आमतौर पर देखा जाता है कि बच्चे अपने दिल की बात जितना खुलकर अपने दोस्तों के साथ कर लेते हैं, उतना ओपन होकर वह अपने पैरेंट्स से नहीं कह पाते। कई बार तो बच्चे अपने माता-पिता के सामने इतना झिझकते हैं कि वह कभी भी अपना पक्ष रख ही नहीं पाते। इसलिए तो कहा जाता है कि माता-पिता को हमेशा बच्चे का दोस्त बनकर रहना चाहिए। जब आपके बीच एक दोस्ती का बॉन्ड होता है तो कम्युनिकेशन भी काफी आसान हो जाता है। आप दोनों ही एक-दूसरे के मन की बात को सुनने व समझने की कोशिश करते हैं और एज व थिंकिंग डिफरेंस के कारण उनके बीच तनातनी का माहौल पैदा नहीं होता। हालांकि अब सवाल यह उठता है कि पैरेंट्स बच्चों से फ्रेंडशिप किस तरह करें। अगर आप चाहती हैं कि बच्चे आपसे दोस्ती करें तो इसके लिए आपको ही कुछ कदम बढ़ाने होंगे। हालांकि बच्चों से दोस्ती का रिश्ता कायम करना इतना भी मुश्किल नहीं है। अगर आप चाहें तो कुछ आसान टिप्स को अपनाकर बेहद आसानी से ऐसा कर सकती हैं। तो चलिए जानते हैं इन टिप्स के बारे में-
दें लाइफटाइम कमिटमेंट
अगर आप सच में बच्चों के नजदीक जाना चाहती हैं तो सबसे पहला कदम आपको ही उनकी तरफ बढ़ाना होगा। इसकी शुरूआत में आप उन्हें लाइफटाइम कमिटमेंट जरूर दें। मसलन, आप उन्हें कहें कि जीवन में वह चाहे कोई भी गलती करें या फिर परिस्थितियां किसी भी तरह बदल जाएं, लेकिन आप उन्हें कभी भी प्यार करना नहीं छोड़ेगी। वैसे तो माता-पिता का प्यार अनकंडीशनल और लाइफ टाइम के लिए ही होता है, लेकिन बच्चे को भी इसका अहसास कराने से आपसी बॉन्ड मजबूत होता है। इसी तरह, आप उन्हें कह सकती हैं कि वह एक दोस्त की तरह अपने जीवन की सबसे गन्दी बात भी उन्हें बता सकते हैं और आप हमेशा उनकी बात पूरी सुनेंगी और उनके प्रति जजमेंटल नहीं होंगी।
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साथ में बिताएं समय
आज के समय में पैरेंट्स और बच्चों के बीच दोस्ती का रिश्ता डेवलप ना होने के पीछे एक मुख्य कारण यही होता है कि माता-पिता बच्चे से दोस्ती तो करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास बच्चे के लिए समय नहीं होता। हम यह नहीं कहते कि आप सारा दिन बच्चे के साथ बिताएं, लेकिन कम से कम दिन में एक घंटा सिर्फ और सिर्फ उनके लिए ही रखें। फिर भले ही वह आपका डिनर टाइम ही क्यों ना हो। ऐसे अगर देखा जाए तो आप साल 365 घंटे बिना किसी परेशानी के अपने बच्चे को दे सकती हैं। जब आप दोनों साथ में कुछ वक्त बिताएंगी तो यकीनन आपके बीच दोस्ती का रिश्ता डेवलप होगा। (बच्चे को सिखाएं पैसे बचाने का हुनर) याद रखें कि फ्रेंडशिप सिर्फ एक दिन में या अचानक से डेवलप नहीं होती। रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासों की जरूरत होती है।
बच्चों के लिए रहें अवेलेबल
वैसे तो आप बच्चे के लिए दिन में अलग से एक घंटा निकाल ही रही हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि बस आपकी जिम्मेदारी खत्म हो गई। आपको बच्चों को यह विश्वास दिलाना होगा कि आप उनके लिए हमेशा अवेलेबल हैं। आपने कभी महसूस किया है कि जो आपकी सहेलियां होती हैं, आप उनसे भले ही कई दिनों तक बात ना करें, लेकिन अगर आप किसी परेशानी में हैं तो आपको यकीन होता है कि वह आपके लिए अवेलेबल होंगी। (बच्चे को इन 5 तरीकों से रखें अनुशासित और खुश) ठीक उसी तरह, बच्चों को भी यह अहसास होना चाहिए कि अगर वह किसी तरह की परेशानी में हैं या फिर उन्हें अपनी कोई बात आपसे शेयर करनी है तो आप उनके लिए हमेशा अवेलेबल रहेंगी।
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मीनिंगफुल टच
बच्चों के साथ एक प्यार भरे और दोस्ती का रिश्ता का कायम करने का यह एक बेहद आसान लेकिन प्रभावी तरीका है। जब आप अपने बच्चे को कोमल तरीके से टच करती हैं तो इससे उसके मस्तिष्क में कई मैसेज जाते हैं। आपने महसूस किया होगा कि जब बच्चा परेशान होता है या फिर रो रहा होता है, अगर आप उसे प्यार से गले लगा लें तो वह एकदम से शांत हो जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जो माता-पिता अपने बच्चों को प्रतिदिन कम से कम छह बार प्यार से होल्ड करते हैं, उनके बच्चों का जीवन काल कई महीनों व सालों के लिए बढ़ जाता है।(बचपन में ही दें बच्चों को ये 5 सीख) वर्तमान में बच्चों में कई समस्याओं का मुख्य कारण सिर्फ स्पर्श, प्यार और स्नेह की कमी है। जब आप उन्हें प्यार से गले लगाती हैं तो इससे आपका बच्चा न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि भावनात्मक रूप से भी लाभान्वित होता है।
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Image Credit:(@freepik)
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