भारतीय संस्कृति में अनगिनत ऐसे रीति रिवाज हैं जिनका मुख्य उद्देश्य जीवन को बेहतर बनाना है। उन्हीं रीति-रिवाजों में से एक है जिसे चरणस्पर्श का नाम दिया गया है। घर में या बाहर जो भी हमसे बड़े हैं उनके चरणों को स्पर्श करना या छूना।
ये एक ऐसी आदत थी जो शुरू से ही बच्चों में डाली जाती थी। इसमें ये संस्कार दिए जाते थे कि घर के जितने भी बड़े हैं जैसे माता-पिता या अन्य कोई बड़े, तो प्रातः उठकर उनके पैर जरूर छुएं। उसके बाद ही किसी काम की शुरूआत की जाती थी।
ये एक ऐसी आदत थी जो ताउम्र बानी रहती थी और इसके बहुत से लाभ भी मिलते थे। धर्म के अनुसार या ज्योतिष के अनुसार इस आदत के कई लाभ देखने को मिलते थे। आइए नारद संचार के ज्योतिष अनिल जैन जी से जानें बड़ों के पैर छूने के फायदों के बारे में।
बड़ों के पैर क्यों छुए जाते हैं
हिंदू धर्म में लोग बड़ों के पैर इसलिए छूते हैं क्योंकि यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। हिंदू धर्म में बड़ों के पैर छूना सम्मान व्यक्त करने का एक तरीका है, इसे चरणस्पर्श भी कहा जाता है।
बड़ों के पैर छूने से उस संस्कार का भी पता चलता है जो एक व्यक्ति ने अपने परिवार के लिए सीखा है। ऐसा माना जाता है कि जब हम बड़ों के पैर छूते हैं तब बदले में हमें अपने बड़ों का आशीर्वाद मिलता है। ये वो मूल्य हैं जो बचपन में सिखाए जाते हैं जिनका हम जीवन भर पालन करते हैं।
पैर छूने के फायदे
जब हम बड़ों के पैर छूते हैं तो उनका आशीष मिलता है और उनके प्रति सदैव सम्मान बना रहता है। यदि हम सेहत की बात करें तो ये एक व्यायाम की तरह हो सकता है। लेकिन पैर छूने का एक तरीका है पूरी तरह से झुककर बड़ों के पैरों के अंगूठे का स्पर्श करना, जिससे इस व्यायाम का पूर्ण लाभ मिल सके।
विज्ञान की दृष्टि से ऊर्जा का प्रवाह भी ऊपर से नीचे की तरफ होता है। जो भी हमारे सम्मानित लोग हैं उनके पैर छूने से उनकी सकारात्मक ऊर्जाएं हमारे शरीर में प्रवेश करती हैं जिनका पूरा लाभ मिलता है।
झुककर पैर छूना क्यों जरूरी है
विज्ञान के अनुसार हमारे शरीर में शक्ति का नकारात्मक और सकारात्मक प्रवाह होता है। शरीर का बायां आधा भाग नेगेटिव करंट प्रवाहित करता है और दाहिना भाग पॉजिटिव करंट का संचार करता है। दोनों भाग मिलकर धनात्मक या ऋणात्मक का एक परिपथ कार्य पूरा करते हैं। इस प्रकार, यह सलाह दी जाती है कि पैरों को छूते समय हमें हाथों को क्रॉस करना चाहिए। जब हम किसी बड़े के चरण स्पर्श करते हैं तो उनके हाथों और पैर की उंगलियों के माध्यम से ऊर्जा का संचार शरीर में होता है।
पैर छूने का सही तरीका
किसी बड़े या सम्मानित व्यक्ति के पैर छूने के लिए, आपको अपने ऊपरी शरीर को उनके सामने झुकना चाहिए, अपने घुटनों को झुकाए बिना और अपनी बाहों को आगे की ओर फैलाएं। भुजाओं को समानांतर रखें और इस तरह फैलाएं कि आपका दाहिना हाथ उनके बाएं पैर को छुए और बायां हाथ उनके दाहिने पैर को छुए। इसके बाद बड़े व्यक्ति को अपने दाहिने हाथ से आपके सिर के शीर्ष को छूना चाहिए और आपको आशीर्वाद देना चाहिए।
पैर छूने के स्वास्थ्य लाभ
भारतीय विद्वानों के अनुसार पैर छूने के तीन तरीके हैं। पहला आगे झुकने और पैर छूने का मूल तरीका है। दूसरा अपने घुटनों के बल बैठना है और फिर दूसरे व्यक्ति के पैर छूना है। तीसरे और अंतिम चरण में आपको अपने पेट के बल लेटना होता है जिसमें आपका माथा जमीन को छूता है, जिसे साष्टांग प्रणाम के रूप में भी जाना जाता है। यह आमतौर पर हिंदू मंदिरों में भक्तों द्वारा किया जाता है।
पैर छूने के लिए आगे की ओर झुकते समय आपकी पीठ और कमर में खिंचाव होता है। जब आप घुटनों के बल बैठते हैं और फिर किसी बड़े के पैर छूते हैं तो आपके घुटने मुड़े हुए होते हैं और आपके शरीर के सभी जोड़ खिंचते हैं, जिससे आपको जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। साष्टांग प्रणाम करने से आपके पूरे शरीर में खिंचाव होता है और शरीर का दर्द ठीक हो जाता है।
बड़ों के पैर छूना कई तरह से लाभदायक है, इसलिए घर के बड़ों को इस प्रथा के संस्कार अपने बच्चों को जरूर देने चाहिए। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।
images: freepik.com
HerZindagi Video
HerZindagi ऐप के साथ पाएं हेल्थ, फिटनेस और ब्यूटी से जुड़ी हर जानकारी, सीधे आपके फोन पर! आज ही डाउनलोड करें और बनाएं अपनी जिंदगी को और बेहतर!
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों