पुराने जमाने में रात में नाखून काटने के लिए मना किया जाता था। लेकिन अब महिलाएं इस सोच से आगे बढ़ रही हैं। नाखून काटना हाईजीन से जुड़ी एक प्रैक्टिस है और रेगुलर बेसिस पर नाखून काटने से नाखून और उंगलियों के बीच में गंदगी जमा नहीं होती। हालांकि पुराने समय में अक्सर यह कहा जाता था कि नाखून रात में नहीं काटने चाहिए। अब आप यह सोच रही होंगी कि यह एक मिथ है या फिर इसमें कोई सच्चाई है? इसका जवाब दो तरह से दिया जा सकता है-

क्या रही होगी तार्किक वजह?

nail cutting in

पुराने समय में जब 24 घंटे बिजली नहीं रहती थी, तब रात में बारीक काम करने से बचा जाता था। ब्लेड जैसी शार्प चीजें रात में कम ही इस्तेमाल की जाती थीं। तब नेल कटर भी नहीं हुआ करते थे। तब लोग अपने नाखून काटने के लिए कैंची या चाकू का इस्तेमाल करते थे, इसीलिए रात में इन चीजों का इस्तेमाल खतरनाक माना जाता था। इससे नाखून से खून निकलने, उंगली कट जाने या खाने में नाखून गिर जाने का खतरा होता था। इसीलिए रात में नाखून ना काटने का रिवाज बन गया। 

तंत्र-मंत्र से जुड़ी वजह भी हुआ करती थी

काला जादू करने के लिए अक्सर किसी का टूटा हुआ नाखून या शरीर के किसी हिस्से की जरूरत होती है। इसीलिए ऐसा माना जाता था कि अगर रात में नाखून काटने पर कहीं गिर जाए और कोई उस नाखून को इकट्ठा करके उस पर काला जादू करने लगे तो उस इंसान को नुकसान पहुंच सकता था। 

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आप क्या करें?

तंत्र-मंत्र के लिए कोई तार्किक बात नहीं कही जा सकती लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो नाखून की साफ-सफाई से आपकी सेहत अच्छी बनी रहती है। सच तो ये है कि आप अपने हाथों को कितनी बार भी साफ करें, लेकिन नाखूनों के भीतर गंदगी रह ही जाती है। नाखून बैक्‍टीरिया को विकसित होने का एक अच्छा एटमॉसफेयर  देते हैं, विशेष रूप से साल्‍मोनेला और ई कोलाई जैसे बीमार करने वाले बैक्‍टीरिया को। जब आप नाखून काटते नहीं हैं तो बैक्‍टीरिया आपके मुंह से शरीर में प्रवेश कर आसानी से संक्रमण को स्‍थानांतरित करते हैं। कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि नाखून उंगलियों से दोगुने गंदे होते हैं, इसलिए इनमें बैक्टीरिया की आशंका भी अधिक होती है। इसीलिए आपके नाखून ठीक ढंग से कटे हुए होने चाहिए और उनमें किसी तरह की गंदगी नहीं होनी चाहिए, अन्यथा खाना खाने या मुंह में हाथ लगने से बीमार करने वाले बैक्टीरिया शरीर में जा सकते हैं।

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