स्कूल बस में भी सामने आ चुके हैं यौन शोषण के मामले, बस में बच्चों की सुरक्षा के ये नियम हर माता-पिता को होने चाहिए पता

कुछ महीने पहले दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल की बस में बच्ची से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। इससे पहले भी स्कूल में बच्चियो के साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण के मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा, स्कूल बस की दुर्घटना और ओवरस्पीडिंग से जुड़ी भी कई खबरें आए दिन सुनने को मिलती हैं। स्कूल और स्कूल बसों में इस तरह की घटनाएं बेशक माता-पिता को चिंता में डाल सकती हैं। आपको बता दें कि स्कूली बसों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के कई निर्देश हैं, जिनका पालन होना चाहिए। इन नियमों के बारे में पेरेंट्स को जानकारी होना जरूरी है। अगर आपके बच्चे की स्कूल बस में इन नियमों को फॉलो नहीं किया जा रहा है, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।
स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी नियम ( India Govt Rules & Regulations for School Bus Safety)
- स्कूल बस के आगे और पीछे, 'स्कूल बस' लिखा हुआ होना चाहिए। अगर बस को स्कूल ड्यूटी के लिए हायर किया गया है, तो उस पर 'ऑन स्कूल ड्यूटी' लिखा होना चाहिए।
- बस में एक फर्स्ट-एड बॉक्स होना चाहिए।
- बस में अग्निशामक यंत्र जरूर होना चाहिए। बस के ऊपर स्कूल का नाम और टेलीफोन नंबर लिखा हुआ होना चाहिए।
- बस की खिड़कियों में क्षैतिज ग्रिल लगी होनी चाहिए ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।
- बस के दरवाजों पर विश्वसनीय ताले लगे हुए होने चाहिए।
- स्कूल बैग सही से रखने के लिए, सीट के नीचे जगह होनी चाहिए।
- बस में स्कूल से एक अटेंडेंट होना चाहिए। स्कूल बसों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए।
- स्कूल कैब का रंग हाईवे पीले रंग का होना चाहिए। बस के चारों और बीच में 150 मिमी चौड़ाई की हरे रंग की हॉरिजेन्टल पट्टी होनी जरूरी है और बस के चारों तरफ, स्कूल कैब साफतौर से लिखा हुआ दिखना चाहिए।
- स्कूल बस के ड्राइवर के पास कम से कम चार साल की अवधि के लिए एलएमवी-ट्रांसपोर्ट वाहन चलाने का लाइसेंस होना चाहिए और ड्राइवर को हल्के नीले रंग की शर्ट, हल्के नीले रंग की पैंट और काले जूत पहनना होगा। बस ड्राइवर का नाम उसके आईडी शर्ट पर होना चाहिए।
- बस ड्राइवर के पास पूरी लिस्ट होनी चाहिए कि स्कूल बस में कौन-कौन से बच्चे हैं, कुछ कितने बच्चे हैं, उनकी क्लास, घर के एड्रेस, ब्लड ग्रुप और रूट के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।
- स्कूल बसों में GPS और CCTV अनिवार्य हैं। इन कैमरों की फुटेज 60 दिन तक रखी जानी चाहिए।
- ड्राइवर का बच्चों से बिना जरूरत अधिक बात करना गलत है। इसकी शिकायत की जा सकती है।
यह भी पढ़ें- Parenting Tips: स्कूल में किसी भी इमरजेंसी के लिए बच्चों को ऐसे करें तैयार, घबराने की जगह मिलेगी उन्हें भी हिम्मत
सभी माता-पिता को बस में बच्चों की सुरक्षा के ये नियम पता होने चाहिए। आप इस बारे में क्या सोचते हैं, हमें कमेंट बॉक्स में लिख कर बताएं। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।