जैसे ही बच्चा बड़े होने लगते हैं पेरेंट्स उसको अच्छी आदतें सिखाना शुरू कर देते हैं। सच बोलना, गाली न देना, बड़ों की रेस्पेक्ट करना, झगड़ा न करना जैसी आदतें बच्चों को सिखाई जाती हैं। इसी के साथ सभी पेरेंट्स अपने बच्चों को ज़िम्मेदार भी बनाना चाहते हैं जो शायद हर एक बच्चे को कामयाब बनाने के लिए ज़रुरी भी होता है। लेकिन जब पेरेंट्स अपने बच्चों को उनके अपने बेसिक काम करने में मदद कर रहे हैं तो कहीं न कहीं वो अपने बच्चों को डिपेंडेंट बना देते हैं। इससे उम्र के हर पड़ाव पर बच्चों में आश्रित रहने की आदत बन जाती है। जिससे बच्चे जीवन में हर काम को दूसरों की मदद से करते हैं। अगर आप अपने बच्चे को आत्मविश्वास से परिपूर्ण कर उनको भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं तो ये टिप्स आपके काम आ सकते हैं।

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बेसिक कामों की लिस्ट बनाएं

child and mother inside

बच्चों को इंडिपेंडेंट बनाने के लिए आप उनके बेसिक कामों की एक लिस्ट तैयार करें। उनसे पूछें कि वो कौन से काम खुद कर सकते हैं और किन काम के लिए मदद की ज़रूरत है। जो काम वो खुद नहीं कर सकते उसके लिए आप बच्चों को अपने सामने प्रैक्टिस कराएं। आपको जो काम उनकी उम्र अनुसार मुश्किल लगते हैं उनको लिस्ट से बाहर कर दें।

परफेक्शन की उम्मीद न पाले

child in cycle inside

जब बच्चे किसी शुरू करते हैं तो ध्यान रखिए कि शुरुआत में उनसे गलतियां भी हो सकती हैं। अगर वो खुद से पानी लेकर पीने की कोशिश कर रहा है और गलती से पानी गिर जाए तो उसको डांटे नहीं। उसको आराम से वह काम करने का तरीका समझाएं। उसको बताएं कि गलतियां तो सभी से हो सकती हैं। काम परफेक्शन से न होने पर बच्चों को काम करने से न रोकें।

काम निपटाने के लिए उचित समय दें 

mother and kid inside

शुरुआत में बच्चों को कोई भी काम करने में थोड़ा ज़्यादा टाइम लगता है। उनको अपना काम करने के लिए पूरा समय दें। अगर आपके बच्चे को सुबह स्कूल यूनिफॉर्म पहनने में 10 मिनट लगते हैं तो आप इसको देखकर स्ट्रेस न लें। बल्कि आप इसके लिए अपना रूटीन 10 मिनट पहले शुरू कर दें। इस तरह बच्चे को तैयार होने के लिए सफिशिएंट टाइम मिल जाएगा।

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रूटीन फॉलो करना सिखाएं 

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अपनी ज़िम्मेदारियां निभाने के लिए बच्चों को एक रूटीन की जरूरत होती है। उनका शेेड्यूल डेली बदलने से उनको अपने काम के लिए कन्फ्यूजन पैदा हो जाता है। अगर बच्चा सोने से पहले अपने सारे खिलौने अपनी जगह पर रखता है तो उसको यही रूटीन रोज़ाना करने को कहें। बाद में या कल करना यह कहकर उसके रूटीन म बदलाव न करें। जिम्मेदार बनाने के लिए किसी भी काम को डेली एक ही रूटीन में फॉलो करना सिखाएं।

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प्रशंसा करते रहें

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बच्चा जब भी अपने काम करना शुरू कराता है तो हो सकता है कि वो उस काम को परफेक्शन न करें या उस काम को कर ही न पाए। लेकिन आप उसके किए गए प्रयास को सराहें। भले ही बच्चा गलती करे लेकिन वो सीखेगा करके ही इस तथ्य को हमेशा ध्यान रखें। मोटिवेशन मिलने से बच्चा लगातार उस काम को करते रहेगा और एक दिन बिना आपकी हेल्प के इंडिपेंडेंटली उस काम को करना सीख जाएगा। 

Image Credit: tub-com & insightpsychology