इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण दो जुलाई को पड़ेगा। यह ग्रहण 2 जुलाई को लगेगा। इस बार सूर्य ग्रहण लगभग 4 घंटे का होगा। भारत के समय अनुसार यह 2 जुलाई की रात में 11.31 से शुरु होकर तीन जुलाई की रात 2.15 बजे तक रहेगा। आपको बता दें कि इस साल का पहला सूर्यग्रहण 5 जनवरी को लगा था। वैसे यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, दक्षिण मध्य अमेरिका और प्रशान्त महासागर में दिखाई देगा। हालांकि यह ग्रहण पूरी तरह से चील, अर्जेंटीना में दिखाई देगा। इसके अलावा इन देशों के पड़ोसी देश भी इन सूर्य ग्रहण को देख पाएंगे।

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सूर्य ग्रहण कैसे होता है:

पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है और वह इसके साथ ही साथ सूर्य के भी चक्कर लगाती है। जिस तरह धरती सूरज की परिक्रमा करती है ठीक उसी तरह चंद्रमा भी पृथ्वी का चक्कर लगाता है क्‍योंकि यह पृथ्वी का उपग्रह है। जब दोनों अपनी-अपनी धूरी पर परिक्रमा करते हैं और कभी चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है तो पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है। इसी पल को ग्रहण कहा जाता है।

हिन्दू धर्म में सूर्य ग्रहण को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन आपको बता दें कि इस बार भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक भी यहां नहीं लगेगा। अगर आपको सूतक के बारे में पता नहीं है तो आइए जानते है।

सूतक क्‍या होता है:

शास्त्रों के अनुसार सूतक समय को अशुभ मुहूर्त माना जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ या नए काम की शुरुआत नहीं की जाती है। इस दौरान भगवान की पूजा भी नहीं करनी चाहिए और ना ही भगवान के दर्शन करने चाहिए। सूर्यग्रहण के दौरान अगर हम सूतक की बात करें तो धार्मिक नियमों के अनुसार सूर्यग्रहण के बारह घंटे पहले से ही सूतक लग जाता है और यह ग्रहणकाल के समाप्त होने के मोक्ष काल के बाद स्नान, धर्म स्थलों को फिर से पवित्र करने के बाद ही समाप्त होता है।

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हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान पृथ्वी का वायुमंडल दूषित हो जाता है और इसलिए इस समय किसी भी तरह के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि सूर्य ग्रहण का मानव शरीर की प्रणाली पर शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभाव पड़ता है। इसलिए सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ कामों को करने की मनाही होती है। वहीं कुछ कार्य ऐसे होते है जिन्‍हें करने की सलाह दी जाती है।

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सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें: 

  • ग्रहण से पहले पका हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए लेकिन भोजन बच जाए तो ग्रहण शुरू होने से पहले खाने की बनी हुई चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर रखें। ऐसा माना जाता है कि तुलसी के पत्ते ग्रहण के समय निकलने वाली हानिकारक तरंगों से भोजन को दूषित होने से बचाते है।
  • ग्रहण काल के बाद घर की सफाई करनी चाहिए और स्नान करना चाहिए।
  • ग्रहण काल के समाप्त होने के बाद पूरे घर में झाडू लगाना चाहिए और गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। घर के मंदिर वाले स्‍थान को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करना चाहिए।
  • ग्रहण खत्म होने के बाद गरीब और जरूरतमंद को अनाज, कपड़े और पैसे दान करने का चलन है।
  • गर्भवती महिलाओं को शिशु पर दुष्प्रभाव से बचने के लिए घर के अंदर रहना चाहिए।
  • ग्रहण के बाद प्रसाद चढ़ाना भी शुभ माना जाता है।

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें:

  • ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान किसी भी नए कार्य की शुरूआत नहीं करनी चाहिए।
  • ग्रहणकाल के दौरान खाना खाना, पानी पीना, खाना बनाना, नहाना, शौच के लिए जाना या सोना नहीं चाहिए।

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  • ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे को नहीं छूना चाहिए। ग्रहण खत्म होने के बाद तुलसी को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान पूजा नहीं करनी चाहिए। भगवान की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए।

Photo courtesy- (Navjivan, Hindu Mythology, अमर उजाला, News Digital India 24, Amar Ujala)