एक ताजा घटना में प्राइवेट स्कूल के 59 बच्चियों को बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। दिल्ली में इस स्कूल ने 59 बच्चियों को केवल इसलिए बंधक बना लिया क्योंकि उनकी फीस जमा नहीं थी। हालांकि इसके बाद दिल्ली सरकार ने इस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।

children safety in school inside

क्या है स्कूल का मामला

मामला राबिया गर्ल्स स्कूल का है, जहां 59 बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया। मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर इस घटना पर हैरानी जताई और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। चांदनी चौक स्थित राबिया गर्ल्स स्कूल के इस अमानवीय कदम से बच्चियों के परिजनों में काफी आक्रोश देखने को मिला।

इस मामले पर एक स्कूल टीचर ने बताया, 'महीने की 30 तारीख को फीस जमा होनी चाहिए और अगर बच्चों की फीस समय से जमा नहीं हो पाती है तो उन्हें क्लास में आने की इजाजत नहीं दी जाएगी।' इस मामले में हौज काजी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 342 के तहत स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के सेक्शन 75 के तहत आगे की जांच की जा रही है। 

बच्चियों को तहखाने में बंद कर दिया था 

बेहद शर्मनाक बात यह है कि राबिया प्राइवेट स्कूल नें पेरेंट्स द्वारा समय पर फीस ना जमा कराने पर नर्सरी की बच्चियों को तहखाने में बंद कर दिया था। बच्चियों ने जब इस बारे में अपने घर पर बताया तो दिल्ली पुलिस ने पेरेंट्स की शिकायत पर स्कूल के खिलाफ मासूम बच्चियों के साथ क्रूरता और उन्हें गलत तरीके से 5 घंटे तक स्कूल के तहखाने में बंधक बनाए रखने के आरोप में केस दर्ज किया है।

हो सकती है एक साल की सजा

अगर आप भी कभी इस तरह की स्थिति का सामना करती हैं तो आपको बच्चों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। अधिवक्ता ऋषिकेश कुमार बताते हैं, 'कानून में स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों को अपराधी नहीं माना जाता। अगर कोई बच्चे को अवैध तरीके से कहीं बंद करके रखता है तो आईपीसी के सेक्शन 342 के तहत अवैध तरीके से बंधक बनाए जाने के जुर्म में दोषियों को एक साल तक की सजा का प्रावधान है। इस बारे में आप स्कूल अथॉरिटीज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती हैं।'

  • Saudamini Pandey
  • Her Zindagi Editorial