सईद जाफरी की गिनती भारत के उन उम्दा कलाकारों में की जाती है, जिनके किरदार हमेशा के लिए जेहन में रह जाते हैं। 'दिल', 'किशन कन्हैया', 'घर हो तो ऐसा', 'राम तेरी गंगा मैली', 'गांधी', 'मासूम', 'शतरंज के खिलाड़ी', 'सागर', 'राम लखन' जैसी कितनी ही फिल्मों में सईद जाफरी नजर आए और अपने लोकप्रिय किरदारों के जरिए भारतीय सिनेमा प्रेमियों के दिल में हमेशा के लिए बस गए। 86 साल की उम्र में जब उनका निधन हुआ तो पूरा बॉलीवुड गमगीन हो गया था। सईद जाफरी की जिंदादिली और खुशमिजाजी हर किसी को इंप्रेस करती थी। लेकिन क्या आपको मालूम है कि निजी जिंदगी में उन्होंने कैसे तूफानों का सामना किया और अपनी किन गलतियों का अफसोस उन्हें ताउम्र रहा? 

saeed jaffrey actor madhur jaffrey ex wife

सईद जाफरी ने अपनी डायरी में अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में काफी कुछ लिखा है खासतौर पर अपनी रिलेशनशिप्स के बारे में। सईद जाफरी ने अपनी डायरी में बहुत बेबाकी से अपनी रिलेशनशिप्स और अपने लाइफ एक्सपीरियंसेस के बारे में लिखा है। सईद जाफरी की यह डायरी इस समय में काफी वायरल हो रही है। इस डायरी में सईद ने अपनी पूर्व पत्नी मेहरुनिमा का भी जिक्र किया है, जिन्हें उन्होंने कभी तलाक दे दिया था। अपनी पूर्व पत्नी से उन्होंने रिलेशनशिप से जुड़ी ऐसी सीख ली, जो आज के समय की यंगस्टर्स के लिए भी बहुत मायने रखती है। सईद जाफरी की जिंदगी की यह अनुभव तब सामने आया जब वह हमारे बीच नहीं रहे। सईद जाफरी से अलग होने के बाद मेहरुनिमा ने अपना नाम बदलकर मधुर जाफरी कर लिया था। भारतीय व्यंजनों पर आधारित एक दर्जन से ज्यादा कुकरी बुक्स लिखने वाली मधुर जाफरी ने लोकप्रियता की नई मिसाल कायम की थी। सईद जाफरी ने अपनी पूर्व पत्नी से जिंदगी की कौन सी सबसे बड़ी सीख ली, उसके बारे में उनकी पर्सनल डायरी के इस अंश के जरिए जानते हैं।

