ये बात जगजाहिर है कि बेटियां पिता के कलेजे का टुकड़ा होती हैं। पिता की उनकी ज़िंदगी में एक अहम जगह होती है और ये बात बॉलीवुड में भी साफ नज़र आती है। पिछले कुछ सालों में बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी की चमक बिखेरने वाली कई एक्ट्रेसेसे हैं, जिनकी कामयाबी में उनके पिता का एक अहम रोल है। आज फादर्स डे पर हम आपको मिलवाते हैं ‘बाप-बेटी’ की ऐसी ही कुछ जोड़ियों से, जिनका रिश्ता खुद में एक मिसाल है। 

1. महेश भट्ट और आलिया भट्ट

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महेश भट्ट को एक फिल्म निर्देशक के तौर पर कौन नहीं जानता। लेकिन आज की तारीख में लोग उन्हें सिर्फ एक फिल्म निर्देशक/ निर्माता नहीं बल्कि आलिया भट्ट के पिता के तौर पर भी जानते हैं। यूं तो महेश भट्ट की बड़ी बेटी पूजा भट्ट ने भी फिल्मों में काम किया, लेकिन एक पिता के तौर पर उन्हें जो रूतबा और नाज़ अपनी छोटी बेटी आलिया की बदौलत हासिल हुआ वो उनके लिए निश्चित तौर पर फ़क्र की बात है। महेश भट्ट और आलिया भट्ट की जोड़ी आज के दौर में बाप-बेटी के रिश्ते के लिए एक नायाब उदाहरण हो सकते हैं, जिसमें पिता बेटी को सिर्फ़ ज़ुबानी आज़ादी नहीं देता बल्कि साहस भरता है अपनी ज़िंदगी के फैसले लेने के लिए और साथ ही देता है भरोसा कि वो हर हाल में उसके साथ खड़ा होगा। वहीं आलिया एक बेटी के तौर पर साबित करती हैं कि कैसे एक बेटी अपनी मेहनत, लगन और साहस से अपने बाप का सिर गर्व से ऊंचा कर सकती है। कुछ सालों के आलिया के करियर में बहुत से ऐसे मौके आए जब उनसे ग़लतियां हुईं, वो पिता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं लेकिन महेश भट्ट हर घड़ी में उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहे और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया, जिसका नतीजा सामने है। 

2. अनिल कपूर और सोनम कपूर

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बॉलीवुड में ‘बाप-बेटी’ की ऐसी ही एक चर्चित जोड़ी है अनिल कपूर और सोनम कपूर। इस जोड़ी की ख़ास बात है इनकी जबरदस्त केमिस्ट्री। अनिल और कपूर शायद उन कुछ बाप-बेटियों में से हैं, जिनके बीच किसी भी बात की पर्दादारी नहीं होती। अनिल कपूर ने बचपन से ही सोनम कपूर को एक बेटी नहीं बल्कि एक बेटे की तरह पाला और यही वजह है कि ना केवल सोनम में अदाकारी में अपनी एक अलग पहचान बनाई बल्कि अपने लिए एक इंडिपेडेंट वूमन की इमेज भी बनाई, जो हर मुद्दे पर अपनी बेलाग राय ज़ाहिर करने के लिए जानी जाती है। हाल ही में एक बाप के तौर पर अनिल कपूर के लिए बेहद पेचीदा वक्त आया जब एक ही दिन उनकी दो बेटियों (सोनम कपूर और रिया कपूर) की फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ और बेटे हर्षवर्धन कपूर की फिल्म ‘भावेश जोशी’ रिलीज हुईं। ज़ाहिर तौर पर ये मुश्किल घड़ी थी, एक तरफ़ तो उनकी बेटी (सोनम कपूर) जो एक जमी-जमाई हिरोइन हैं कि मल्टी स्टारर फिल्म थी तो दूसरी तरफ़ एक्टिंग करियर में संघर्ष कर रहे बेटे (हर्षवर्धन) की छोटे बजट की फिल्म। लेकिन उन्होंने बेटे के फेवर में सोनम और रिया पर फिल्म की रिलीज डेट बदलने का कोई दबाव नहीं बनाया बल्कि वो इस घड़ी में दोनों के साथ खड़े नज़र आए और साबित किया कि वो बेटे और बेटी में कोई भेदभाव नहीं करते। इसमें कोई शक नहीं कि सोनम कपूर एक बेहतरीन अदाकारा हैं, लेकिन इस बात से भी कोई इनकार नहीं कर सकता कि आज वो अपने करियर के जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके पिता अनिल कपूर की भी एक अहम भूमिका है, जिन्होंने सोनम को अपनी मनमर्जी करने और अपने फैसले लेने की पूरी छूट दी और किसी बात का कोई दबाव नहीं बनाया। 

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3. शक्ति कपूर और श्रद्धा कपूर

