मानसून का सीजन अपने साथ ठंडी हवा, ह्यूमिडिटी और बैक्टीरिया लेकर आता है। यकीनन इस मौसम को बहुत ही रोमांटिक कहा जाता है, लेकिन एक तरह से देखा जाए तो ये मौसम अपने साथ स्किन और बालों से जुड़ी कई परेशानियां लेकर भी आता है। मानसून के सीजन में लोग बीमार भी बहुत ज्यादा पड़ते हैं और साथ ही साथ इस सीजन में स्किन से जुड़े कई इन्फेक्शन होते हैं। 

मानसून में कई बैक्टीरिया बहुत एक्टिव हो जाते हैं और दुनिया भर की स्किन एलर्जी सामने आती हैं। फंगल, वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन आपको परेशान कर सकते हैं और ये इन्फेक्शन कई लोगों में तो इतने ज्यादा बढ़ जाते हैं कि डॉक्टर की सलाह पर इलाज भी कराना पड़ता है। 

मानसून के समय तरह-तरह के स्किन इन्फेक्शन से बचने के लिए आप कुछ एक्सपर्ट टिप्स भी अपना सकते हैं। हमने इस बारे में Satliva की को-फाउंडर नम्रता रेड्डी से बात की। उन्होंने हमें बताया कि नम और गर्म मौसम में फंगस और बैक्टीरिया के बनने का बहुत अच्छा समय होता है और इसलिए हमें इन्फेक्शन भी ज्यादा होते हैं। 

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क्यों बढ़ता है बैक्टीरिया और क्या होना चाहिए हमारा पहला स्टेप?

जैसा कि हमने बताया कि इस सीजन में बैक्टीरिया के बढ़ने का अहम कारण ही यही है कि मौसम में पर्याप्त ह्यूमिडिटी रहती है और गर्मियों के बाद होने वाली बारिश बैक्टीरिया और फंगस को पोषण दे देती है जिससे ये बढ़ने लगता है। ऐसे समय में हमारा पहला स्टेप ये होना चाहिए कि हमें अपने अलग स्किन डिसऑर्डर से बचने के लिए हाइजीन और सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिए। रिंगवर्म, एक्जिमा, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, डैंड्रफ आदि बहुत सारी समस्याएं सिर्फ इसके कारण हो सकती हैं।  

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कुछ स्टेप्स जो आपको हमेशा ध्यान रखने चाहिए वो ये हैं:

अपने डेली रूटीन में एंटी माइक्रोबियल तेल का इस्तेमाल करें-

कई नेचुरल ऑयल्स में एंटीबैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज होती हैं। इनके कारण फंगस और बैक्टीरिया सब दूर हो जाते हैं और आपकी स्किन और भी ज्यादा बेहतर लगने लगती है। टी-ट्री ऑयल और मोरिंगा ऑयल अपनी इन्हीं खूबियों के कारण जाने जाते हैं। अगर आप इन्हें रेगुलर अपने स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाएंगे तो ये प्रोडक्ट्स आपकी स्किन को मानसून में पनपने वाले बैक्टीरिया से बचाएंगे।

  • आप अपने नहाने के पानी में कुछ बूंदें इन ऑयल्स की डाल सकते हैं।
  • आप इन्हें अपने बॉडी लोशन में मिला सकते हैं। 
  • किसी कैरियर ऑयल के साथ मिलाकर इन्हें आप इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • ये तेल चेहरे और शरीर दोनों पर लगाए जा सकते हैं। चेहरे के लिए आप इन्हें फेस पैक में मिलाकर भी लगा सकती हैं।  
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स्किन सांस ले सके ऐसे कपड़े पहनें- 

अगर आप ऐसे कपड़े पहनते हैं जिनकी मदद से स्किन सांस ले सके तो पसीने से होने वाला बैक्टीरिया स्किन को कम नुकसान पहुंचाएगा। ढीले कपड़े हमारी स्किन को सांस लेने की सुविधा देते हैं और ऐसे में फंगस और बैक्टीरिया के लिए वो गर्म माहौल नहीं बन पाता जिसमें वो बढ़ते हैं। इसलिए इस मौसम में ढीले कपड़े पहनें।  

सही हाइजीन है बहुत जरूरी- 

कोरोना ने हमें याद दिलाया है कि सही हाइजीन कितनी जरूरी है। हम खुद को बीमारी फैलाने वाले वायरस से बचा सकते हैं और हाइजीन का ध्यान रख सकते हैं। रोजाना नहाना और बार-बार हाथ पैर धोना बहुत जरूरी है। इसी के साथ, स्किन को सही तरह से क्लींजिंग और मॉइश्चराइजिंग की जरूरत होती है।  

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स्किन को मॉइस्चराइज करना न भूलें- 

लोगों को लगता है कि ह्यूमिड मौसम में उन्हें मॉइश्चराइजेशन की जरूरत नहीं होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। स्किन को अगर ठीक तरह का मॉइश्चराइजेशन नहीं मिलता है तो वो एक्स्ट्रा तेल और सीबम पैदा करती है और यही कारण है कि ये हमारे लिए और भी ज्यादा खतरनाक स्थिति हो जाती है। इस सीजन में कोको बटर, शिया बटर, एवोकाडो, हेम्प सीड ऑयल आदि बहुत अच्छे प्रोडक्ट्स साबित हो सकते हैं स्किन को मॉइस्चराइज करने के लिए। 

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फुट फंगस से बचने के लिए करें ये काम- 

अगर आपको फुट फंगस से बचना है तो आप अपने पैरों को पब्लिक प्लेस में तो ढक कर रखें, लेकिन घर में इन्हें खुला रखें और अगर पैर गीले हैं तो इन्हें ठीक से पोंछ लें। इन्हें घर में खुला इसलिए रहने दें ताकि ज्यादा गीलेपन के कारण इनमें फंगस न आ पाए। पैरों के किसी भी इन्फेक्शन से बचने के लिए फुट हाइजीन का अच्छा होना बहुत जरूरी होता है।  

ये सारी प्रैक्टिस आपको मानसून सीजन में स्किन इन्फेक्शन से बचा सकती हैं और ध्यान रहे कि इस दौरान आपके हेल्दी डाइट और हाइड्रेटेड रहना भी जरूरी है। इन्फेक्शन आपके शरीर में तभी आते हैं जब आपके शरीर का सिस्टम खराब हो जाता है और इसलिए ये बहुत जरूरी है कि आप अपने शरीर को बेहतर रखें।  

अगर इन्फेक्शन बहुत बढ़ गए हैं और आपके चेहरे, शरीर, हाथ-पैर में खुजली, दाने आदि हो गए हैं तो आप डॉक्टर से सलाह जरूर लें।