Diwali 2023: दिवाली पूजा के बाद खील और बताशों का क्या करना चाहिए?

दिवाली का पर्व धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज के साथ समाप्त होता है। दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा का विधान है। इस दिन कुबेर देव की पूजा भी कई स्थानों पर की जाती है। 
Updated:- 2023-10-30, 17:13 IST
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Khil Batashe Ka Kya Kare: दिवाली का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व माना जाता है। दिवाली का पर्व धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज के साथ समाप्त होता है। यूं तो श्री राम के पुनः अयोध्या लौटने पर दिवाली को धार्मिक रूप से मनाया जाता है लेकिन अमावस्या तिथि पड़ने के कारण इसका ज्योतिषीय महत्व भी है।

दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा का विधान है। इस दिन कुबेर देव की पूजा भी कई स्थानों पर की जाती है। दिवाली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी को कई तरह की चीजों का भोग लगाया जाता है। इन्हीं में से एक है खील-बताशे। मान्यता है कि खील-बताशे के बिना दिवाली पूजा अपूर्ण है और फलित नहीं होती।

वहीं, बहुत कम लोग यह जानते हैं कि दिवाली पूजा के बाद खील और बताशों का क्या करना चाहिए। अक्सर आप में से बहुत से लोग खुद ही खील-बताशे खा लेते हैं जबकि यह गलत है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के बाद खील और बताशों को क्या करना चाहिए। 

दिवाली 2023 की पूजा के बाद खील और बताशों का क्या करें?

diwali ke baad khil batasha ka kya kare

दिवाली की रात लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा के दौरान खील और बताशे चढ़ाए जाते हैं। फिर अगली सुबह ज्यादातर लोग खुद ही खील-बताशे खा लेते हैं या फिर पेड़ के नीचे रख आते हैं जबकि यह पूरी तरह से गलत है। ऐसा करने से पूजा का फल नहीं मिलता और पूजा को दोष लगता है। 

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दिवाली की पूजा के बाद अगली सुबह खील और बताशों को पांच हिस्सों में बाटना चाहिए। पहला हिस्सा गाय (गाय को क्यों खिलाई जाती है पहली रोटी) का होता है, दूसरा हिस्सा गरीब या जरूरतमंद का माना जाता है, तीसरा हिस्सा पक्षियों का होता है, चौथा हिस्सा पीपल के पेड़ का होता है और पांचवा खुद उस घर के लोगों का। 

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हिन्दू धर्म और ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, खील-बताशे के ये पांच हिस्से करने के बाद और सभी चार हिस्सों को सही जगह पहुंचाने के बाद ही स्वयं खील-बताशे खा सकते हैं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी और श्री गणेश की कृपा बनी रहती है। साथ ही, घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। 

 

अगर आप भी दिवाली पूजा में खील और बताशों का प्रयोग करते हैं तो इस लेख में दी गई जानकरी के माध्यम से यह जान लें कि आखिर दिवाली के बाद इन खील और बताशों का क्या करना चाहिए। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

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