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शक्ति कपूर और श्रद्धा कपूर की जोड़ी बॉलीवुड के बाकी बाप बेटियों से एक मायने में बेहद अलग है। श्रद्धा कपूर शायद आज के दौर की इकलौती हिरोइन हैं जिन्होंने अपने टैलेंट के दम पर बॉलीवुड में अपने पिता से कहीं बड़ा मुकाम हासिल किया है। बहुत बड़ी आबादी श्रद्धा कपूर को शक्ति कपूर की बेटी के तौर पर नहीं बल्कि शक्ति कपूर को श्रद्धा कपूर के पिता के तौर पर जानती है। और निश्चित तौर पर ये अहम उपलब्धि है। लेकिन इस उपलब्धि में श्रद्धा कपूर से कहीं ज्यादा बड़ी भूमिका उनके पिता और अपने ज़माने के मशहूर कॉमेडियन रहे शक्ति कपूर की है, जिन्होंने श्रद्धा को ऐसी परवरिश दी कि उन्होंने ना केवल अपनी अदाकारी बल्कि गायिकी के टैलेंट को भी एक्सप्लोर किया। आम तौर पर बाप के नाम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी बेटे पर होती है लेकिन श्रद्धा कपूर ने ना केवल इस धारणा को ग़लत साबित किया बल्कि ये भी बताया कि बेटियां बेटों के मुकाबले कतई कमतर नहीं होतीं। शक्ति कपूर ने हाल ही में कहा था कि हमें अपनी बेटियों को अपने पसंद से जिंदगी जीने की आज़ादी देनी चाहिए फिर चाहे वो उनका करियर हो या फिर उनका शादी-विवाह। इसमें कोई शक नहीं कि शक्ति कपूर की आज़ाद ख़याल सोच से भी श्रद्धा को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस मिला होगा। 

4. करीना, करिश्मा और रणधीर कपूर

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रणधीर कपूर का रिश्ता अपनी बेटियों करीना कपूर और करिश्मा कपूर के साथ सामान्य नहीं था। रणधीर कपूर ने अपने जमान के हिट एक्ट्रेस बबिता से शादी की थी। शादी के कुछ सालों तक इनका रिश्ता अच्छा रहा, लेकिन एक समय के बाद उनकी फिल्में नहीं चलीं और वह अपना अधिकतर वक्त पार्टियों में बिताने लगे। इसी को लेकर बबिता और रणधीर कपूर के बीच तनाव बढ़ता चला गया और दोनों अलग रहने लगे। इस बीच करीना और करिश्मा दोनों की परवरिश का जिम्मा पूरी तरह से बबिता ने उठा रखा था। हालांकि अपनी जिंदगी और करियर के शुरुआती सालों में रणधीर कपूर अपनी बेटियों के लिए बहुत ज्यादा वक्त नहीं दे पाए, लेकिन फिर भी बेटियों के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव बना रहा। करिश्मा कपूर जब अपनी निजी जिंदगी में मुश्किलों से जूझ रही थीं, तब उन्होंने अपनी बेटी को काफी सपोर्ट किया। आज के समय में वह अपनी दोनों बेटियों के सुख-दुख में बराबर के भागीदार होते हैं। उनका साथ उनकी बेटियों को यकीन दिलाता है कि वे जिंदगी के हर मुकाम पर उन्हें अपने साथ खड़ा पाएंगी। इसी इमोश्नल स्ट्रेंथ के कारण करीना और करिश्मा अपनी पर्सनल लाइफ में बेहद स्ट्रॉन्ग साबित हुई हैं और अपने रिश्तों में गर्मजोशी बनाए रखने में कामयाब रही हैं। 

5. शत्रुघ्न सिन्हा और सोनाक्षी सिन्हा

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शत्रुघ्न सिन्हा बॉलीवुड में अपने कड़क मिजाज के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन अपनी बेटी सोनाक्षी सिन्हा के लिए वह हमेशा से ही सुपरकूल पिता रहे हैं। सोनाक्षी जिस तरह से फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हुए ग्रो कर रही हैं, उससे शत्रुघ्न काफी खुश हैं। उन्हें अपनी बेटी की एक्टिंग की यह चीज काफी दिलचस्प लगती है कि वह किरदार में पूरी तरह से रम जाती हैं। लुटेरा में वह पूरी तरह से एक बंगाली लड़की नजर आ रही थीं, वहीं सन ऑफ सरदार में एक परफेक्ट पंजाबी कुड़ी। शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने फिल्मी सफर में जिस तरह का संघर्ष और उतार-चढ़ाव देखा, उसके मद्देनजर वह अपनी बेटी को सीख देते हैं कि उन्हें अपनी राह में आने वाली हर चीज को स्वीकार करते चलना चाहिए। वह कहते हैं, 'कोई भी चीज हमेशा के लिए नहीं होती। सबकुछ बदल जाता है यहां तक कि हम भी। इसीलिए लोगों के साथ विनम्रता से पेश आओ, लेकिन अपनी बात पर अडिग रहो। इस कंपटीटिव दुनिया में साबित करो कि तुम दूसरों से बेहतर हो।' सोनाक्षी को पिता शत्रुघ्न की मिली बेहतरीन परवरिश का ही नतीजा है कि वह एक इंडिपेंडेंट लाइफ जीती हैं और दायरों से बाहर जाकर अपनी क्षमताओं को परखने का माद्दा रखती हैं।