दहेज़ प्रथा न सिर्फ भारत में बल्कि अन्य देशों में भी मुंह पसारे खड़ी हुई है। न जाने कितनी लड़कियां हर साल दहेज़ की इस आग में अपना अस्तित्व गवां बैठती हैं और न जाने कितने पिता अपनी सालों की जमा पूँजी दहेज़ के रूप में झोंकने के बाद भी बेटी की खुशियां नहीं खरीद पाते हैं। आज हम चाहे जितने भी मॉडर्न समाज में कदम रखकर बड़ी-बड़ी बातें करते हों लेकिन दहेज़ प्रथा को पूरी तरह से ख़त्म नहीं कर पाए हैं और आए दिन कोई न कोई मासूम इसका शिकार बनती है।

इसी दहेज़ प्रथा के खिलाफ पकिस्तान के एक फैशन डिज़ाइनर ने दहेज़ न लेने की मुहीम चलाते हुए अपने ब्राइडल कलेक्शन को कुछ इस तरह दिखाया है जिससे साफ़ पता चलता है कि  उसमें दहेज़ न लेने की अपील की जा रही है। आइए जानें कौन है वो फैशन डिज़ाइनर और क्या ख़ास है उसके ब्राइडल कलेक्शन में। 

पाकिस्तानी फैशन डिज़ाइनर 

pak fashion designer

दहेज़ प्रथा के खिलाफ एक पाकिस्तानी फैशन डिज़ाइनर ने बड़ा कदम उठाया है। फैशन डिज़ाइनर अली जीशान ने ‘यूनाइटेड नेशंस एंटिटी फॉर जेंडर इक्वेलिटी एंड द इंपावरमेंट ऑफ वुमैन पाकिस्तान' के साथ मिलकर एक अभियान शुरू किया है। जिसमें उन्होंने अपने ब्राइडल कलेक्शन को दहेज़ विरोधी रखते हुए लोगों से दहेज़ न लेने की अपील की है। इस अभियान में एक वीडियो में दिखाया गया कि किस तरह पाकिस्तानी परिवार अपने जीवन भर की कमाई का प्रयोग अपनी बेटी की शिक्षा पर खर्च करने के बजाय उसे दहेज देने के लिए करता है।

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वायरल हो रहा वीडियो 

no dowry fashion collection

दहेज प्रथा के खिलाफ तैयार किए गए इस अभियान के वीडियो में दिखाया गया है कि एक युवा लड़की जिसकी शादी हो रही है वो लाल लहंगा-चुन्नी पहने हुए है दिख रही है और लड़की एक कार्ट को खींच रही है, जिसमें उसके माता-पिता के द्वारा दिए गए सामान को रखा गया है। वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह से लड़की इस कार्ट को भारी सामानों की वजह से खींचने में असमर्थ है और उसकी आँखें आंसुंओं से भरी हैं। वहीं उसी वीडियो में ये भी दिखया गया है कि उसका पति एक तरफ से चलता हुआ आता है और उसकी मदद करने के बजाय उस कार्ट पर चढ़कर खड़ा हो जाता है। ये पूरा वीडियो इस बात को दिखाता है कि कैसे दहेज़ प्रथा लड़कियों और उनके परिवार को प्रभावित करती है। 

 
 
 
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अली जीशान का नया कलेक्शन 

ये अभियान जीशान का दहेज प्रथा के खिलाफ नवीनतम कलेक्शन है। इसे जीशान ने नुमाइश नाम दिया है। इस कलेक्शन को ‘यूएन वुमैन पाकिस्तान’के साथ मिलकर ‘पैंटीन हम ब्राइडल कॉउचर वीक 2021 में लॉन्च किया गया। पाकिस्तानी डिजाइनर का ये कलेक्शन दहेज़ प्रथा को बंद करने के लिए एक अभियान है जो लोगों को इसके खिलाफ जागरूक करता है। 

लोगों ने की इसकी सराहना 

इस कलेक्शन को जैसे ही ट्विटर पर पोस्ट किया गया इस पर लोगों के कमेंट आने शुरू हो गए। जिसमें डिज़ाइनर के इस प्रयास की सराहना की जा रही है। ‘नुमाइश’ की वीडियो और इसकी तस्वीरों के जारी होते ही, सोशल मीडिया पर लोगों ने दहेज प्रथा के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। हालांकि कुछ लोगों ने इस कलेक्शन और वीडियो का मकसद सिर्फ अपने ब्रांड का प्रमोशन करना बताया है। 

 
 
 
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दहेज़ की वजह से होने वाली हत्याएं 

दहेज की वजह से न जाने कितनी महलाएं मौत के घाट उतार दी जाती हैं। उन्हें दहेज़ न दे पाने की वजह से कभी उत्पीड़ित किया जाता है तो कभी जलाकर मार दिया जाता है। ये हत्याएं उन विवाहित महिलाओं की मौतें भी हैं, जिन्हें उनके पति द्वारा या ससुराल वालों द्वारा लगातार दहेज को लेकर किए जा रहे उत्पीड़न और यातना से तंग आकर आत्महत्या के लिए उकसाया जाता है। इन महिलाओं का खुद का ही ससुराल उनके लिए मौत की जगह बन जाता है। भारत में दहेज हत्या मुख्य रूप से एक बड़ी समस्या है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान,बांग्लादेश, ईरान और भारत में 2010 में 8,391 ऐसी मौतों के साथ दहेज से होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक है, जिसका अर्थ है कि प्रति 100,000 महिलाओं में 1.4 मौतें होती हैं। जनसंख्या के हिसाब से समायोजित, पाकिस्तान, जहां प्रति वर्ष ऐसी 2,000 मौतों की सूचना है, वहां प्रति 100,000 महिलाओं पर दहेज मृत्यु की दर सबसे अधिक है। 

दहेज़ प्रथा वास्ताव में देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक अभशाप है। ऐसे में एक पाकिस्तानी फैशन डिज़ाइनर की ऐसी पहल वास्तव में सराहनीय है। 

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