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Shradh Niyam: क्या जिस दिन घर में श्राद्ध हो उस दिन नहीं धोने चाहिए कपड़े?

श्राद्ध जिस दिन घर में हो उस दिन कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है तभी श्राद्ध पूर्ण माना जाता है और उसका शुभ फल पितरों को प्राप्त होता है। इसी कड़ी में आज इस लेख में जानेंगे कि श्राद्ध वाले दिन घर में कपड़े धोने चाहिए या नहीं।
Updated:- 2025-09-15, 12:00 IST
should we not wash clothes on day when shraddha is performed at home

शास्त्रों में पितृपक्ष से जुड़े कई नियम बताए गए हैं जिनका पालन आवश्यक माना गया है। वहीं, पितृपक्ष के दौरान जिस दिन घर में श्राद्ध की तिथि हो उस दिन से जुड़े भी कुछ नियम हैं जिनका पालन करना जरूरी है नहीं तो इससे श्राद्ध की विधि पूर्ण नहीं मानी जाती है और दोष भी लगता है। ठीक ऐसे ही अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या श्राद्ध वाले दिन अगर में कपड़े नहीं धोने चाहिए और अगर ऐसा है तो इसके पीछे का कार क्या है। आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से।

क्या श्राद्ध वाले दिन नहीं धोने चाहिए कपड़े?

श्राद्ध का दिन पितरों को समर्पित होता है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और उनकी तृप्ति के लिए विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन का वातावरण बहुत शुद्ध और सात्विक होना चाहिए। नहीं तो जरा सी भी चूक पितरों को क्रोधित कर सकती है जिससे पितृ दोष भी लग सकता है।

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ऐसी मान्यता है कि श्राद्ध के दिन पितर अपने वंशजों के घर आते हैं। इस दौरान घर में किसी भी प्रकार का अपवित्र या अनुचित कार्य नहीं होना चाहिए। कपड़े धोना एक ऐसा कार्य माना जाता है जिससे पानी का बहाव होता है और उसमें से कुछ अपवित्रता निकलती है जो पितरों की आत्मा को अशांत कर सकती है और उन्हें नाराज भी।

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श्राद्ध के दिन सात्विक और पवित्र रहना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। कपड़े धोने से संबंधित कुछ क्रियाएं जैसे कपड़ों का निचोड़ना और उन्हें सुखाना, ज्योतिष में अपवित्र मानी जाती हैं। इसलिए, यह सुझाव दिया जाता है कि इस दिन इन कार्यों से बचना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में पानी को पितरों की मुक्ति का स्रोत माना गया है।

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ऐसे में पानी का बहाव और वो भी नाली जैसी जगह पर पितृ दोष और घर में नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है। इसके अलावा, श्राद्ध के दिन व्यक्ति को अपने मन को शांत रखना चाहिए ताकि वह पूरी तरह से पितरों का तर्पण कर सके। कपड़े धोना एक शारीरिक और मानसिक रूप से थकाने वाला कार्य होता है जिससे पूजा में बाधा आ सकती है।

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image credit: herzindagi 

FAQ
क्या जिस दिन घर में श्राद्ध हो उस दिन नहीं करनी चाहिए यात्रा?
जिस दिन घर में श्राद्ध हो उस दिन यात्रा नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसे अशुभ समय माना जाता है।
पितृपक्ष के दौरान क्या तुलसी तोड़नी चाहिए?
पितृपक्ष के दौरान तुलसी तोड़ने से बचना चाहिए।
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