• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

जानें भारतीय नोटों के पीछे छपे हैं कौन-कौन से ऐतिहासिक स्मारक

10 से लेकर 500 रुपयों की नोटों पर नजर आते हैं ये प्रसिद्ध स्मारक।
author-profile
Published -10 May 2022, 14:58 ISTUpdated -10 May 2022, 15:24 IST
Next
Article
indian currency notes back side image

बीते सालों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नए नोट जारी किए गए। जिसमें 10, 20, 50, 100, 500, 10000 और 2000 के नोट शामिल थे। पुरानी मुद्रा के अपेक्षा इन नोटों के रंग में बदलाव किए गए थे। भारतीय नोटों में आपको हमारे देश की संस्कृति और खूबसूरत विरासत को साफ देख सकते हैं। चाहे वो नोट पुराने हों या फिर आज के दौर के, हमारे में देश में नोट के पीछे ऐतिहासिक इमारतें छपवाने का चलन काफी पुराना है। 

आज के इस आर्टिकल में हम आपको भारतीय नोटों के पीछे नजर आने वाली फेमस जगहों के बारे में बताएंगे, जो देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित हैं। तो देर किस बात की, आइए जानते हैं इन ऐतिहासिक इमारतों के बारे में- 

10 रुपये की नोट में छपा हैं सूर्य मंदिर- 

historical monuments printed on indian currencies

साल 2018 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 10 रुपये के नए नोट पेश किए गए। यह नया नोट पुराने 10 रुपये वाले नोट के मुकाबले आकार में छोटा था। नोट के एक तरफ गांधी की तस्वीर है, तो वहीं दूसरी तरफ ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर छापा गया है। यह भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जिसका निर्माण 13 शताब्दी में किया गया था। बता दें कि इस मंदिर को राजा नरसिंह देव प्रथम देव द्वारा बनवाया गया था। इस भव्य मंदिर को सूर्य के रथ के रूप में भी जाना जाता है। ओडिशा का यह मंदिर हिंदू परंपरा का सबसे खास उदाहरण है। इस मंदिर में 24 पहिए लगे हुए हैं, जो कि 24 घंटों में का प्रतीक होते हैं। इसके अलावा मंदिर में लगे 7 घोडे हफ्ते में 7 दिनों का प्रतीक हैं। कोणार्क मंदिर को साल 1984 में विश्व धरोहर के रूप में मान्यता मिली है। 

20 रुपये पर छपी हैं एलोरा की गुफाएं- 

which monument on  rupee note

जहां पहले 20 रुपये की नोट गुलाबी रंग की हुआ करती थी, वहीं अब यह बदलकर हरे रंग की हो गई है। बता दें कि इस नोट में एलोरा की गुफाएं छपी हुई हैं, जो कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित हैं। एलोरा गुफाएं में कुल 34 गुफाएं नजर आती हैं, जिसका निर्माण 6 वी से 8 शताब्दी के दौरान किया गया था। बता दें कि यह गुफाएं हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए मंदिर का प्रतीक है। इस गुफा की खास बात यह है कि इसे बनाया नहीं गया, बल्कि चरणनंदरी पहाड़ियों की चट्टानों से काटकर उकेरा गया है। यह नक्काशीदार गुफाएं भारत की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं, यही वजह है कि भारत की मुद्रा में इसे छापा गया है। 

इसे भी पढ़ें- भारत में चलता था 10 हज़ार रुपए का नोट, जानें कब और कैसे हुआ बंद

50 रुपये की नोट पर छपा है हम्पी- 

historical monument on  rupee note

50 की नोट को साल 2017 में जारी किया गया था। बता दें, कि 50 के नोट हल्के नीले रंग के होते हैं, जो कि इसे और भी हाइलाइट करते हैं। पुराने 50 के नोट में जहां संसद भवन की तस्वीर थी, वहीं नई नोट में हम्पी की फोटो छपी हुई है। इस शहर में लगभग 250 प्राचीन स्मारक और मंदिर मौजूद हैं। 1500 ईसवी में, हम्मी शहर विजयनगर साम्राज्य की राजधानी के रूप में जाना जाता था, उस दौर में यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर हुआ करता था। हालांकि अब इस शहर के राजधानी का रूप खो दिया है, हम्पी के कई स्मारक अब खंडहरों में बदल गए हैं। बता दें कि सन 1986 में यूनेस्को द्वारा भारत में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। 

100 रुपये की नोट पर छपी है रानी की वाव- 

indian currency notes back side images

100 रुपये के हरे रंग वाले पुराने नोट भला कौन भूल सकता है। हालांकि, अब इनकी जगह नए नोटों ने ले ली है। पहले जहां नोटों पर कंचनजंगा छपा हुआ करता था, वहीं अब इनमें गुजरात के पाटन में स्थित रानी की वाव स्मारक छपा नजर आता है। यह एक प्रसिद्ध बावड़ी है, जिसका निर्माण 11वीं शताब्दी में सोलंकी रानी उदयमती ने करवाया था। रानी उदयमती ने अपने पति राजा भीमदेव को समर्पित प्रेम और स्मृति के प्रतीक रूप में जाना जाता है। सरस्वती नदी में बाढ़ आने के बाद, यह स्मारक पूरी तरह से डूब गया था। जिसके बाद 1980 के दशक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा इस स्थान को दोबारा खोजा गया। इस ऐतिहासिक इमारत को साल 2014 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी शामिल किया गया है।

इसे भी पढ़ें- 100, 200, 500 और 2000 रुपए के एक नोट को छापने में खर्च होते हैं इतने रुपए

200 रुपये की नोट में नजर आता है सांची स्तूप- 

monument on  rupee note

इससे पहले 200 रुपये के नोट नहीं जारी किए जाते थे। लेकिन साल 2017 में पहली बार नारंगी कलर के नोट आरबीआई द्वारा जारी किए गए। इस नोट में मध्य प्रदेश का सांची स्तूप छपा नजर आता है। जो कि एक प्रसिद्ध बौद्ध स्मारक है। इस स्मारक का निर्माण दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में सम्राट अशोक द्वारा किया गया था। आज भी हजारो बौद्ध सैलानी इस स्तूप के दर्शन करने जाते हैं। इस स्मारक की सुंदर नक्काशीदार तोरण देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं, जिसमें बुद्ध के जीवन की कहानियां देखने को मिलती हैं। साल 1989 में यूनेस्को द्वारा इस स्मारक को विश्व धरोहर घोषित किया गया। 

500 के नोट में नजर छपा है लाल किला- 

monument on  rupee note

500 की नोट को बिल्कुल अलग अंदाज में तैयार किया गया है। इस नई मुद्रा में लाल किले की खूबसूरत झलक देखने को मिलती है, जो देश की ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। इस इमारत का निर्माण साल 1639 में मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा बनवाया गया था। भारत की आजादी के बाद से हर साल इस दिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराया जाता है।

 

तो ये थी नोट पर छपी भारत की ऐतिहासिक इमारतें, जिनके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें, साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ। 

Image Credit- freepik and wikipedia

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।