ओडिशा के मयूरभंज में रहने वाली रॉयल फैमिली से हैं राजकुमारियां मृणालिका और अक्षिता एम भंजदेव। दोनों बहनों ने रॉयल फैमिली से होने के बाद भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अलग-अलग देशों में जाकर भारत का नाम किया है और स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया है। मृणालिका और अक्षिता ने विदेश में पढ़ाई करने के बाद, न्यू यॉर्क में नौकरी करके अपने व्यवसाय को भी आगे बढ़ाया है। यहां हम आपको बताएंगे दोनों बहनों ने पढ़ाई से लेकर अपने व्यवसाय को आगे कैसे बढ़ाया और उनकी रुचि किसमें है।

रॉयल फैमिली से हैं दोनों बहनें

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कम उम्र में अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने वाली दोनों बहनें एक रॉयल फैमिली में पैदा हुई थीं। इन्हें मयूरभंज की राजकुमारी कहा जाता है और इनका नाम मृणालिका और अक्षिता एम भंजदेव है। मृणालिका और अक्षिता प्रवीण चंद्र भंजदेव की दूसरी और तीसरी बेटियां हैं, जो भांजा वंश के 47 वें शासक हैं। मयूरभंज पूर्वी भारत का एक राज्य है, जिसमें प्रवीण चंद्र भंजदेव की माता भारती राज्यलक्ष्मी भंजदेव हैं। भारती राज्यलक्ष्मी नेपाल के दिवंगत राजा त्रिभुवन की बेटी हैं। आपको बता दें कि मृणालिका और अक्षिता की माता जैसलमेर के शाही परिवार से हैं और उनका नाम रश्मि राज्यलक्ष्मी भंजदेव है। 

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स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देती हैं

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यह बात हम सभी जानते हैं कि भारत की रॉयल्टी ने 1947 में ही अपनी शक्तियां खो दी थीं, लेकिन फिर भी यहां औपचारिक रूप से कुलीन लोग रहते हैं। मृणालिका की उम्र 28 है और अक्षिता 26 वर्ष की हैं, लेकिन इतनी कम उम्र में भी दोनों ने अपने काम को जिम्मेदारियों से संभाला है। कुछ साल पहले मृणालिका और अक्षिता दोनों ही भारत की ओर से पेरिस में हुए 'ले बाल डेस डेब्यूटेंट' में शामिल हुई थीं। जहां भारत के डेब्यूटेंट और घुड़सवारों का प्रतिनिधित्व, स्थानीय कला, संस्कृति को बढ़ावा देने, एक स्थायी बुटीक पैलेस, होटल चलाने और इको-टूरिज्म को गले लगाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। 

सुंदरता के अलावा समझदारी भी है गुण  

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मृणालिका और अक्षिता कोलकाता में जन्मी और पली-बढ़ी थीं। जिसके दौरान कक्षा 9वीं और 10वीं में लड़कियों के लिए होने वाले 'प्रतिष्ठित ला मार्टिनियर' में भाग लिया था। इसके बाद दोनों ही सिंगापुर के दक्षिण पूर्व एशिया के कॉलेज में पढ़ाई करने चली गई थीं। बता दें कि इस कॉलेज के पूर्व छात्राओं में बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर, ऑरेंज-नासाऊ की राजकुमारी अनीता, एक डच राजकुमारी वैन वोलेनहॉवन-वैन इज्क भी शामिल हैं। यहां बड़े-बड़े देशों के जाने-माने लोग पढ़ाई करने आते हैं, जिससे मृणालिका और अक्षिता ने भी पढ़ाई की है। 

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दोनों बहनों की अंतर्राष्ट्रीय मामलों में है दिलचस्पी

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अंतर्राष्ट्रीय मामलों, स्थिरता, पर्यटन, व्यवसाय और नीति में रुचि रखने वाली दोनों बहनें कई अलग-अलग देशों के कॉलेज गई हैं। जिसमें अमेरिका के डेविस विश्वविद्यालय, बार्ड कॉलेज और वर्जीनिया विश्वविद्यालय के अलावा, विश्व महाविद्यालय भी शामिल हैं। अक्षिता ने बार्ड कॉलेज में संघर्ष क्षेत्रों में मीडिया के साथ राजनीतिक विज्ञान और मानवाधिकारों का पालन किया था। मृणालिका ने यूवीएए के मैकिन्टायर स्कूल ऑफ कॉमर्स से सर्टिफिकेट के साथ, समाजशास्त्र और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का अध्ययन किया था।

नेशनल-लेवल पर हैं खिलाड़ी

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पढ़ाई, सर्टिफिकेट, सुंदरता के अलावा दोनों ही बहने नेशनल-लेवल की खिलाड़ी हैं, जिसमें ड्रेसज और शॉर्पजिंग के घुड़सवारी खेल शामिल हैं। दोनों ने ही कॉलेज के समय में तैराकी और बास्केटबॉल में हिस्सा लिया था, जिससे एक्टिविटी जैसी चीजों में मृणालिका और अक्षिता की शुरु से ही रुचि रही थी। मृणालिका एक सफल योग चिकित्सक भी हैं और भारत व विदेशों में आध्यात्मिक रिट्रीट की सुविधाएं प्रदान करती हैं। मृणालिका ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि "मैं हठ योग में प्रमाणित एक योग शिक्षक हूं, और स्वास्थ्य और जीवन शैली के क्षेत्र में कार्बनिक ब्रांडों के बारे में बहुत भावुक हूं"। मयूरभंज फाउंडेशन के द्वारा मृणालिका युवा महिलाओं को डांस, योग और मार्शल आर्ट सिखाती हैं।

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मृणालिका और अक्षिता ने सफल व्यवसाय किया 

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जब दोनों ही कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुकी थीं, तो न्यू यॉर्क में एक नौकरी शुरु की थी। मृणालिका को बार्सिलोना में स्थित पुइग में एक बड़ी कंपनी में नौकरी मिली, जिसमें लक्जरी फैशन और सुगंध व्यवसाय शामिल था। जबकि अक्षिता ने अंतर्राष्ट्रीय बचाव समिति, एक मानवीय सहायता संगठन के साथ काम किया था। जब दोनों बहनें ओडिशा वापिस आईं, तो अपने बिजनेस को बढ़ावा दिया। दोनों बहनें, मयूरभंज में स्थित 200 साल पुराने लक्जरी होटल की डायरेक्टर बनी थीं।

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