गंगाजल में गुड़ मिलाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य देने से क्‍या होता है?

सूर्य उपासना का विशेष महत्व होता है। आइए गंगाजल में गुड़ मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देने का ज्योतिषीय और आध्यात्मिक महत्व जानते हैं। एस्ट्रोलॉजर सिद्धार्थ एस. कुमार यह भी बताएंगे कि यह कैसे यह पापों को दूर कर आत्मबल बढ़ाता है।  
Updated:- 2025-11-14, 10:43 IST
 Surya Arghya with jaggery and Ganga Jal

भारतीय संस्कृति में सूर्य उपासना का विशेष स्थान है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य हमारे जीवन का आधार हैं। वह आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सफलता के प्रतीक माना जाता है। सूर्य को अर्घ्य देना सिर्फ धार्मिक परंपरा ही नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता, मानसिक शक्ति और आत्मबल बढ़ाने का शक्तिशाली उपाय है। अधिकतर महिलाएं सुबह के समय सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर दिन की शुरुआत करती हैं।

ऐसा माना जाता है कि गंगाजल में गुड़ मिलाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य देना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। यह न केवल पापों का नाश करता है, बल्कि सूर्य दोष को शांत कर जीवन में समृद्धि, आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ाता है।

इस पर ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से विस्तार से बता रहे हैं दिल्ली स्थित NumroVani के फाउंडर और प्रसिद्ध एस्ट्रोलॉजर सिद्धार्थ एस. कुमार।

गंगाजल और गुड़ का महत्व

गंगाजल- शुद्धता का प्रतीक

गंगाजल अपने आप में दिव्य और शुद्ध माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और मन तथा शरीर को पवित्र बनाता है। सूर्य की किरणों के साथ इसका संपर्क व्यक्ति में ऊर्जा और तेज बढ़ाता है।

Ganga Jal and jaggery Surya Arghya benefits

गुड़- मधुरता और सौम्यता का प्रतीक

ज्योतिष में गुड़ का संबंध सूर्य और शुक्र ग्रह से माना जाता है। यह सूर्य की ऊर्जा को संतुलित करता है और जीवन में स्थिरता व मिठास लाता है।

इसे जरूर पढ़ें: सूर्य को अर्घ्य देने के लिए समय का रखें विशेष ध्यान, दूर हो सकती हैं सभी बाधाएं

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से गंगाजल और गुड़ के लाभ

सूर्य की ऊर्जा का शुद्धिकरण

अगर कुंडली में सूर्य कमजोर हो या पाप ग्रहों से प्रभावित हो, तो आत्मविश्वास कम हो जाता है। गंगाजल में गुड़ मिलाकर अर्घ्य देने से सूर्य की ऊर्जा शुद्ध होती है और व्यक्ति में आत्मबल बढ़ता है।

आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि

सूर्य सम्मान और नेतृत्व का ग्रह है। नियमित अर्घ्य देने से आत्म-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। यह विशेष रूप से ऐसी महिलाओं के लिए लाभकारी है, जो सरकारी नौकरी या नेतृत्व से जुड़ी हैं।

पितृ दोष से मुक्ति

सूर्य हमारे पितरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब गंगाजल में गुड़ मिलाकर अर्घ्य दिया जाता है, तब यह पितृ दोष को शांत करता है और पूर्वजों के आशीर्वाद का मार्ग प्रशस्त करता है।

surya-arghya

स्वास्थ्य लाभ

गुड़ में लौह तत्व होते हैं और यह शरीर के लिए ऊर्जा का स्रोत है। सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर में जीवन शक्ति और संतुलन बढ़ता है। इससे दिल, आंखों और ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।

अर्घ्य देने की विधि

  • सुबह सूर्य उदय से पहले स्नान करें।
  • तांबे के लोटे में गंगाजल लें और इसमें थोड़ा गुड़ मिलाएं।
  • पूर्व दिशा में सूर्य की ओर मुख करके खड़े हों।
  • दोनों हाथों से लोटा उठाकर 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का उच्चारण करते हुए अर्घ्य दें।
  • अर्घ्य देते समय मन में आभार और शांति का भाव रखें।

इसे जरूर पढ़ें: क्या डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देना ठीक है? जानें ज्योतिष के नियम

आप भी सूर्य को अर्ध्‍य देते समय गंगाजल में गुड़ मिलाएं। इससे आपको ये सभी फायदे महसूस होंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।

Image Credit: Shutterstock  

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।