भारत की स्टार रेस्लर गीता और बबिता फोगाट की बहन रितिका फोगाट की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है।  शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला आत्महत्या का है जहां रितिका फोगाट ने एक रेस्लिंग मैच हारने के कारण आत्महत्या कर ली। सुबह-सुबह मिली इस खबर से भारतीय रेस्लिंग कम्युनिटी के कई लोगों ने अपना दुख जाहिर किया है। रितिका फोगाट दंगल सिस्टर्स गीता और बबिता फोगाट की ममेरी बहन थीं। 

दुख की बात ये है कि रितिका सिर्फ 17 साल की ही थी। इतनी कम उम्र में उनकी इस तरह से मौत के कारण पूरा फोगाट परिवार शोक की लहर में डूब गया है। कई लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए अपना दुख जाहिर किया है। 

आखिर क्यों उठाना पड़ा ये कदम?

अभी तक साफतौर पर किसी चीज़ की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस अपनी जांच में लगी हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो रितिका फोगाट एक मैच में हारने को लेकर काफी परेशान थीं। 

ritika phogat

रितिका स्टेट लेवल सब जूनियर, जूनियर वुमन एंड मेन रेस्लिंग टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थीं जो 14 मार्च को खेला गया था। इस मैच के फाइनल में रितिका सिर्फ 1 ही प्वाइंट से हार गई थीं। इसी बात का दुख रितिका बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं और उन्होंने खुद को फांसी लगा ली। 

रितिका की ट्रेनिंग भी द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर सिंह फोगाट द्वारा की गई थी जो उस टूर्नामेंट में मौजूद थे। 

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फोगाट परिवार का अहम हिस्सा थीं रितिका-

राजस्थान के झुंझनू में रहने वाली रितिका महावीर फोगाट स्पोर्ट्स अकादमी में पिछले 5 सालों से ट्रेनिंग ले रही थीं। रितिका अपनी बहनों की तरह ही रेस्लर बनना चाहती थीं और वो अपनी बहनों के काफी करीब भी थीं। गीता फोगाट की छोटी बहन रितु फोगाट ने ट्विटर पर रितिका के लिए संदेश भी लिखा। 

रितिका की मौत की खबर सबसे पहले रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवे के स्टेट मिनिस्टर विजय कुमार सिंह ने दी जिन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रितिका के न रहने की पुष्टि की।  

विजय कुमार सिंह ने एक अहम मुद्दा उठाया है कि आखिर किसी एथलीट के लिए प्रेशर से डील करने की ट्रेनिंग क्यों नहीं होती। अक्सर कई एथलीट्स डिप्रेशन में चले जाते हैं इसका कारण ये है कि वो एथलीट्स परेशान रहते हैं और वो हार को अपने दिल से लगा बैठते हैं। डिप्रेशन और प्रेशर हैंडल करने की ट्रेनिंग लेना एक बहुत अहम हिस्सा है जिससे ये पता चलता है कि प्लेयर हार को कैसे डील करेगा।  

ट्विटर पर कई लोगों ने इस बात का समर्थन किया और कहा कि ट्रेनिंग का हिस्सा प्रेशर हैंडलिंग को भी बनाना चाहिए। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ये प्रेशर सिर्फ एथलीट्स पर ही नहीं बल्कि लगभग हर फील्ड के लोगों पर होता है। बच्चों के ऊपर माता-पिता की जिम्मेदारी थोपी जाती है।  

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भारत में हर रोज़ होते हैं 381 सुसाइड- 

अगर आंकड़ों की बात करें तो एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर रोज़ 381 लोग आत्महत्या करते हैं और ये बहुत ही दिल तोड़ देने वाले आंकड़े हैं। कहीं न कहीं इसका जिम्मेदार लगातार बढ़ रहा प्रेशर है जिसके बारे में बात करनी चाहिए। मानसिक तनाव को जिंदगी का हिस्सा बनने देना आम है, लेकिन उसका हल निकालना बहुत मुश्किल और ये ध्यान रखना चाहिए कि उसका हल किस तरह से निकाला जाए। 

 

उम्मीद है कि फोगाट परिवार को इस मुश्किल घड़ी में हिम्मत मिलेगी।