• ENG | தமிழ்
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

Pitru Paksh 2021: पितृ दोष से मुक्ति के लिए पितृ पक्ष के दिनों में जरूर करें ये काम

पितृ पक्ष में पितृ दोष से मुक्ति के लिए आप एक्सपर्ट के बताए कुछ आसान उपायों को फॉलो कर सकते हैं।   
author-profile
Published -16 Sep 2021, 11:26 ISTUpdated -20 Sep 2021, 08:32 IST
Next
Article
pitra dosh remedy aarti dahiya

पितृपक्ष का पूरा समय पूर्वजों को समर्पित होता है और ऐसा माना जाता है कि इन 16 दिनों के समय में हमारे मृत पूर्वज धरती पर आते हैं। इन पूरे दिनों में मृत पितर भोजन और जल प्राप्ति की इच्छा लिए हुए धरती पर आते हैं और उनकी पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करने और जल तर्पण करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति भी होती है। लेकिन वहीं दूसरी और यह भी मान्यता है कि यदि किसी वजह से पितर नाराज़ हो जाते हैं तो यह घर में पितृ दोष का कारण बनता है और पितरों को शांति नहीं मिलती है। 

पितरों के नाराज होने से यदि पितृ दोष हो जाता है तो घर में हमेशा अशांति बनी रहती है। ऐसे में किसी भी उपाय को अपनाकर पितृ दोष को मुक्त करना जरूरी होता है। आइए एस्ट्रोलॉजर और वास्तु स्पेशलिस्ट डॉ आरती दहिया जी से जानें कि घर में पितृ दोष होने पर क्या -क्या परेशानियां हो सकती हैं। 

क्या होता है पितृ दोष 

pitra dosh

आरती दहिया जी बताती हैं कि पितृ दोष  एक अत्यधिक कष्टदायक कुण्डली का दोष माना जाता है। मृत पूर्वजों के अतृप्त होने के कारण वंशजों को किसी प्रकार का कष्ट पहुंचाना ही इस दोष की तरफ़ संकेत करता है । इसे सरल भाषा में  पितृ ऋण भी कहा जाता हैं। ज्योतिष के अनुसार पितृ दोष और पितृ ऋण से पीड़ित कुंडली, शापित कुंडली कही जाती है। हालांकि धारणा यह भी है कि व्यक्ति अपने कर्मों से भी पितृदोष का निर्माण कर लेता है और अपने आने वाली पीढ़ियों को सौग़ात के रूप में दे देता है। मान्यतानुसार अपने पूर्वजों का अपमान करने से भी पितृ ऋण बनता है, इस ऋण का दोष आपके बच्चों पर भी लगता है। इसलिए कुछ आसान उपायों से इस दोष को दूर करना ही हितकारी होता है। 

इसे जरूर पढ़ें:Pitru Paksha 2021: जानें कब से शुरू हो रहा है पितृ पक्ष, राशियों के अनुसार करें ये काम

pitra dosh remedy by aarti dahiya

पितृदोष या पितृ ऋण के प्रभाव

संतान की ओर से कष्ट

यदि व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष या पितृ ऋण होता है तो इसके प्रभाव से व्यक्ति की मान प्रतिष्ठा का अभाव होने लगता है। उस व्यक्ति को संतान की ओर से कष्ट मिलता है और संतान के स्वास्थ्य के खराब रहने या बुरी संगति में होने के योग बनते हैं। के कारण व्यक्ति को मान प्रतिष्ठा का अभाव रहता है।

विवाह में बाधा या वैवाहिक जीवन में प्रभाव 

pitra dosh wedding effects

पितृ दोष की वजह से विवाह में बाधा जैसी कई समस्याएं होती हैं। इस दोष के परिणामस्वरूप विवाह ना होना या विवाह होने में बहुत समस्या होना। वैवाहिक जीवन में कलह होना जैसी कई समस्याएं होना एक आम बात है। यदि विवाह में देरी हो रही है और पति -पत्नी के बीच लड़ाई झगड़े बढ़ रहे हैं तो आप पितृ दोष के निवारण हेतु उपाय करें।  

पितृ दोष के अन्य प्रभाव 

  • पितृ दोष की वजह से कई अन्य प्रभाव भी होते हैं जैसे परीक्षा में बार-बार फेल होना। 
  • नौकरी ना मिलना या बार-बार नौकरी छूटना। 
  • गर्भपात या गर्भधारण में बहुत ज्यादा समस्या होना। 
  • बच्चे की अकाल मृत्यु हो जाना या मंदबुद्धि बच्चे का जन्म होना। 
  • बहुत मेहनत के बावजूद व्यापर ना चलना। 
  • घर में कलह क्लेश रहना और परिवार में हर बात को लेकर मतभेद होना। 
  • पिता पुत्र का संबंध अच्छा ना होना। 

पितृ दोष के निवारण हेतु उपाय 

अमावस्या तिथि में गरीबों को भोजन कराएं 

अमावस्या के दिन किसी निर्धन को भोजन कराएं। गरीबों को भोजन कराने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है। इसलिए पितृ पक्ष के दौरान जितना ज्यादा हो सके गरीबों को दान पुण्य करना और भोजन कराना चाहिए। मुख्य रूप से अमावस्या तिथि में गरीबों को भोजन कराना फलदायी होता है।  

पीपल के वृक्ष की देखभाल करें 

peepal tree

पितृ पक्ष के दौरान पीपल के वृक्ष की मुख्य रूप से देखभाल करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है। इसलिए पितृ दोष से निवारण के लिए पीपल का वृक्ष लगवाएं और उसकी देखभाल करें। 

Recommended Video

पितृ दोष के अन्य उपाय 

  • पितृ पक्ष में ग्रहण काल में दान अवश्य करें। 
  • श्रीमदभगवद्गीता का नित्य प्रातः पाठ करें। 
  • भगवान शिव की पूजा अमावस्या तिथि पर अवश्य करें। 
  • दैनिक कर्म काध्यान रखें। 
  • महा मृतुंजय का जाप नियमित रूप से करें। 
  • पितृपक्ष में हनुमान चालीसा नियमित रूप से पढ़ें। 
  • कौवों को भोजन कराएं। 
  • गौशाला में यथाशक्ति दान दें। 
  • यथाशक्ति ब्राह्मण से गायत्री मंत्र का जाप करवाएं। 
  • गरीब कन्या का विवाह करवाएं। 
  • पितृ शांति का विशेष मंत्र ॐ पितृ देवतायै नम:का जाप करें। 

पितृ पक्ष के दौरान उपर्युक्त उपायों को आजमाकर पितरों को प्रसन्न करने के साथ पितृ दोष से मुक्ति पा सकते हैं। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik        

बेहतर अनुभव करने के लिए HerZindagi मोबाइल ऐप डाउनलोड करें

Her Zindagi
Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।