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शहरों के नाम बदलने में सरकार को क्यों खर्च करने पड़ते हैं लाखों रुपये

आजकल देश में कई शहरों के नाम बदले जा रहे हैं। ऐसे में जानें नाम बदलने के पीछे की पूरी प्रोसेस के बारे में।
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Published -04 Jul 2022, 12:59 ISTUpdated -04 Jul 2022, 13:20 IST
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how does government rename cities

बीते समय में कई भारतीय शहरों के नाम बदले गए हैं। इसके अलावा कई अन्य शहरों के नाम बदले जाने की आशंका है। इसी बीच एक बार फिर बदलते नाम चर्चा का विषय बने हैं। पर क्या आप जानते हैं कि किसी भी शहर या जिले का नाम बदलना इतना आसान भी नहीं होता है। इसके लिए आपको कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। बिना इस प्रक्रिया के कोई भी सरकार किसी भी शहर के नाम को नहीं बदल सकती है। बता दें, कि नाम बदलने के लिए केवल राज्य ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार की भी सहमति चाहिए होती है। 

इस तरह से बदले जाते हैं शहरों के नाम- 

how does government rename cities in india

  • किसी भी शहर या जिले का नाम बदलने के लिए सबसे पहले किसी विधायक या एमएलसी इसके लिए सरकार से मांग करना बेहद जरूरी होता है। बिना किसी एमएलसी या विधायक की आधिकारिक मांग के सरकार किसी भी शहर का नाम नहीं बदलती है।
  • कोई भी विधायक जब भी ऐसी मांग करता है तब सरकार(भारत सरकार) इस संबंध में जनता का पक्ष देखती है और यह जानने की कोशिश करती है कि क्या नाम बदलने की जरूरत है। इसके साथ ही सरकार शहर के नाम का इतिहास खंगलवाती है, जिससे नाम बदलने से जुड़ा फैसला लिया जा सके।
  • इसी के साथ शहर या जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव कैबिनेट तक जाता है। कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद शहर के नाम बदलने के फैसले पर मुहर लग जाती है। 
  • कैबिनेट में प्रस्ताव पारित होने के बाद नए नाम का गजट(ज्ञापन पत्र) कराया जाता है। गजट कराने के बाद से ही नए नाम की आधिकारिक शुरुआत होती है। इसी प्रक्रिया के तहत जिले या शहर का नामकरण हो जाता है।

नाम बदलने के पीछे खर्च होते हैं करोड़ों रुपये-

  • किसी भी जिले, स्थान या शहर का नाम में बदलने में काफी पैसे खर्च हो जाते हैं। यह खर्च 200 करोड़ रुपये से लेकर 500 करोड़ रुपये के करीब होता है। वहीं अगर किसी राज्य के नाम में बदलाव किया जाए, तो 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च हो सकता है।
  • यह खर्च देश और दुनिया में किसी भी शहर की प्रसिद्धि पर निर्भर करता है कि नाम बदलवाने पर कितने पैसे का खर्च आएगा। शहर के नए नाम के साथ ही वहां पर स्थित हर आधिकारिक स्थानों के नामों में बदलाव किया जाता है। तब जाकर किसी शहर का नाम बदलता है। 

नाम बदलने के पीछे हैं कई कारण- 

how indian government changes name of the city

किसी भी शहर के नाम बदलने के पीछे भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक कारण होते हैं। जिनके तहत शहरों के नाम में बदलाव किए जाते हैं। 

इसे भी पढ़ें- वो भारतीय शहर जिनके नामों में कई बार किए गए हैं फेरबदल

बदले जा चुके हैं कई शहरों के नाम- 

भारत में अब तक कई शहरों के नाम बदले जा चुके हैं। जिनमें इलाहाबाद, कानपुर, मुंबई, पणजी, चेन्नई, कोलकाता वाराणसी(वाराणसी में घूमने की जगहें) और पुणे जैसे शहरों के नाम शामिल हैं।

तो ये था हमारा आज का आर्टिकल जिसमें हमने आपको शहरों का नाम बदलने की पीछे की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया है। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें, साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ। 

Image Credit- wikipedia and indian railways

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