हर वर्ष भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से पूरे देश भर में गणेशोत्सव की शुरुआत होती है। इस त्योहार की खास बात यह है कि इसे 11 दिनों तक मनाया जाता है। देश के छोटे-बड़े हर शहर-गांव में जगह-जगह गणेश पंडाल लगाए जाते हैं। इतना ही नहीं, कई लोग घर में भी इन दिनों गणपति प्रतिमा की स्‍थापना करते हैं। मगर क्‍या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि घर पर गणपति स्थापना कैसे करनी चाहिए? 

वास्‍तु शास्‍त्र में घर में गणपति स्थापना से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं, जिन पर हमने वास्तु एक्सपर्ट एवं एस्ट्रोलॉजर रिद्धि बहल से बात की। रिद्धि बताती हैं, 'जब हमारे घर में कोई गेस्ट आता है, तो हम उसकी पसंद और नापसंद का पूरा ख्‍याल रखते हैं। गणेश उत्सव में तो साक्षात भगवान ही हमारे गेस्ट बन कर आते हैं, तो ऐसे में उन्‍हें क्‍या पसंद है इस बात का ध्यान रखने से आपको उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।'

रिद्धि जी कुछ वास्‍तु टिप्‍स भी बताती हैं, जिनका गणपति स्थापना के वक्‍त ध्‍यान रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ सुख-समृद्धि का भी प्रवेश होता है। 

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डेकोरेशन के लिए वास्‍तु टिप्‍स 

गणपति प्रतिमा की स्थापना से जुड़ा सबसे पहला स्टेप है कि आप अपने घर में उनकी स्थापना के लिए एक उचित स्थान तैयार करें। अधिकांश लोग गणपति प्रतिमा की स्थापना करने से पूर्व घर की सजावट करते हैं। रिद्धि जी कहती हैं, ' सजावट में असली फूलों का ही इस्तेमाल करें। जरूरी नहीं है कि आप बहुत सारे फूल सजावट में लगा दें। भले ही आप गणपति प्रतिमा पर एक फूल ही चढ़ाएं, अगर वह असली होना चाहिए। प्लास्टिक के फूल का बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें। इससे निगेटिव एनर्जी का घर में प्रवेश होता है। सजावट के लिए आप केले के पत्ते और अशोक के पत्तों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।'

आपको बता दें कि वास्‍तु शास्‍त्र में केले के पत्ते और अशोक के पत्तों को शुभ माना गया है। दोनों ही पत्ते पूज्य और पवित्र माने गए हैं। जहां केले के पत्तों में देवगुरु बृहस्पति का वास होता है, वहीं अशोक के पत्ते घर के सम्पूर्ण वास्तु दोष को खत्म कर देते हैं। 

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ऐसी होनी चाहिए गणपति जी की प्रतिमा 

आजकल बाजार में गणपति जी की कई तरह की प्रतिमाएं आपको मिल जाएंगी। ईको फ्रेंडली के नाम पर फूल, पत्ती, कागज, दफ्ती आदि के साथ ही चॉकलेट, दाल और लड्डू की प्रतिमाएं भी बन रही हैं। मगर धार्मिक दृष्टि से गणपति प्रतिमा कैसी होनी चाहिए, इस बारे में रिद्धि कहती हैं, 'शुद्ध मिट्टी से बनी प्रतिमा की ही स्‍थापना करें। यह भी ईको फ्रेंडली होती है और पानी में आसानी से घुल जाती है।' आपको बता दें कि नदी तट की मिट्टी से बनी प्रतिमा घर में धन धान्य लेकर आती है। 

इतना ही नहीं, कई लोग इस बात पर भी बहुत ध्यान देते हैं कि गणेश प्रतिमा का रंग कैसा होना चाहिए और वह किस तरह से बनी होनी चाहिए। इस पर रिद्धी कहती हैं, 'वास्‍तु शास्‍त्र में ऐसा कोई जिक्र नहीं किया गया है कि गणपति प्रतिमा किसी विशेष रंग की हो या फिर उसका आकार प्रकार विशेष हो। भगवान गणेश का वाहन चूहा है, अगर प्रतिमा में चूहा होता है तो यह अच्छी बात है और यदि नहीं होता है तो इसमें कोई खराबी नहीं है। गणेश जी बैठे हुए हैं या खड़े हुए हैं, हर तरह की प्रतिमा की स्थापना घर पर की जा सकती है। मगर इस बात का ध्यान रखें कि प्रतिमा पूरी हो। केवल गणपति जी का मुंह नहीं होना चाहिए, ऐसी प्रतिमा को अधूरा माना गया है और यह शोपीस तो हो सकती है मगर इसकी पूजा नहीं की जा सकती है।'

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इस दिशा में करें गणपति प्रतिमा की स्थापना 

वास्‍तु के लिहाज से पूजा-पाठ करने के लिए नॉर्थ-ईस्ट दिशा को सबसे शुभ माना गया है। आप अगर नॉर्थ-ईस्ट दिशा में पूजा-पाठ की व्यवस्था न कर पाएं, तो आपको ईस्ट दिशा को चुनना चाहिए। रिद्ध‍ि बताती हैं, 'ईस्ट दिशा को उगते हुए सूर्य की दिशा माना गया है, इसलिए पूजा-पाठ करने के लिए यह दिशा भी शुभ है। इसके अलावा आप नॉर्थ दिशा को भी पूजा या पूजा से संबंधित किसी भी कार्य के लिए चुन सकते हैं। मगर गणपति प्रतिमा की स्‍थापना साउथ-वेस्ट दिशा में हरगिज न करें। साउथ दिशा में भी प्रतिमा की स्थापना न करें। अगर कोई भी व्यवस्था न बैठ पाए तो नॉर्थ-वेस्ट दिशा में आप प्रतिमा की स्थापना कर सकते हैं।'

पूजा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान 

  • प्रतिमा की स्थापना ऐसे करें कि जब आप पूजा के लिए बैठें तो आपका चेहरा नॉर्थ-ईस्ट की तरफ हो। 
  • गणपति जी की आरती उनके चरणों से शुरू करें और फिर नाभी की आरती करें, फिर अंत में उनके मुख की आरती होनी चाहिए। 
  • साफ-सफाई का विशेष ध्‍यान रखें। रोज ताजे फूल गणपति जी पर चढ़ाएं। 
  • जहां आपने प्रतिमा रखी है, वहां अंधेरा बिल्कुल भी नहीं होने दें। अगर आप अखंड दिया नहीं जला पाती हैं, तो आपको रोशनी की ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि हर वक्त प्रतिमा के आस-पास उजाला बना रहे। 

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गणेश उत्सव की आप सभी को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आप सभी ने इस उत्सव को मनाने की तैयारियां शुरू कर दी होंगी। ऐसे में वास्तु एक्सपर्ट रिद्धि बहल के द्वारा बताए गए यह टिप्स आपके बहुत काम आएंगे। 

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