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    Marriage Story: कैसे शुरू हुई शादी की परंपरा और किसने किया था धरती पर पहला विवाह

    आज हम आपको इस बात की जानकारी देंगे कि आखिर किसने किया था पहला विवाह और कब हुई इस धरती पर पहली शादी।  
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    • Gaveshna Sharma
    • Editorial
    Updated at - 2023-02-17,12:32 IST
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    when did first marriage on earth happened

    Prithvi Par Pehli Shadi: हिन्दू धर्म मेंविवाह से जुड़ी कई बातें बताई गई हैं जिनमें विवाह के नियम, रीति-रिवाज, विवाह का महत्व, विवाह की आवश्यकता आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। 

    इसी कड़ी में इस बात का भी उल्लेख मिलता है कि पृथ्वी पर पहला विवाह कब हुआ था और किसने किया जिसकी जानकारी हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स ने हमें दी और हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं। 

    ब्रह्मा जी ने शरीर के किए दो भाग 

    dharti par pehli shadi kisne ki thi

    ब्रह्म पुराण के अनुसार, सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्मा (कैसे हुआ ब्रह्मा का जन्म) ने अपने शरीर के दो भाग कर दिए थे। यह भाग मनुष्य की उत्पत्ति के लिए हुए थे। ब्रह्मा जी के शरीर का एक भाग 'का' कहलाया और दूसरा भाग 'या' कहलाया। दोनों को मिलाकर बना 'काया'। इसी काया से पुरुष तत्व और स्त्री तत्त्व ने जन्म लिया। 

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    स्त्री-पुरुष की हुई रचना 

    ब्रह्मा जी ने जहां पुरुष का नाम स्वयंभुव मनु रखा तो वहीं, स्त्री का नाम शतरूपा पड़ा। इन्हीं दोनों को ब्रह्मा ने सृष्टि का ज्ञान प्रदान किया और पृथ्वी पर भेजा। जब दोनों का पृथ्वी पर आमना-सामना हुआ तो ब्रह्मा जी के दिए सांसारिक और पारिवारिक ज्ञान के अनुसार दोनों ने एक दूसरे को स्वीकार किया।

    इन्होनें किया था पहला विवाह 

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    लिहाजा शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि मनु-शतरूपा ही पहले दंपत्ति थे। यानी कि पृथ्वी पर पहला विवाह मनु और शतरूपा ने किया था। इस विवाह के बाद मनु और शतरूपा को सात पुत्र और तीन पुत्रियां प्राप्त हुई थीं। हालांकि कुछ धर्म ग्रंथों में माना जाता है कि मनु और शतरूपा ने विवाह तो किया था।

    ऐसे हुए थी विवाह परंपरा की स्थापना 

    लेकिन वह निति सांगत नहीं था। विवाह जैसी परंपरा की स्थापना श्वेत ऋषि ने की थी। उन्होंने ही विवाह के समस्त नियम, विवाह की मर्यादा, विवाह का महत्व, विवाह में फेरों का स्थान, विवाह में सिन्दूर एवं मंगलसूत्र (मंगलसूत्र पहनने के नियम) का महत्व, विवाह में वचनों का आदान-प्रदान आदि यह सब स्थापित किया था। 

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    यह है असलियत 

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    अधिकतर शादियों में ऐसा सुनने को मिलता है कि फेरों के दौरान बोला जाता है कि शादी के बाद पत्नी पति की आज्ञा लिए बिने कुछ काम नहीं करेगी या पत्नी विवाह के बाद पति के आधीन है लेकिन असल में ऋषि श्वेत द्वारा बनाए गए नियमों में विवाह के बाद पति-पत्नी को एक समान स्थान देने की बात कही है। 

    तो इन्होनें किया था पृथ्वी पर पहला विवाह। आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

    Image Credit: Freepik, Shutterstock

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