Harassment और Molestation की ख़बरों को आए दिन सुर्ख़ियों में पढ़ना अब आम हो गया है और यह बेहद शर्मनाक बात है। इंसान की हैवानियत पर गुस्सा और हैरत और ज्यादा बढ़ जाती है, जब इस तरह की हरकतों का शिकार मासूम बच्चों को बनाया जाता है। इन बातों की अवेयरनेस होनी चाहिए, ये तो हम सब कहते हैं मगर, जब बात आती है अपने बच्चों से इस बारे में बात करने की तो सब चुप्पी साध जाते हैं। इसी तरह का गुस्सा जताते हुए बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर ने भी इस टॉपिक पर हमसे बात की।

श्रद्धा कपूर ने कहा कि वो इस तरह की ख़बरों को पढ़कर बहुत सहम जाती हैं और परेशान हो जाती हैं। श्रद्धा ने हमसे यह भी कहा कि कैसे इन चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए और कैसे बच्चों को इस बारे में समझाना चाहिए।

स्कूल से शुरू होनी चाहिए अवेयरनेस

shraddha kapoor on child abusing

श्रद्धा ने कहा कि बच्चे सबसे पहले चीज़ें या तो उनके पेरेंट्स से सीखते हैं या स्कूल से। आपको खुद उन्हें यह समझाना चाहिए कि उनके साथ होने वाले ऐसे व्यवहार पर कैसे रिएक्ट करना है। मेरे ख़याल से स्कूल्स में भी इस तरह के सेशन होने चाहिए, जहां बच्चों को सिखाएं कि अगर कोई उन्हें परेशान करता है या ग़लत तरीके से छूता है तो चिल्लाएं, अपने टीचर्स या पेरेंट्स से बात करें। स्कूल से शुरू हो जानी चाहिए इस तरह की अवेयरनेस। पेरेंट्स को भी अपने बच्चों को Observe करना चाहिए कि क्या वो किसी बात को छुपा तो नहीं रहा, क्या वो परेशान तो नहीं है?

मैं इन ख़बरों को पढ़ती हूं तो रो देती हूं  

shraddha kapoor on child abusing main

श्रद्धा ने आगे कहा कि यह कोई अच्छी बात नहीं है कि हम आज इतने मॉडर्न हो गए हैं, अपने आपको पढ़ा लिखा मानते हैं और सही-ग़लत का अंतर जानते हैं, फिर भी हमारे देश में इस तरह की हरकतें हो रही हैं। जब भी मैं इस तरह की कोई ख़बर पढ़ती हूं या किसी से सुनती हूं तो मुझे रोना आ जाता है। मैं बहुत डिस्टर्ब हो जाती हूं। ऐसी घटनाएं मेरे लिए हार्टब्रेकिंग होती हैं। मैं काफ़ी देर तक इस बारे में सोचती रहती हूं।

श्रद्धा ने कहा कि सिर्फ़ यंग गर्ल्स ही नहीं बॉयज भी सेफ़ नहीं है। पेरेंट्स को अपने बच्चों पर बहुत ध्यान देना चाहिए। बच्चे बहुत सेंसेटिव होते हैं और उनका बचपन खुशियों से भरा होना चाहिए। ऐसा ना हो कि वो जब बड़े हो जाएं तो उन्हें अपने बचपन से नफ़रत हो जाए।

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