हमारे देश में शिक्षा, कला, विज्ञान, मनोरंजन और समाजकार्यों के लिए पद्म सम्मान दिए जाते हैं। जिसमें उन लोगों का नाम शामिल होता है, जिन्होंने इनमें से किसी भी क्षेत्र में अपना विशेष योगदान तो दिया ही है। साथ ही, जिन्होंने अपनी कुछ अलग पहचान भी बनाई है। इस क्रम में गणितज्ञ में सफलता हासिल करने वालों को रामानुजन पुरस्कार से दिया जाता है। हाल ही में, कोलकाता की भारतीय सांख्यिकी संस्थान में प्रोफेसर और गणितज्ञ नीना गुप्ता को रामानुजन पुरस्कार से नवाजा गया है।

उन्हें यह पुरस्कार एफाइन बीजगणितीय ज्यामिति और कम्यूटेटिव बीजगणित में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिया है। बता दें कि नीना गुप्ता कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान में गणितज्ञ प्रोफेसर हैं, जिन्होंने अपनी पढ़ाई भी कोलकाता से पूरी की है। हालांकि, नीना गुप्ता चौथी भारतीय भारतीय गणितज्ञ हैं, जिन्हें रामानुजन पुरस्कार से नवाजा गया है, तो चलिए जानते हैं नीना गुप्ता से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में...

नीना गुप्ता का सफर

neena gupta

नीना गुप्ता कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान में गणितज्ञ प्रोफेसर हैं। उन्होंने 2006 में कोलकाता के बेथ्यून कॉलेज से गणित ऑनर्स से स्नातक किया था। फिर इसके बाद नीना गुप्ता ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान से स्नातकोत्तर किया था। इसके बाद, नीना गुप्ता ने बीजगणितीय ज्यामिति में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की। इसी दौरान इन्होंने वर्ष 2014 में ज़ारिस्की की 'रद्दीकरण समस्या पर शोध किया था, जो प्रकाशित भी हुआ। (15 साल की गीतांजलि राव बनी 2020 की " kid of the year ")

पहले भी मिल चुके हैं ये पुरस्कार 

रामानुजन पुरस्कार विजेता नीना गुप्ता को 2014 में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी से 'यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड' मिला से भी नवाजा गया था। साथ ही, उनके काम की सरहाना करते हुए बीजगणितीय ज्यामिति में अब तक किए गए सर्वश्रेष्ठ कार्यों में से एक बताया गया था। इसके बाद, नीना गुप्ता को 2019 में 35 वर्ष की आयु में 'शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार' दिया गया। इसी के साथ नीना गुप्ता सबसे कम उम्र में यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिला बन गईं। उन्होंने 70 साल पुरानी गणित की पहेली - ज़ारिस्की की रद्दीकरण समस्या को सफलतापूर्वक हल कर लिया है।

इसे ज़रूर पढ़ें- जानें कौन हैं भारत की 29 महिलाएं जिन्हें साल 2021 में पद्म अवॉर्ड्स से किया गया सम्मानित

रामानुजन पुरस्कार क्या है?

what is ramanjan prize

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष एक प्रख्यात गणितज्ञ को दिया जाता है, जिसकी आयु उस वर्ष के 31 दिसंबर तक 45 वर्ष से कम है, और उसने विकासशील देशों में उत्कृष्ट शोध किया है। रामानुजन पुरस्कार पहली बार 2005 में प्रदान किया गया था और इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय गणितीय संघ के साथ संयुक्त रूप से सैद्धांतिक भौतिकी के लिए अब्दुस सलाम इंटरनेशनल सेंटर द्वारा प्रशासित किया जाता है। (नीना गुप्ता ने महिलाओं को रिलेशनशिप से जुड़ी ये नेक सलाह दी)

Recommended Video

इन्हें भी किया जा चुका है सम्मानित 

know about neena gupta

यह पुरस्कार नीना गुप्ता से पहले भारतीय गणितज्ञ रामदोराई सुजाता को 2006, अमलेंदु कृष्णा को 2015 और रीताब्रत मुंशी को 2018 में सम्मानित किया जा चुका है।

इसे ज़रूर पढ़ें- चलिए एक नज़र डालते हैं नोबेल पुरस्कार के इतिहास के पन्नों पर

 

यह बहुत ही गर्व की बात है कि भारत की चार महिलाओं को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit- (@Google)