बच्चे को बुखार है तो न करें ये गलतियां, वरना ज्यादा बिगड़ सकती है तबीयत

बच्चे की सेहत माता-पिता के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है, ऐसे में अगर अचानक से तबीयत खराब हो जाए तो चिंता होना लाजमी है। जैसे देर रात में अगर बच्चे को बुखार हो जाए तो ऐसी स्थिति में अक्सर लोग घबरा जाते हैं। देखा जाए तो इसी घबराहट में लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनके चलते बच्चे तबीयत बिगड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
इसलिए ऐसे वक्त में सगजता बेहद जरूरी है और यहां हम आपको इसी बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। दरअसल, यहां हम उन गलतियों के बारे में बात कर रहे हैं, जो पैरेंट्स अक्सर बुखार से पीड़ित बच्चे की देखभाल करते वक्त कर बैठते हैं। बता दें कि हमने इस बारे में लखनऊ के जनरल फिजिशियन डॉ. बृजेंद्र सिंह से बात की है और उनसे मिली जानकारी यहां आपके साथ शेयर कर रहे हैं। तो चलिए जानते हैं उन गलतियों के बारे में जिनके बारे में सतर्कता बेहद जरूरी है।
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मेडिकेशन संबंधी गलतियां
बुखार में सेल्फ मेडिकेशन यानी खुद से दवाओं का सेवन करना घातक साबित हो सकता है। खासकर बच्चों को बुखार की दवा देते समय तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे पहले तो दवा देने की जल्दबाजी करना गलत है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर बुखार सामान्य है तो बच्चे का शरीर खुद ही इसका सामना करने में सक्षम होता है। वहीं अगर बुखार तेज है तो बेहतर होगा कि आप बालरोग विशेषज्ञ की सलाह पर ही बच्चे को कोई दवा दें।
खासकर बच्चे को बिना सोचे-समझे कोई एंटीबायोटिक न दें। बता दें कि एंटीबायोटिक दवाएं सिर्फ बैक्टीरियल फीवर पर असर करते हैं। वायरल फीवर के संक्रमण में एंटीबायोटिक काम नहीं करते हैं और ऐसे में एंटीबायोटिक का सेवन हानिकारक भी हो सकता है।

दवा की डोज और समय का ध्यान रखना भी जरूरी है। बड़ों की अपेक्षा बच्चों को क्षमता वाली दवाएं दी जाती हैं। इसलिए दवा की डोज का निर्धारण सोच-समझकर करें। साथ ही दवाओं के बीच के अंतराल का भी ध्यान रखें। लगातार दवा का सेवन बच्चे की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
खान-पान संबंधी गलतियां
बुखार के दौरान खान-पान संबंधी गलतियां भी बच्चे की तबीयत बिगाड़ सकती है। जैसे कि बुखार में बॉडी का डिहाइड्रेट होना आम है, ऐसे में पैरेंट्स को इसका खास ध्यान रखना चाहिए। छोटे बच्चे खुद से पानी की जरूरत समझ नहीं पाते हैं, इसलिए ये आपकी जिम्मेदारी है कि उन्हें नियमित अंतराल पर पानी पिलाते रहते हैं।
बुखार के वक्त बच्चे को काढ़ा पिलाने की गलती भी न करें। असल में काढ़े की गर्म तासीर पाचन के लिए हानिकारक हो सकती है। ऐसे में इसके कारण एसिडिटी और पेट में दर्द की समस्या हो सकती है। साथ ही बुखार में स्वाद बदलने के लिए तीखे और मसालेदार भोजन से भी परहेज करना चाहिए। इसलिए बच्चे को ऐसा भोजन देने की गलती न करें।
रख-रखाव संबंधी गलतियां
बुखार के समय अक्सर लोग बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखते हैं, जबकि ऐसा करना गलत है। ऐसा इसलिए क्योंकि बुखार के दौरान शरीर का तापमान सामान्य रहना चाहिए, ना अधिक गर्म और ना ही अधिक ठंडा। अधिक तापमान के कारण बच्चे को असहजता हो सकती है, ऐसे में अधिक पसीना निकलने से डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है। इसलिए करने से बचे और बुखार में बच्चे हल्के और आरामदेह कपड़े ही पहनाए।

बुखार में बच्चे को कंबल से ढक कर रखना भी नुकसानदेह हो सकता है। इसके कारण बच्चे को घुटन और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। इसलिए उसे कवर करते वक्त ध्यान रखें कि बच्चे का मुंह खुला रहे, ताकि उसे सांस लेने में किसी तरह की असुविधा न हो।
बुखार के दौरान बच्चे को ठंडे पानी से नहलाना भी गलत है। इसके कारण बुखार बढ़ सकता है। इसलिए बुखार में बच्चे को गर्म पानी से नहलाएं या फिर स्पंज बाथ दें।
उम्मीद करते हैं कि सेहत से जुड़ी यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों और परिचितों के साथ शेयर करना न भूलें।
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