सईद जाफरी इस अनुभव को जिंदगी भर भुला ना सके

saeed jaffrey late bollywood actor diary

'मैं 19 बरस का था, जब मेहरुनिमा से मेरी शादी हुई और वह 17 बरस की थीं। जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ, औपनिवेशिक भारत के ब्रिटिश कल्चर से प्रभावित होता चला गया। मैंने धाराप्रवाह इंग्लिश बोलना सीख लिया, ग्रेसफुली सूट पहनना सीख लिया, संभ्रात लोगों वाले एटिकेट्स भी सीख लिए। लेकिन मेहरुनिमा मुझसे बिल्कुल उलट थी। वो एक टिपिकल हाउसवाइफ थी। मेरी सलाह और चेतावनी से उनके मूल व्यक्तित्व में कोई बदलाव नहीं आया। वह एक आज्ञाकारी पत्नी, प्यार देने वाली मां और एक कुशल गृहणी थीं। लेकिन जो मैं चाहता था, वह वो नहीं थीं। जितना मैं उन्हें बदलना चाहता था, उतने ही हम दोनों के बीच फासले बढ़ते गए। धीरे-धीरे वह एक प्यारी सी युवा महिला से असुरक्षित महिला में तब्दील हो गईं। इसी दौरान मैं अपनी एक को-एक्टर की तरफ आकर्षित हो गया और उनमें वह सबकुछ था, जो मैं अपनी पत्नी में चाहता था। शादी के 10 साल बाद मैंने मेहरुनिमा को तलाक दे दिया, घर छोड़ दिया और अपनी को-एक्टर से शादी कर ली। मैंने मेहरुनिमा और अपने बच्चों की फाइनेंशियल सिक्योरिटी सुनिश्चित कर दी थी। 6-7 महीनों तक सबकुछ ठीक-ठाक चलता रहा। इसके बाद मुझे अहसास हुआ कि मेरी पत्नी केयरिंग और अफेक्शनेट नहीं है। वह सिर्फ अपनी खूबसूरती, महत्वाकांक्षा, अपनी इच्छाओं के बारे में सोचती है। कभी-कभी मैं मेहरुनिमा के प्यार भरे स्पर्श और मेरे लिए फिक्र को मिस करता हूं। जिंदगी बीतती गई। मैं और मेरी पत्नी हम दोनों एक घर में रहने वाले दो लोग बन गए, हम एक नहीं हो पाए। मैं कभी ये देखने नहीं गया कि मेहरुनिमा और मेरे बच्चों का क्या हुआ। दूसरी शादी के 6-7 साल बाद मैं मधुर जाफरी का एक आर्टिकल पढ़ रहा था, जो एक उभरती हुई शेफ थीं, जिन्होंने हाल ही में अपनी रेसिपीज की एक किताब लॉन्च की थी। जैसे ही मैंने उस स्मार्ट और एलीगेंट महिला की तस्वीर देखी, मैं दंग रह गया। वह मेहरुनिमा थीं। ऐसा कैसे मुमकिन था? उन्होंने दोबारा शादी कर ली थी और अपना मेडन नेम भी बदल लिया था। उस समय में मैं विदेश में फिल्म की शूटिंग कर रहा था। वह अब अमेरिका रहती थीं। मैं अगली फ्लाइट से अमेरिका पहुंचा। मैंने मेहरुनिमा के बारे में पता किया और उनसे मिलने गया। उन्होंने मुझसे मिलने से इनकार कर दिया। मेरी बेटी 14 साल की थी और बेटा 12 साल का। उन दोनों ने कहा कि वे आखिरी बार मुझसे बात करना चाहते हैं। मेहरुनिमा के नए पति उनके ना मिलने के फैसले में उनके साथ थे। मेरे बच्चों के भी वह कानूनी पिता थे। आज की तारीख में भी मैं भूल नहीं पाता कि मेरे बच्चों ने मुझसे क्या कहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि हमारे नए पिता को पता है कि असली प्रेम क्या होता है। बच्चों ने बताया कि मेहरुनिमा को उनके दूसरे पति ने कभी बदलने की कोशिश नहीं की क्योंकि वह खुद से ज्यादा अपनी पत्नी को प्यार करते थे। उन्होंने मेहरुनिमा को अपनी तरह से विकसित होने के लिए स्पेस दिया। मेहरुनमा जैसी थी, उन्होंने उन्हें वैसे ही स्वीकार किया, कभी उन पर अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए दबाव नहीं बनाया। और अपने दूसरे पति के साथ आज वह कॉन्फिडेंस से भरी प्यार देने वाली आत्मनिर्भर महिला के रूप में तब्दील हो चुकी हैं। यह उनके दूसरे पति का निस्वार्थ प्रेम और स्वीकार्यता थी, जिससे यह संभव हुआ। जबकि आपकी स्वार्थपरिता, डिमांड और मां को उनके मूल रूप में ना स्वीकार करने से ही वह आत्मविश्वास से हीन हुईं और आपने अपनी स्वार्थपरिता में उन्हें छोड़ दिया। आपने कभी मां को प्यार नहीं दिया, आपने हमेशा खुद को प्यार किया और जो खुद से प्यार करते हैं, वे कभी किसी और को प्यार नहीं दे सकते। मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सबक था-आप जिन्हें प्यार करते हैं, उन्हें बदलने की कोशिश नहीं करते, वो जैसे हैं, उन्हें वैसे ही प्यार करते हैं।
 
 

saeed jaffrey late bollywood actor dairy on biggest learning

मायने रखता है सईद जाफरी की डायरी का यह सबक

सईद जाफरी ने अपनी गलतियों से जो सीखा, उससे आज के दौर की महिलाएं भी सबक ले सकती हैं। रिलेशनशिप में अक्सर ऐसा होता है कि पत्नी या पति एक-दूसरे से जरूरत से ज्यादा उम्मीदें करने लगते हैं, उन्हें स्पेस नहीं देते या उन्हें अपने जैसा बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसी चीजें कई बार अनजाने में भी हो जाती हैं, जब पति या पत्नी को ऐसा लगता है कि वे अपने साथी के भले की ही सोच रहे हैं। लेकिन इससे रिश्तों पर बहुत बुरा असर होता है और रिलेशनशिप ज्यादा लंबी नहीं चल पाती और अगर चलती भी है, तो उसमें फासले बढ़ जाते हैं।

रिलेशनशिप को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए मैरिटल लाइफ में पति-पत्नी को एक-दूसरे को सम्मान देना बहुत महत्व रखता है। एक-दूसरे की खुशियों का खयाल एक-दूसरे की फिक्र और पर्सनल लाइफ में स्पेस देने जैसी चीजें ही कपल को एक-दूसरे से जोड़ती है। इन बेसिक चीजों को अपनाने से रिलेशनशिप हमेशा स्ट्रॉन्ग बनी रहती है और एक-दूसरे के लिए प्यार भी सालों-साल जवां बना रहता है।