Humans of Bombay पर अक्सर इंस्पिरेशनल स्टोरीज के बारे में जानने का मौका मिलता है। इस फेसबुक पेज पर आई ऐसी ही एक स्टोरी महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लेकर आ रही है। यह कहानी है एक पिता की, जो अपनी बेटी के साथ उसी के कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं और पढ़ाई की अपनी चाह पूरी कर रहे हैं। इस कहानी को बेटी ने ही शेयर किया है। बेटी ने लिखा, 'मेरे पिता की दिलचस्पी कानून की पढ़ाई में थी। वह लॉ की पढ़ाई करना चाहते थे, लेकिन जब वह यंग थे, तब उनके पेरेंट्स उनकी पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकते थे। इसीलिए वह कंसल्टेंट बन गए और एक फर्म में काम करने लगे। 

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बेटी के लॉ में एडमिशन लेने पर इंस्पायर हुए पिता

इस बेटी ने अपने पिता की फिर से पढ़ाई करने की कहानी को विस्तार से बताया है। दरअसल जब इस बेटी ने लॉ की पढ़ाई शुरू की, तब उनके पिता हमेशा उनसे क्लास और सबजेक्ट के बारे में पूछते रहते थे। इसी दौरान पिता को इस बात का अहसास हुआ कि वह कॉलेज जा सकते हैं और वह काम कर सकते हैं, जो वह हमेशा से करना चाहते थे। इसीलिए आप चाहें यकीन करें या ना करें, मैं और मेरे पिता एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं और वह मेरे जूनियर हैं। 

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कॉलेज में साथ में करते हैं पढ़ाई

father started education again inside

अक्सर सुनने में आता है कि पिता अपने बच्चों को पढ़ाई करने और करियर को सीरियसली लेने के लिए डांट लगाते हैं, लेकिन यहां ये पिता और बेटी कॉलेज में साथ में पढ़ाई करते हैं, प्रोफेसर से विषय पर बात करते हैं, क्लासमेट्स के साथ बैठकर अपने असाइनमेंट पूरे करते हैं। बेटी ने बताया कि पिता को फिर से अपने पैशन को फॉलो करते हुए देखकर मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है। इस तस्वीर में पिता और बेटी जिस तरह से खड़े नजर आ रहे हैं, उससे ही समझा जा सकता है कि इनकी बॉन्डिंग कितनी गहरी है। 

इस पोस्ट पर अब तक 12000 से ज्यादा लाइक्स आ चुके है और कमेंट्स भी ढेर सारे हैं। लोग इस इंस्पायरिंग स्टोरी को पढ़कर पिता और बेटी की तारीफ कर रहे हैं, साथ ही पिता के फिर से पढ़ाई करने के जज्बे की तारीफ भी कर रहे हैं। 

इस तरह अपने सपने पूरे करें

अक्सर देखने में आता है कि किसी परिस्थिति के कारण लोग अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। लेकिन ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं, जहां लोग फिर से अपने सपनों को पूरा करने के लिए पढ़ाई शुरू करते हैं। पिता की अपनी बेटी के साथ फिर से कानून की पढ़ाई शुरू करना उन सभी पेरेंट्स को इंस्पायर करता है, जो अभी भी पढ़ने की ख्वाहिश रखते हैं। खासतौर पर ऐसी महिलाएं, जहां जो बच्चों की परवरिश के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ देती हैं या फिर दोबारा अपने करियर की शुरुआत करना चाहती हैं। वाकई पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती, किसी भी उम्र में दोबारा एक नई शुरुआत की जा सकती है।