आई हों। तो चलिए आज हम आपको इन मिथ्स व उनकी सच्चाई के बारे में बता रहे हैं-

मिथ 1- ऑयली व एक्ने प्रोन स्किन वाली महिलाओं को फेशियल ऑयल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

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सच्चाई- यह पूरी तरह से सच नहीं है। हो सकता है कि ऑयल का नाम सुनकर आपको ऐसा लगता हो कि इसे ऑयली स्किन पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जबकि कुछ ऐसे तेल हैं जो न केवल त्वचा को पोषण देते हैं बल्कि आपकी त्वचा द्वारा उत्पादित तेल को भी कण्ट्रोल करते हैं। इस प्रकार अगर देखा जाए तो यह ऑयली स्किन की समस्याओं से निपटने में कारगर साबित होते हैं। उदाहरण के लिए, जोजोबा ऑयल ऑयली स्किन के लिए एक बेहतरीन तेल है क्योंकि यह सीबम की बनावट के समान है, और इसलिए यह त्वचा में तेल उत्पादन को संतुलित करता है। वहीं अगर बात एक्ने की हो तो कई फेशियल ऑयल्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो त्वचा की समस्याओं जैसे एक्ने को कम करने में मदद करते हैं। बस जरूरत है कि आप सही फेशियल ऑयल का चयन करें।

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मिथ 2- मॉइस्चराइज़र या फेशियल ऑयल में से किसी एक का कर सकती हैं इस्तेमाल। 

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सच्चाई-चूंकि दोनों ही प्रॉडक्ट स्किन को नरिश्ड करते हैं। इसलिए अक्सर महिलाएं यह सोचती हैं कि इन दोनों में से किसी एक का इस्तेमाल करना उनकी स्किन के लिए पर्याप्त है। जबकि ऐसा नहीं है। इसके लिए आपको सबसे पहले यह समझना होगा कि वास्तव में दोनों प्रॉडक्ट किस तरह से काम करते हैं। मॉइस्चराइज़र एक स्किन केयर एसेंशियल प्रॉडक्ट है जिसका उपयोग नियमित रूप से किया जाना बेहद आवश्यक है। मॉइस्चराइज़र आपकी त्वचा में नमी को एड करने में मदद करते है और उसे पोषित करते हैं। जबकि फेशियल ऑयल्स आपकी स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाते हैं और स्किन में पानी की कमी होने से रोकते हैं। इसलिए हेल्दी स्किन बनाए रखने के लिए ये दोनों आवश्यक हैं। सबसे पहले, अपने चेहरे पर कुछ मॉइस्चराइज़र अप्लाई करें और इसके बाद फेशियल ऑयल्स का इस्तेमाल करें।

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मिथ 3- फेशियल ऑयल्स का इस्तेमाल केवल सर्दियों में किया जाता है।

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सच्चाई- हो सकता है कि आप भी ऐसा ही सोचती हों कि सर्दियों में स्किन अधिक रूखी हो जाती है और इसलिए फेशियल ऑयल्स का इस्तेमाल केवल उन्हीं दिनों में किया जाना चाहिए। वहीं गर्मी के दिनों में आपको अधिक पसीना आता है और ऐसे में चिपचिपी स्किन के अतिरिक्त तेल बाहर निकालने के लिए हम ब्लोटिंग पेपर का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी त्वचा को पोषण की आवश्यकता नहीं है। कुछ फेशियल ऑयल्स त्वचा की गहराई में प्रवेश करते हैं और वे आसानी से आपकी त्वचा में समा जाते हैं। जिसके कारण यह आपकी त्वचा को चिकना बनाए बिना इसे पोषण प्रदान करते हैं। इस लिहाज से, अगर देखा जाए तो समर्स में स्किन को पोषित करने के लिए भी फेशियल ऑयल्स की जरूरत उतनी ही होती है।

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मिथ 4- फेशियल ऑयल्स पोर्स को क्लॉग करते हैं।

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सच्चाई- यह एक मिथक है जिस पर आपको विश्वास करना तुरंत बंद कर देना चाहिए। फेशियल ऑयल्स वास्तव में लाइट होते हैं और इसलिए वह आपकी स्किन में आसानी से समा जाते हैं। वे त्वचा में सीबम उत्पादन को भी प्रभावी ढंग से संतुलित करते हैं जिससे स्किन पोर्स क्लॉग होने के स्थान पर कई तरह के स्किन प्रॉब्लम्स से निपटने में मदद मिलती है।

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