बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां आना बहुत ही आम होता है। लेकिन चेहरे पर झुर्रियां किसी भी महिला को अच्‍छी नहीं लगती है क्‍योंकि लटकती हुई त्‍वचा उनकी खूबसूरती को कम कर देती है। हालांकि, बढ़ती उम्र और झुर्रियों को रोका नहीं जा सकता है। लेकिन कुछ उपायों को अपनाकर आप इसे आसानी से कंट्रोल कर सकती हैं। यूं तो चेहरे की झुर्रियों को कम करने के लिए मार्केट में कई तरह के प्रोडक्ट मौजूद होते हैं। लेकिन महंगे और केमिकल युक्‍त होने के कारण ज्‍यादातर महिलाएं नेचुरल चीजों का इस्‍तेमाल करना चाहती हैं। इसके अलावा मार्केट में मिलने वाले बहुत से स्किन केयर प्रोडक्‍ट में रेटिनॉल नामक एंटीएजिंग तत्व होता है। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो प्रोडक्ट में मौजूद ये तत्‍व आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में मन में सवाल आता है कि चेहरे की झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए कौन सा उपाय अपनाया जाए? इसलिए आज हम आपको एक ऐसे हर्ब के बारे में बताने जा रहे हैं जो एजिंग के लक्षणों को कम करने के लिए रेटिनॉल से बेहतर माना जाता है। जी हां हम बाकुची नामक हर्ब के बारे में बात कर रहे हैं। इस बारे में हमें विश्व प्रसिद्ध डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन, फाउंडर और डायरेक्‍टर, आईएलएएमईडी (ILAMED) डॉक्‍टर अजय राणा जी बता रहे हैं।

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एक्‍सपर्ट की राय

डॉक्‍टर अजय राणा जी का कहना है कि ''आपने अभी तक इसके बारे में नहीं सुना होगा, लेकिन वर्तमान में स्किन केयर के लिए यह एक कोलेजन-बूस्टिंग बन रहा है। संक्षेप में, यह नए रेटिनॉल विकल्पों का एक अद्भुत घटक है, जो पारंपरिक रेटिनॉइड्स के साथ होने वाले साइड इफेक्‍ट को कम करता है। बाकूचियोल एक यौगिक है जो नेचुरली बाकुची पौधे की पत्तियों और बीज में पाया जाने वाला तत्‍व है। यह कोलेजन के उत्पादन को उत्तेजित करता है और इससे त्वचा की स्‍ट्रेंथ को सुरक्षित रखा जाता है, जिससे महीन रेखाएं और झुर्रियां कम होती हैं। यह हाइपरपिग्मेंटेशन जैसे यूवी डैमेज से स्किन को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है।''  

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आगे उन्‍होंने बताया, ''यह बाकुची बीज के तेल से मिलता है और एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण हर्बल ट्रीटमेंट में इसका उपयोग किया जाता है। स्किनकेयर में, यह एक रेटिनोइड एनालॉग के रूप में काम करता है, जिसका अर्थ है यह रेटिनॉल की तरह सेल टर्नओवर को उत्तेजित करने, काले धब्बों का मुकाबला करने और झुर्रियों को दूर भगाने में मदद करता है। बाकूचियोल का जादू सभी प्रकार की त्वचा जैसे ड्राई, सेंसिटिव, ऑयली और कॉम्बिनेशन के लिए अच्‍छा होता है। एंटी-एजिंग परिणाम चाहने वाली महिलाओं के लिए यह बिना किसी जलन का एक सौम्य उपाय है। यह सीरम और क्रीम में विटामिन सी और एसिड के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आपकी त्वचा को फोटो-सेंसिटिव नहीं बनाता है, इसलिए इसका उपयोग सुबह करना सुरक्षित होता है।''

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एंटी-एजिंग के लिए बाकूचियोल के फायदे

  • एंटीएजिंग के लक्षणों को कम करने के लिए बाकूचियोल को रेटिनोल से बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रोपर्टीज होती हैं। यह स्किन सेल्स को न्यूट्रिएंट्स देता है और उसे हेल्‍दी रखता है। साथ ही साथ यह कोलेजन को बढ़ाता है, जिसके कारण स्किन पर रिंकल्स और फाइन लाइंस को कम करने में मदद मिलती है। 
  • बाकूचियोल स्किन के लिए पर्याप्त कोलेजन बनाने में मदद करता है और स्किन को ड्राई कर देता है। जिससे स्किन पर सभी प्रकार के रिंकल्स खत्म हो जाते हैं।
  • इसके लिए बाकूचियोल को दिन या रात कभी भी, स्किन को क्लींजिंग करने के बाद और मॉश्चराइजिंग के पहले इस्तेमाल करें।
  • बाकूचियोल स्किन को डैमेज होने से बचाता है। रेटिनॉल की अपेक्षा यह त्वचा पर काफी तेजी से काम करता है। 
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  • बाकूचियोल में इंफ्लेमेटेरी गुण होते हैं। यह सभी प्रकार के स्किन इरीटेशन को ठीक करने में मदद करते हैं। इसके अलावा उम्र के साथ स्किन के टेक्सचर में बदलाव, स्किन पिगमेंटेशन और स्किन के इलास्टिसिटी को सही करने में मदद करता है। 
  • बाकूचियोल में किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। बाकूचियोल का इस्तेमाल सीरम, मॉइश्चराइजर और लोशन के साथ किया जा सकता है। इसे स्किन पर उम्र के साथ बढ़ने वाले रिंकल्स और फाइन लाइंस को दूर करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है।

आप भी इस हर्ब को अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल करके अपने चेहरे की झुर्रियों को कम कर सकती हैं। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिदंगी से जुड़ी रहें।