हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र माना गया है। इस पौधे की घरों में पूजा भी की जाती है। वास्‍तु के लिहाज से भी तुलसी का पौधा घर पर लगाना बहुत ही शुभ बताया गया है। शास्त्रों में इस बात का जिक्र भी मिलता है कि तुलसी का पौधा देवी लक्ष्मी का स्वरूप है और इसकी जड़ में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। 

ऐसे में अगर आप नियमित रूप से रोज तुलसी के पौधे की पूजा करती हैं, तो आप देवी लक्ष्मी को प्रसन्न कर सकती हैं और सभी देवी-देवताओं का आर्शीवाद प्राप्त कर सकती हैं। तुलसी के पौधे की पूजा में परिक्रमा का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस बारे में पंडित एवं ज्योतिषाचार्य मनीष शर्मा जी कहते हैं, 'किसी भी देवी-देवता की परिक्रमा करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।' ऐसे में अगर तुलसी के पौधे की परिक्रमा की जाए, तो एक साथ सभी देवी-देवताओं की परिक्रमा हो जाती है। 

बहुत कम लोगों को इस बारे में पता है कि तुलसी के पौधे की परिक्रमा करने से घर में सुख और समृद्धि का वास होता है। मगर तुलसी के पौधे की परिक्रमा करने के कुछ नियम हैं, अगर आप इन नियमों का पालन करते हैं तो देवी लक्ष्‍मी के साथ-साथ जगत पिता श्री हरी विष्णु की भी विशेष कृपा आपको प्राप्त होती है। 

पंडित मनीष जी हमें बताते हैं कि कैसे आप तुलसी जी की परिक्रमा कर सकते हैं- 

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तुलसी परिक्रमा के विशेष नियम- 

  • तुलसी का पौधा अगर आपके घर पर है, तो आपको रोज सुबह-शाम उसकी पूजा करनी चाहिए। इसी दौरान तुलसी की परिक्रमा का विधान भी शास्त्रों में बताया गया है। मगर तुलसी जी की पूजा के लिए आपको सुबह सूर्योदय से पहले उठना होगा और स्नान करके साफ कपड़े पहनने होंगे। इसके बाद आप पहले उगते हुए सूर्य को अर्घ दें और फिर तुलसी को जल अर्पित करें। 
  • पंडित जी कहते हैं, 'तुलसी को जल देने का भी एक तरीका होता है। आप एक लोटा जल तुलसी पर न चढ़ाएं, इससे पौधे को नुकसान पहुंच सकता है। घर पर यदि एक ही तुलसी का पौधा है, तो उस पर एक बार ही घर का कोई भी सदस्य जल चढ़ा सकता है। बार-बार एक ही पौधे पर जल चढ़ाने से वह खराब भी हो सकता है। अगर घर पर कई सदस्य हैं, जो नियमित तुलसी के पौधे की पूजा करते हैं तो प्रत्येक सदस्य को छोटे तांबे के लोटे में जल लेकर तुलसी के पौधे में अर्पित करना चाहिए।'
  • पंडित जी यह भी बताते हैं कि तुलसी के पौधे में जल हमेशा उसकी जड़ में डालना चाहिए। इसके बाद बचे हुए जल का छिड़काव पौधे के अग्र भाग यानि की पत्तियों पर करना चाहिए। 
  • तुलसी पर जल चढ़ाने की प्रक्रिया में परिक्रमा भी शामिल होती है। पंडित जी बताते हैं, 'हमेशा तुलसी के पौधे को परिक्रमा करते हुए जल अर्पित करें और तुलसी की परिक्रमा केवल 3 बार ही करें।'
  • कई लोगों के घर में यह व्यवस्था नहीं हो पाती है और जहां तुलसी का पौधा लगा होता है, उस स्थान पर इतनी जगह ही नहीं होती है कि परिक्रमा की जाए। ऐसे में पंडित जी कहते हैं, 'अगर आप तुलसी के पौधे के चारों ओर घूम कर उसकी परिक्रमा नहीं कर पा रही हैं, तो आप जहां खड़े हो कर तुलसी को जल चढ़ा रही हैं वहीं पर 3 बार गोल-गोल घूम लें।'

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तुलसी परिक्रमा के वक्त इस मंत्र का करें उच्चारण 

जब तुलसी जी को जल अर्पित करें तो इस मंत्र 'महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।। ' उच्‍चारण जरूर करें। इससे आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

तुलसी का विशेष उपाय 

पंडित जी बताते हैं, 'एक तांबे के लोटे में जल लें और 5 से 11 पत्ते तुलसी के डालें। फिर आपको 24 घंटे के लिए लोटे को ढक कर रख देना है। इसके बाद दूसरे दिन इस जल को घर के सभी सदस्यों को पीने के लिए दें और बचे हुए जल का पूरे घर में छिड़काव करें। ' ऐसा नियमित करने पर आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा। यदि आप किसी कठिन कार्य में सफलता पाना चाहते हैं, तो वहां भी आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। इसके साथ ही, आपको आर्थिक तंगी का सामना कभी नहीं करना पड़ेगा। जब भी आपको धन की जरूरत होगी, कहीं न कहीं से उसकी व्यवस्था हो जाती है। 

अगर आपके घर पर भी तुलसी का पौधा लगा है, तो पंडित जी द्वारा बताए गए परिक्रमा के नियम का अनुसरण करें। यह जानकारी आपको पसंद आई हो, तो आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें। इसी के साथ, आप धर्म से जुड़े और भी आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

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